जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की विशेषता
उत्तराखंड राज्य में स्थित यह पार्क तक़रीबन 1318 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस पार्क में तरह तरह के पक्षियों और पौधों की एक बहुत बड़ी शृंखला है।
Jim Corbett Tour: जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क हमारे देश के सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। इस बात से इसका महत्व और भी पढ़ जाता है जब पता चलता है कि यह एशिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान भी है। हमारे देश के उत्तराखंड राज्य में स्थित यह पार्क तक़रीबन 1318 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस पार्क में तरह तरह के पक्षियों और पौधों की एक बहुत बड़ी शृंखला है। इस जगह पर आकर आप जानवरों की हजारों प्रजातियों को देख सकते हैं। यदि आप घूमने का मन बना रहे हैं तो आपको एक बार जिम कॉर्बेट जरूर जाना चाहिए। इस जगह पर जंगल सफारी के साथ साथ हाथी की सवारी, जंगल कैम्पिंग और ट्रैकिंग का भी मजा लिया जा सकता है।
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जंगल सफारी

जिम कॉर्बेट में जंगल सफारी का अपना एक अलग ही रोमांच होता है। क्योंकि आप जंगल सफ़ारी के दौरान ना सिर्फ़ सफ़ारी का मज़ा लेते हैं बल्कि पार्क में मौजूद तमाम तरह के जानवरों को देख भी पाते हैं। इस जगह पर सफ़ारी के लिए एक नहीं बल्कि दो-दो विकल्प मौजूद होते हैं। पहला जीप सफ़ारी, दूसरा कैंटर सफ़ारी। जीव सफ़ारी का दायरा काफ़ी ज़्यादा है जबकि कैंटेर सफ़ारी पार्क में मुख्य क्षेत्र के लिए ही उपलब्ध हो पाती है लेकिन इस क्षेत्र में बंगाल टाइगर के दिखने की संभावना अधिक रहती है। इस तरह के सफ़ारी का आयोजन एक बार सुबह और एक बार शाम, दो ही वक़्त किया जाता है। प्रत्येक जीप में 6 लोगों को बैठने की अनुमति है, इससे अधिक लोग नहीं बैठ सकते हैं।
हाथी सफारी

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में हाथी सफारी का भी विकल्प मौजूद है। यदि आपको हाथियों से प्यार और लगाव है तो आप हाथी सफ़ारी के दौरान उनसे मस्ती करते हुए सैर कर सकते हैं। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में होने वाली तमाम तरह की गतिविधियों में हाथी सफारी को सबसे अच्छा माना जाता है। सफ़ारी के दौरान वन्य जीवन का आनंद लेने के साथ साथ सुंदर घाटियों, घने जंगलों, नदी के किनारों को देखा जा सकता है। इस पार्क में आपको कई तरह के पक्षी चहकते हुए आपको दिख जायेंगे। घने जंगलों में इन उड़ते हुए पक्षियों को देखना मन को बहुत ज़्यादा सकून देता है। इस दौरान आप स्तनधारियों के साथ साथ सरीसृप जैसे कि मगरमच्छ, अजगर को देख सकते हैं।
कॉर्बेट म्यूजियम

