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अक्सर पेरेंट्स को यह चिंता रहती है कि सोशल मीडिया पर कोई चेक या रोक न होने के कारण बच्चे हर तरह का कंटेंट देख सकते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेटा ने टीन अकाउंट सिक्योरिटी सिस्टम वाले फीचर को फेसबुक के साथ ही मैसेंजर पर भी लागू कर दिया है।
Settings for Facebook and Messenger: सोशल मीडिया के इस दौर में टीनएजर्स को इन प्लेटफार्म से दूर रखना एक मुश्किल टास्क है। ऐसे में मेटा लगातार नए सिक्योरिटी सिस्टम पर काम कर रही है। इंस्टाग्राम पर टीनएजर्स के लिए ‘टीन अकाउंट’ सिक्योरिटी सिस्टम लागू करने के बाद अब मेटा फेसबुक और मैसेंजर जैसे प्लेटफॉर्म के लिए भी नए सिस्टम लाया है। क्या है इसमें खास टीनएजर्स के साथ ही पेरेंट्स के लिए यह जानना जरूरी है।
इसलिए उठाया है कदम

अक्सर पेरेंट्स को यह चिंता रहती है कि सोशल मीडिया पर कोई चेक या रोक न होने के कारण बच्चे हर तरह का कंटेंट देख सकते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेटा ने टीन अकाउंट सिक्योरिटी सिस्टम वाले फीचर को फेसबुक के साथ ही मैसेंजर पर भी लागू कर दिया है। इस सिक्योरिटी सिस्टम का उद्देश्य टीनएजर्स को सोशल मीडिया पर मौजूद गलत कंटेंट से दूर रखना है। इंस्टाग्राम पर यह सिक्योरिटी सिस्टम पहले ही लागू हो चुका है। जिसकी सफलता के बाद इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।
इन चार देशों से शुरुआत
मेटा के अनुसार अब से 16 साल से कम उम्र के जो बच्चे फेसबुक या मैसेंजर पर अकाउंट बनाएंगे वे अपने आप ‘टीन अकाउंट्स’ में काउंट होंगे। बच्चों को सोशल मीडिया यूज की सारी परमिशन पेरेंट्स से लेनी होगी। फिलहाल यह फीचर्स अमेरिका, यूके, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में शुरू कर दी गई है। अब इसे बाकी देशों में भी लागू करने की तैयारी है।
यह है सिस्टम की खासियत
यह सिक्योरिटी सिस्टम कई मायनों में खास है। इसमें कई चरणों में सुरक्षा स्टेप्स हैं। अब पेरेंट्स खुद तय कर सकेंगे कि कौन शख्स बच्चों को मैसेज भेज सकता है और कौन नहीं। टैग करने की परमिशन भी पेरेंट्स देंगे। इतना ही नहीं पेरेंट्स खुद बच्चों की उम्र के अनुसार कंटेंट को फिल्टर कर सकेंगे। साथ ही अनुपयुक्त कंटेंट को रोक भी पाएंगे।
दिनभर सोशल मीडिया देखना बंद
मेटा का कहना है कि नए सिस्टम के तहत पेरेंट्स बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम भी सेट कर सकते हैं। तय समय पर यह खुद-ब-खुद रिमाइंडर देगा। वहीं रात में ‘क्वाइट मोड’ शुरू हो जाएगा। जिससे टीनएजर्स दिनभर बिना रोक टोक के सोशल मीडिया का उपयोग नहीं कर सकेंगे।
नहीं बना पाएंगे लाइव वीडियो
बच्चे माता-पिता की बिना इजाजत के लाइव वीडियो शूट नहीं कर पाएंगे। इस सिक्योरिटी सिस्टम का सबसे खास फीचर है अब पेरेंट्स यह भी तय कर पाएंगे कि बच्चों को कितने समय के लिए सोशल मीडिया से ब्रेक लेना है। 16 साल से कम उम्र के बच्चे पेरेंट्स की बिना इजाजत लिए इन सिक्योरिटी सेटिंग्स में कोई बदलाव नहीं कर पाएंगे।
एआई के उपयोग से लगेगा चेक
मेटा का दावा है कि ये सिक्योरिटी सेटिंग्स काफी प्रभावी हैं। क्योंकि इंस्टाग्राम के 97% टीनएज यूजर्स इन्हें फॉलो कर रहे हैं। इंस्टाग्राम में पब्लिक पॉलिसी की ग्लोबल डायरेक्टर तारा हॉपकिंस ने एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में बताया कि अगर कोई 16 साल से कम उम्र का बच्चा खुद को 18 प्लस का बताने की कोशिश करेगा तो भी ऐसा नहीं कर पाएगा। इसके लिए मेटा आईडी और येती के जरिए एआई वीडियो सेल्फी का सहारा लेगी। यूजर के व्यवहार और एआई टूल के जरिए भी यूजर की उम्र पता लगाने की कोशिश की जाएगी।
स्क्रीनशॉट पर भी विचार
हॉपकिंस का कहना है कि मेटा सेक्सटॉर्शन के लिए स्क्रीनशॉट लेने जैसी घटनाओं को रोकने पर भी विचार कर रहा है। इसके लिए मेटा लगातार तकनीक का उपयोग कर रहा है। जिससे यूजर्स को सुरक्षित माहौल मिल सके। हॉपकिंस ने कहा कि अगर नई सिक्योरिटी सेटिंग्स के कारण टीनएजर्स फेसबुक, इंस्टाग्राम और मैसेंजर का उपयोग करना कम भी कर दें तो भी उन्हें कोई चिंता नहीं है। क्योंकि उनके लिए बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी है।
