Summary: भारत-जापान संबंधों में माचा चाय की मिठास: डिप्टी CM दिव्या कुमारी और जापानी राजदूत की खास भेंट
राजस्थान की डिप्टी CM दिव्या कुमारी ने नई दिल्ली में जापानी राजदूत ओनो केइची से मुलाकात की, जहां उन्हें पारंपरिक माचा चाय से स्वागत किया गया। इस अनोखी भेंट से भारत-जापान सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती मिली।
Japanese Ambassador Served Matcha to Rajasthan Deputy CM: आजकल लोगों में माचा टी का क्रेज काफी बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इसके दीवाने हुए जा रहे हैं, लेकिन यह जापानी चाय सिर्फ स्वाद में ही लाजवाब नहीं है, बल्कि सेहत के लिए भी कमाल है। इसी बीच भारत-जापान संबंधों को मजबूती देने के उद्देश्य से जापानी राजदूत ओनो केइची ने एक अनोखी पहल की है। हाल ही में भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची ने राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिव्या कुमारी का नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर स्वागत किया।
जापानी राजदूत ने खुद बनाई डिप्टी CM के लिए माचा
Welcomed H.E. @KumariDiya, Deputy CM of Rajasthan, at my residence and
— ONO Keiichi, Ambassador of Japan (@JapanAmbIndia) August 21, 2025
served her freshly whisked #matcha, in the spirit of Chado – the Way of Tea.🍵
We shared a thoughtful conversation on boosting tourism between Japan and Rajasthan. May our cultural bridges grow ever stronger. pic.twitter.com/A7OEDhlRQ8
दरअसल, पारंपरिक वेशभूषा में सजे जापानी राजदूत ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत एक तातामी-मैट वाले कमरे में किया। पारंपरिक स्वागत के अलावा, जापानी अधिकारी ने चाडो- चाय के तरीके – के जापानी दर्शन के अनुरूप ताज़ी माचा चाय तैयार की और उपमुख्यमंत्री को परोसी। ओनो केइची ने X पर लिखा, “राजस्थान की उपमुख्यमंत्री माननीया @KumariDiya का अपने आवास पर स्वागत किया और उन्हें चाडो – चाय के तरीके – की भावना के अनुरूप ताज़ी फेंटी हुई #Matcha चाय परोसी।”
माचा से शुरू हुई नई बातचीत
Had the pleasure of being warmly welcomed at the residence of Mr. ONO Keiichi, Ambassador of Japan to India, with freshly whisked matcha in the spirit of Chado – the Way of Tea.
— Diya Kumari (@KumariDiya) August 21, 2025
Ahead of my visit to Japan for the JATA Tourism EXPO, we discussed strengthening ties and boosting… pic.twitter.com/oNIQXdRH2G
साथ ही उपमुख्यमंत्री ने दिव्या कुमारी ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर भी इस मुलाकात के बारे में पोस्ट किया, स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया, साथ ही बताया दोनों देशों में सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर चर्चा हुई। “उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वह JATA पर्यटन एक्सपो के लिए जापान जाएंगी और यह मुलाकात राजस्थान और जापान के बीच संबंधों को मज़बूत करने और पर्यटन सहयोग को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
माचा टी बनी भारत-जापान मैत्री की मिसाल

सोशल मीडिया पर यह तस्वीरें खूब वायरल हो रही है। यूज़र्स ने जापानी राजदूत की विचारशीलता की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, “मुझे आपके घर का शांत और सादगी भरा माहौल बहुत पसंद आया, महामहिम राजदूत। हमें अपना घर दिखाने के लिए धन्यवाद। अरिगातोउ गोज़ाइमासु.” जबकि दूसरे ने लिखा, “यह बेजोड़ कूटनीति है.”
माचा टी क्या होती है ?

माचा एक जापानी पाउडर वाली हरी चाय है जो कैमेलिया साइनेंसिस पौधे की विशेष रूप से छाया में उगाई गई पत्तियों से बनाई जाती है। इस बारीक पाउडर को गर्म पानी में घोलकर और फेंटकर पीया जाता है, जिससे एक झागदार, हरे रंग का पेय बनता है जिसका अपना अनोखा वनस्पति और उमामी स्वाद होता है। माचा को पारंपरिक रूप से জাপनी चाय समारोहों में इस्तेमाल किया जाता है और इसे स्वादिष्ट पेय, कुकीज़ और आइसक्रीम में भी मिलाया जाता है। इसमें ऐसे कई गुण मौजूद होते हैं, जो हमारी सेहत को दुरुस्त बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
माचा टी पीने के होते हैं कई फायदे ?

शरीर को करता है डिटॉक्स
माचा चाय में क्लोरोफिल की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है और लिवर को हेल्दी रखता है।
दिमाग की काम करने की क्षमता बढ़ाता है
माचा में एल-थीनाइन नाम का एमिनो एसिड पाया जाता है, जो दिमाग को शांत करता है और फोकस बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही, इसमें मौजूद कैफीन धीरे-धीरे शरीर में रिलीज होता है, जिससे एनर्जी बनी रहती है और नर्वसनेस नहीं होती।
मेटाबॉलिज्म तेज करता है

माचा चाय में मौजूद कैटेचिन्स खासतौर से EGCG शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाते हैं, जिससे कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है। मेटाबॉलिज्म बूस्ट होने की वजह से वजन कम करने में भी मदद मिलती है।
दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद
माचा चाय कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बैलेंस करने में मदद करती है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण आर्टरीज को हेल्दी रखते हैं।
