एक से एक पहलवानों को किया चित: Vinesh Phogat Journey
Vinesh Phogat Journey

Vinesh Phogat Journey: पेरिस ओलंपिक में भले ही विनेश फोगाट गोल्ड मैडल नहीं जीत पाईं लेकिन उन्होंने देशवासियों का खूब प्यार और सहयोग पाया। पेरिस ओलंपिक में फाइनल से पहले खेले गए मैच में उन्होंने विदेशी महिला पहलवानों को जमकर धूल चटाई। फाइनल मुकाबले में सिर्फ 100 ग्राम वजन के चलते ओलंपिक से बाहर हुईं विनेश का जीवन बचपन से ही संघर्ष और मेहनत से भरपूर रहा। इस लेख में हम उनके जीवन के कुछ हिस्सों पर रोशनी डालेंगे।

ये कहना गलत नहीं होगा कि हरियाणा के फोगाट परिवार ने देश को सबसे ज्यादा महिला पहलवान दिए हैं। हाल ही में इस परिवार से चर्चित पहलवान हैं विनेश फोगाट, जिन्होंने पेरिस ओलिंपिक में अपना दमखम दिखाया। लेकिन फाइनल मैच के दौरान 100 ग्राम वजन अधिक होने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। महिला पहलवान विनेश फोगाट भले ही पेरिस ओलिंपिक में गोल्ड मेडल नहीं जीत पाईं लेकिन देशवासियों का दिल जीतने में वो कामयाब रहीं। ओलिंपिक में विदेशी महिला पहलवानों को एक-एककर धूल चटाने वाली विनेश का बचपन आम लड़कियों जैसा बिल्कुल नहीं रहा। क्योंकि जिस उम्र में लड़कियां घर-घर खेलते हुए चहकती हैं उस उम्र में विनेश ने अखाड़े में खेलना शुरू किया। और तब से आज तक उनका जीवन ही दंगल बना हुआ है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि उन्होंने छोटी ही उम्र से हालातों से लडऩा शुरू कर दिया। अक्सर अधिकारों की बात करने वालीं विनेश ने रेसलिंग फेडरेशन ऑप इंडिया के पूर्व चीप बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ नाबालिक महिला पहलवानों के साथ यौन शोषण के मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन भी किया।

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5 साल की उम्र में रखा अखाड़े में पैर

Vinesh Phogat Journey
Vinesh Phogat

केवल पांच साल की छोटी सी उम्र में विनेश ने अखाड़े की मिट्टी को अपने माथे से लगाया। और 9 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया। विनेश के पिता राजपाल फोगाट महावीर फोगाट के छोटे भाई थे। राजपाल फोगाट की उनके घर के सामने ही गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। इसके बाद विनेश का संघर्ष शुरू हुआ। विनेश और उनकी बहन प्रियंका फोगाट को उनके ताऊ महावीर फोगाट ने ही पहलवानी के गुर सिखाए थे। बबीता फोगाट, गीता फोगाट, रितु फोगाट, संगीता फोगाट, दुष्यंत फोगाट विनेश के कजिन हैं और सभी पहलवान हैं। पिता की मौत के बाद विनेश अखाड़े के साथ अपनी मां का सहारा बनी। उन्होंने मां के साथ खेती-बाड़ी और पशुपालन में मदद करना शुरू किया। 

2018 में चुना जीवनसाथी

विनेश ने साल 2018 में पूर्व पहलवान सोमवीर राठी के साथ लव मैरिज की थी। इस शादी में खेल जगत से कई मशहूर हस्तियां शामिल हुई थीं। स्पोट्र्स कोटा से भारतीय रेलवे में नौकरी के दौरान विनेश और सोमवीर की मुलाकात हुई थी। धीरे-धीरे दोनों की मुलाकात दोस्ती में बदली और यही दोस्ती आगे चलकर प्यार में बदल गई। साल 2018 में ही जब विनेश जकार्ता एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर लौटीं तो सोमवीर ने उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर प्रपोज किया। विनेश के जीवन का ये दिन किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। और इसी साल दोनों ने हिन्दू रीति रिवाजों से शादी कर ली। 

