Messenger यूजर्स को झटका! अब लैपटॉप और मैक पर नहीं चलेगा मैसेंजर ऐप
मेटा ने घोषणा की है कि 15 दिसंबर 2025 से विंडोज और मैक पर Facebook Messenger का डेस्कटॉप ऐप बंद कर दिया जाएगा। यूजर्स अब messenger.com या फेसबुक वेबसाइट के जरिए ही चैट कर सकेंगे।
Messenger Desktop App: फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा ने मैसेंजर यूजर्स के लिए एक अहम घोषणा की है। कंपनी ने बताया है कि 15 दिसंबर 2025 से विंडोज और मैक पर चलने वाला मैसेंजर डेस्कटॉप ऐप बंद कर दिया जाएगा। इसका सीधा असर उन यूजर्स पर पड़ेगा जो अपने लैपटॉप या डेस्कटॉप पर मैसेंजर का इस्तेमाल करते थे।
अब नहीं चलेगा मैसेंजर ऐप लैपटॉप पर
मेटा की ओर से जारी अपडेट में कहा गया है कि 15 दिसंबर के बाद यूजर्स अपने डेस्कटॉप पर मैसेंजर ऐप नहीं चला पाएंगे। कंपनी ऐसे सभी यूजर्स को नोटिफिकेशन के जरिए सूचित कर रही है कि ऐप का सपोर्ट खत्म किया जा रहा है। मेटा ने सलाह दी है कि यूजर्स अपने लैपटॉप से ऐप को अनइंस्टॉल कर दें, क्योंकि इसके बाद यह ऐप काम नहीं करेगा।हालांकि, राहत की बात यह है कि स्मार्टफोन यूजर्स पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा मोबाइल ऐप पहले की तरह चलता रहेगा।
क्या होंगे विकल्प
डेस्कटॉप ऐप बंद होने के बाद यूजर्स के पास दो विकल्प रहेंगे- फेसबुक वेबसाइट के जरिए चैट करना और मैसेंजर का वेब वर्जन उपयोग करना। इस बदलाव के बाद डेस्कटॉप एप्लिकेशन से सीधे चैट करना संभव नहीं होगा, लेकिन ब्राउज़र पर मैसेंजर चलाना जारी रहेगा।
चैट हिस्ट्री कैसे रखें सुरक्षित
मेटा ने यूजर्स को अपनी चैट हिस्ट्री सुरक्षित रखने के लिए गाइडलाइन भी जारी की है।
जो लोग विंडोज या मैक पर मैसेंजर इस्तेमाल करते हैं, उन्हें वेब वर्जन पर जाने से पहले “Secure Storage” फीचर को एक्टिवेट करना होगा।
इसके लिए सबसे पहले मैसेंजर की सेटिंग्स में जाएं। अब Privacy and Safety सेक्शन पर क्लिक करें। वहां से End-to-End Encryption विकल्प चुनें। Message Storage पर टैप करें। अब ‘Turn On Secure Storage’ को ऑन करें। एक PIN कोड सेट करें — ताकि आपकी चैट हिस्ट्री सुरक्षित रहे। इसके बाद जब आप मैसेंजर के वेब वर्जन पर लॉगिन करेंगे, आपकी पुरानी चैट हिस्ट्री वहीं उपलब्ध रहेगी।

इस वजह से लिया गया यह फैसला
टेक पोर्टल TechCrunch की रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा अपने डेस्कटॉप इकोसिस्टम को सरल बनाने और सभी प्लेटफॉर्म्स पर एकसमान अनुभव देने पर काम कर रही है। संभावना है कि कंपनी भविष्य में ब्राउज़र-आधारित चैट फीचर्स को और एडवांस्ड बनाएगी, ताकि किसी अलग ऐप की जरूरत न पड़े।
यूजर्स पर असर
ऐसे लोग जो लोग रोज़ाना लैपटॉप से मैसेंजर का उपयोग करते हैं, उन्हें अब वेबसाइट लॉगिन पर शिफ्ट होना पड़ेगा। जो यूजर्स स्मार्टफोन ऐप का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए कोई बदलाव नहीं होगा। यह फैसला डेस्कटॉप ऐप पर निर्भर उपयोगकर्ताओं के लिए असुविधाजनक साबित हो सकता है।
मेटा का यह फैसला उपयोगकर्ताओं के लिए एक बड़ा बदलाव है। हालांकि ऐप बंद होगा, लेकिन मैसेंजर की सेवाएं वेबसाइट और मोबाइल पर जारी रहेंगी। अगर आप भी लैपटॉप या डेस्कटॉप पर मैसेंजर इस्तेमाल करते हैं, तो 15 दिसंबर से पहले अपनी चैट हिस्ट्री को सुरक्षित कर लें और वेब वर्जन पर शिफ्ट होने की तैयारी करें।
