Q- एक प्रेगनेंट महिला को किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
A- प्रेगनेंट महिला को गर्भ धारण के पहले महीने से ही आयोडीन लेना शुरू कर देना चाहिए। यही नहीं उन्हें प्रति दिन कितनी मात्रा में लेनी चाहिए और कई ऐसी जानकारियाँ नहीं पता है। उन्हें आयोडीन के महत्व के बारे में बताने की जरूरत है। ताकि महिलाएं जाने की इसके लेने से उन्हें पोषक तत्व मिलता है, वहीं इससे होने वाले शिशु के मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम के विकास में भी मदद मिलता है।
Q- बच्चे के विकास के लिए इसका क्या महत्व है?
A- यह बच्चे के मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम के विकास में मदद करता है। साथ ही बच्चे के मेटाबॉलिज्म को भी नियंत्रित करता है। आयोडीन लेने से गर्भावस्था के दौरान होने वाले गर्भपात, समय से पहले डिलीवरी और बच्चे के जन्म से पहले गर्भ में मृत्यु के बढ़ते जोखिमों से बचाता है।
Q- आप किसी कैम्पेन से जुड़ी हैं, आखिर आपका इस कैम्पेन से जुड़ने का क्या मकसद है?
A- हां, मैं #MissngI कैम्पेन से जुड़ी हूं, जो टाटा नमक द्वारा चलाया गया है। इसका मकसद है प्रेगनेंट महिलाओं में आयोडीन के प्रति जागरूकता पैदा करना। टाटा नमक की यह पहल मुझे अच्छी लगी और मैं मां बनने वाली हूं, तो मुझसे बेहतर कौन समझ सकता है आयोडीन के महत्व को कि यह प्रेगनेंट महिलाओं के लिए कितना आवश्यक है। इसलिए मैंने इस कैम्पेन से जुड़ने का सोचा क्योंकि इसके जरिए गर्भवती महिलाओं को सही जानकारी के साथ इसके महत्व के बारे में बताया जा सकता है।
Q- प्रेगनेंट महिलाएं अपने आहार में क्या-क्या शामिल कर सकती हैं?
A- प्रेगनेंट महिलाएं अपने आहार में सफेद मछली, केला, अंडे, दूध, दही और पनीर का सेवन कर सकती हैं। साथ ही सफेद नमक भी क्योंकि इसमें आयोडीन की मात्रा अधिक पाई जाती है।
Q- बच्चों में आयोडीन की कमी के कारण क्या-क्या समस्याएं उत्पन्न होती हैं?
A- इसके कमी के कारण छोटा कद होने की परेशानी, बाकी बच्चों की तुलना में दिमाग का धीरे विकास करना, गर्भपात की समस्या और गॉइटर की समस्या सामने आ सकती है। इसलिए इसका सही मात्रा में सेवन करना जरूरी होता है।
Q- प्रति दिन आयोडीन कितनी मात्रा में लेनी चाहिए?
A- देखा जाए तो एक सामान्य व्यक्ति को रोज़ाना औसतन 150 माइक्रोग्राम आयोडीन की जरूरत होती है और एक गर्भवती महिला की बात की जाए तो उन्हें ज्यादा मात्रा यानी 200 से 220 माइक्रोग्राम आयोडीन की मात्रा प्रति दिन लेनी चाहिए। अगर गर्भवती महिला में आयोडीन की कमी होती है, तो महिला और बच्चे दोनों पर ही दुष्प्रभाव पड़ता है।