विनेश ने शादी में 7 नहीं लिए थे 8 फेरे

विनेश ने अपनी शादी को खास बनाने के लिए सात नहीं बल्कि आठ फेरे लिए थे। उनका आठवां फेरा समाज के लिए एक संदेश के तौर पर था। उनका ये फेरा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी खिलाओ को समर्पित था। विनेश के इस अनोखे कदम की चर्चा देभर में हुई। 

डाइट 

एक पहलवान का खानपान और लाइफस्टाइल आम व्यक्ति से बिल्कुल अलग होता है। बतौर पहलवान विनेश भी एक सख्त डाइट प्लान को फॉलो करती हैं। वो हाई प्रोटीन और न्यूट्रिशियस फूड सेवन करती हैं, जिससे उन्हें मैदान में कुश्ती के दौरान भरपूर ऊर्जा और ताकत मिलती रहे। अगर उनकी रोजाना डाइट की बात करें तो वो अपने दिन की शुरुआत अंडे, दलिया और फलों के साथ होती है। दिन के खाने में वो घर का बना खाना, जैसे- दाल, चावल, रोटी और सब्जी आदि खाती हैं। शाम के स्नैक्स में वो सूखे मेवे और रात के खाने में सूप और सलाद जैसा हल्का खाना खाती हैं। उन्हें दूध और दही खाना काफी पसंद है। लेकिन वो मिठाई और घी से दूरी बनाए रखती हैं। विनेश एक बार में ही पेट भरकर खाना खाने के बजाए अपने खाने को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर खाती हैं। वो बाहर का खाना बिल्कुल नहीं खाती। इतने सख्त डाइट प्लान के बावजूद विनेश चीट डे भी रखती हैं जिसमें वो अपनी पसंद का सिमित मात्रा में खाना खाती हैं। डाइट के साथ विनेश मानसिक संतुलन के लिए योग और ध्यान का भी अभ्यास करती हैं, जो मैदान में उन्हें अपने गेम पर फोकस करने में मदद करता है।

उपलब्धियां

Vinesh Phogat's Achievements
Vinesh Phogat’s Achievements

विनेश ने अपनी चचेरी बहनों के नक्शेकदम पर चलते हुए कुश्ती में कदम रखा था। उन्होंने कुश्ती में कई उपलब्धियां हासिल की। ओलिंपिक के फाइनल में पहुंचने वाली विनेश पहली भारतीय महिला पहलवान बनी, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड बना। उन्होंने तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मैडल जीत इतिहास रचा। दो विश्व चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज मैडल और एशियाई गेम्स 2021 में गोल्ड मैडल हासिल किया। साल 2016 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार और 2020 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा वो ऐसी पहली एथलीट बनी जिन्हें लॉरियल वल्र्ड स्पोट्र्स से सम्मानित किया गया। 

लंबे बालों का शौक

एक लड़की होने के नाते विनेश को लंबे बालों का शौक है, लेकिन कुश्ती जैसे खेल में संस्कृति के चलते पहलवानों को लंबे बाल रखने की अनुमति नहीं होती। लेकिन साल 2015 में विनेश को ट्रेनिंग कैंप के दौरान लंबे बाल करने का मौका मिला। ये शौक वो इसलिए पूरा कर पाईं क्योंकि उस दौरान उनके साथ ताऊ महावीर फोगाट नहीं थे। हालांकि उनके वो लंबे बाल सिर्फ उनके कंधों को ही छू रहे थे। कुश्ती में लंबे बालों से जुड़ा किस्सा फिल्म ‘दंगल’ में भी है, जब गीता फोगाट दिल्ली में कुश्ती अभ्यास के दौरान अकेडमी में रहते हुए बाल लंबे कर लेती हैं। इस दौरान महावीर फोगाट गीता के पास नहीं होते और जब वो गीता को लंबे बालों में देखते हैं तो नाराज हो कर डांट लगाते हैं। ये फिल्मी सीन विनेश की असल जिंदगी से काफी मिलता-जुलता है।

वर्तमान में गृहलक्ष्मी पत्रिका में सब एडिटर और एंकर पत्रकारिता में 7 वर्ष का अनुभव. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी दैनिक अखबार में इंटर्न के तौर पर की. पंजाब केसरी की न्यूज़ वेबसाइट में बतौर न्यूज़ राइटर 5 सालों तक काम किया. किताबों की शौक़ीन...