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में जाकर कॉर्बेट म्यूजियम नहीं देखा तो आपकी यात्रा अधूरी रह जाएगी। पूरे राष्ट्रीय उद्यान में कॉर्बेट म्यूजियम का सठन सबसे ख़ूबसूरत है। अपनी यात्रा के दौरान आप इस जगह के आकर्षण से चाहकर भी नहीं बच पायेंगे। इस जगह पर जाकर आपको जिम कॉर्बेट के बंगले का भी आभास कर पाएँगे क्योंकि यह संग्रहालय उसी बंगले में स्थित है जोकि जिम कॉर्बेट- का घर हुआ करता था। यह संग्रहालय उनके लिखे संस्मरणों, उनके कई निजी सामान और उनके द्वारा लिखे गए पत्रों को संरक्षित और प्रदर्शित करता है। आप इस जगह पर आकर जिम कॉर्बेट में किए गए उनके काम और उनके प्रयासों से जुड़ी तमाम कहानियों को भी जान सकते हैं।
जिम कॉर्बेट में कैम्पिंग
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में कैम्पिंग करना बहुत सारे लोगों का सपना होता है। क्योंकि कैम्पिंग के दौरान आपको एक बहुत ही ख़ूबसूरत और जगह पर रात रुकने का मौक़ा मिलता है। कैम्पिंग के दौरान आप उस जगह के साथ साथ, वहाँ के मौसम और आसपास होने वाली गतिविधियों को भी एंजोय कर सकते हैं। कैम्पिंग को घुमक्कड़ी से जुड़ी सबसे शांतिपूर्ण गतिविधियों में रखा गया है। यह पार्क कैम्पिंग के साथ पकेज लेने पर आपको मछली पकड़ने और बॉनफायर जैसी चीजें करने की भी सहूलियत देता है। कैम्पिंग के दौरान आपको शांति का ख़्याल रखना होता है। आपके आसपास जानवर हो सकते हैं, इसलिए शोर नहीं मचाए।
कॉर्बेट वॉटरफॉल
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में एक और जो बेहतरीन चीज है वह है कॉर्बेट वॉटरफॉल। यह वॉटरफॉल रामनगर से नैनीताल जाते समय लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 66 फ़ीट की ऊँचाई से गिरता, घने जंगलों से घिरा यह वॉटरफॉल एक तरफ़ जहां सैलानियों को शांत वातावरण प्रदान करता है वहीं दूसरी तरफ़ उनके मन में रोमांच भी भरता है। इस जगह को सबसे ज़्यादा लोग पूर्णिमा की रातों में देखना पसंद करते हैं। कई प्रकृति प्रेमी इस झरने के पास कैम्पिंग आदि करना पसंद करते हैं। इस झरने तक पहुंचने के लिए आपको सड़क मार्क से उतरकर दो किमी की ट्रेकिंग करनी होती है जोकि आपके इस यात्रा के रोमांच को और भी ज़्यादा बढ़ा देता है।
गर्जिया मंदिर

जिम कॉर्बेट में स्थित गर्जिया मंदिर को इस जगह के सबसे दर्शनीय धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। जिसकी वजह से जिम जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क आने वाले सैलानी इस जगह पर जाते ही जाते हैं। यह कोसी नदी के किनारे एक बहुत बड़ी सी चट्टान पर स्थित है। इस जगह पर वैसे तो पर साल तीर्थयात्रि आते हैं लेकिन नवंबर और दिसंबर के बीच लोगों का आना जाना सबसे ज़्यादा होता है और भक्तों की भीड़ रहती है। इस जगह पर आकर गर्जिया मंदिर के दर्शन करने के साथ आपको लक्ष्मी-नारायण की प्राचीन मूर्ति भी देखने को मिलेगी, ऐस अकहा जाता है कि ये 9वीं शताब्दी की है, जिसे काले ग्रेनाइट से बनाया गया है। इस जगह पर आने वाले लोग मंदिर में प्रवेश करने से पहले कोसी नदी में स्नान करना पसंद करते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के मौक़े पर दर्शन करना शुभ माना गया है।
जिम कॉर्बेट में रिवर राफ्टिंग
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में इतना कुछ घूमने और देखने के बाद कुछ और मज़ेदार करना चाहते हैं तो आपके पास रिवर राफ़्टिंग का भी विकल्प मौजूद है। यह जिम कॉर्बेट के तमाम मुख्य आकर्षणों में से एक है। इस जगह पर कोसी नदी इसी पार्क से होकर बहती है। जिसकी वजह से रिवर राफ्टिंग करने की बहुत ही ख़ूबसूरत सहूलियत रहती है। सैलानियों के लिए राफ़्टिंग करने का सबसे अच्छा समय मानसून का होता है। नदी का यह मार्ग आपको घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच से होकर गुज़रता है, जिससे आपको प्रकृति का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। आप साहसिक पर्यटन में रुचि रखते हैं तो यह ऐक्टिविटी ज़रूर करनी चाहिए।
