त्यौहारों पर घर के साथ अपने मन को भी सँवारे: Mental Health Care In Festival
Mental Health Care In Festival

Mental Health Care In Festival: हम त्यौहार पर अपना घर संवारते ही हैं। फिर चाहे खूबसूरत फूल से सजाना हो , खूबसूरत रोशनियों से सजाना हो या फिर रंगोली बना कर सजाना हो हम घर को बड़े प्यार से संवारते हैं। अपने घर को सुन्दर लाइट्स से सजाना किसे नहीं पसंद और फिर त्यौहारों पर तो रौनक ही अलग होती है। हर तरफ सकारात्मकता होती है उल्लास होता है। हम अपने जीवन में कुछ भी अच्छा शुरू करना चाहते हैं तो आप त्यौहारों के दिनों को चुनते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इन दिनों को हम शुभ मानते हैं। लेकिन इन शुभ दिनों पर हमारा मन सहज न हो या शांत हो तो क्या दिन हमारे लिए शुभ होंगे? ये भय मन में आता ही है कि अपने मन को इस वातावरण के लिए कैसे तैयार करें। घर को संवार चुके होते हैं लेकिन अपने मन को कैसे सँवारे। तो चलिए जानते हैं कुछ आसान टिप्स जिसकी मदद से आप अपने घर को ही नहीं बल्कि अपने मन को भी संवार सकते हैं।

घर के सँवारने के कई तरीके हैं लेकिन मन को संवारने के कितने तरीके हैं क्या आपने कभी इस पर ग़ौर किया है? , जब त्यौहारों पर हम अपने घर को सँवारने के बारे में कुछ चीज़ें सोचते हैं तो क्यों न मन को सँवारने के लिए भी कुछ किया जाए। जी हाँ मन का संवरना आपके घर के संवरने से ज़्यादा ज़रूरी है। क्योंकि आप कितना भी घर संवार लें लेकिन जब तक आपका मन अच्छा नहीं होगा आपको कुछ भी नहीं भाएगा।

1) आत्मविश्वास से कहें ‘सब ठीक है’

कई बार ऐसा होता है कि हम किसी त्यौहार की ख़ुशी खुल कर नहीं मना पाते। उसका कारण है कि हमारे मन में कुछ अजीब तरह की उलझने होती हैं। और कई बार कुछ बातें जो मन के भीतर चलती हैं उनका कोई अर्थ नहीं होता बस हम उन्हें सोच कर बड़ा बनाते रहते हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि आप बड़े आत्मविश्वास के साथ कहें कि ‘सब कुछ ठीक है’ अपने मन को यक़ीन दिलाइये कि सब कुछ ठीक है और ज़्यादा नहीं सोचना है सिर्फ़ त्यौहार को एन्जॉय करना है।

2) मेहमानों से मिलें

आजकल एक जो सबसे बड़ी समस्या हो गयी है वो ये है कि हम ज़्यादा किसी से मिलना नहीं चाहते। ये अकेलापन हमारे मन में भय पैदा करता है। और फिर त्यौहार तो ऐसी चीज़ है कि आप उसे अकेले मना ही नहीं सकते बगैर अपनों के कोई त्यौहार , त्यौहार कहाँ रह जाता है। इसलिए बहुत ज़रूरी है कि आप लोगों से मिलें और तब आप महसूस करेंगे कि वाक़ई आपने त्यौहार मनाया है और आपका मन अच्छा हो गया है।

3) छोटी छोटी बातों को करें नज़र अंदाज़

कई बार हम छोटी-छोटी बातों पर बेवजह इतना सोचने बैठ जाते हैं कि अपना मूड ख़राब कर बैठते हैं। ऐसा करने से साल भर में एक बार आने वाला त्यौहार भी अच्छा नहीं बीतता। ऐसे में अपने मन को संवारना आपकी ज़िम्मेदारी बन जाती है ताकि इन छोटी छोटी बातों के चक्कर में हमारा बड़ा त्यौहार बेकार न रह जाए। इसलिए इस वक़्त ज़रूरी है कि आप चीज़ों को नज़रअंदाज़ करना सीखें और पूरे मन से सिर्फ़ खूबसूरत त्यौहार पर ध्यान दें।

4) सोशल मीडिया से लें ब्रेक

सोशल मीडिया तो आजकल जीवन का हिस्सा ही नहीं बल्कि जीवन ही बन गया है। सोशल मीडिया पर हर व्यक्ति इतना व्यस्त है कि वो अपनी असल दुनिया में रहना ही नहीं चाहता। उसे सोशल मीडिया की दुनिया ही भाती है। फिर सोशल मीडिया पर हम कई बार कुछ ऐसे ह्रदय विदारक चीज़ों से

5) करें ऑफलाइन शॉपिंग

आजकल त्यौहारों पर ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज है। हर कोई ऑनलाइन शॉपिंग पर ही निर्भर है। ये सच है कि ऑनलाइन शॉपिंग में आपको कहीं जाना नहीं पड़ता इसलिए आपका समय भी बचता है। लेकिन कितना अच्छा हो कि हम शॉपिंग करने बाज़ार जाएं। इस तरह हम कई सारी चीज़ें देखते हैं जैसे सुन्दर तरह से सजा बाज़ार , सुन्दर कपड़े और सजावट के सामान देखकर मन खुश हो जाता है। किसी जगह का असर हमारे मन पर ज़रूर पड़ता है। जब हम बाज़ार की रौनक देखते हैं तो अपने आप ही मन में एक उल्लास आता है। जिससे मन हल्का होता है।

सृष्टि मिश्रा, फीचर राइटर हैं , यूं तो लगभग हर विषय पर लिखती हैं लेकिन बॉलीवुड फीचर लेखन उनका प्रिय विषय है। सृष्टि का जन्म उनके ननिहाल फैज़ाबाद में हुआ, पढ़ाई लिखाई दिल्ली में हुई। हिंदी और बांग्ला कहानी और उपन्यास में ख़ास रुचि रखती...