Eco-hybrid cruise on Yamuna River, Delhi skyline, heritage views.
Delhi's Zero-Emission Yamuna Cruise Adventure Begins

Summary : क्रूज़ सेवा के जरिये पर्यटन का नया अध्याय लिखने को तैयार

यह न केवल नदी को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में एक अहम कदम है बल्कि पर्यटकों को एक अनोखा अनुभव भी देगी।

Yamuna River Cruise Delhi : दिल्ली की यमुना नदी जो कभी शहर की जीवनरेखा थी, अब पर्यटन का नया अध्याय लिखने को तैयार है। दिल्ली सरकार और पर्यटन विभाग की योजना के तहत दिसंबर 2025 तक यमुना पर क्रूज सेवा शुरू हो जाएगी। यह न केवल नदी को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में एक अहम कदम है बल्कि पर्यटकों को एक अनोखा अनुभव भी देगी। ये क्रूज दिल्ली की प्राचीन विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक स्थिरता का संगम पेश करेंगे। यह सेवा पूरे साल चलेगी और दिल्ली को एक इको-फ्रेंडली टूरिज्म हॉटस्पॉट के रूप में चमकाएगी।

Eco-hybrid cruise on Yamuna River, Delhi skyline, heritage views.
Delhi’s Zero-Emission Yamuna Cruise Adventure Begins

यमुना क्रूज की सबसे बड़ी खासियत है इसकी इलेक्ट्रिक-सोलर हाइब्रिड प्रणाली जो डीजल इंजनों की जगह सूर्य की ऊर्जा और बैटरी पावर पर चलेगी। ये क्रूज शून्य उत्सर्जन वाले होंगे जो यमुना को साफ रखने में मदद करेंगे। दो ऐसे क्रूज शुरूआत में उतरेंगे जो सौर पैनलों से दिन भर चार्ज रहेंगे। पर्यटकों के लिए यह न केवल एक सवारी है बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता का प्रतीक भी। सूरज की किरणों में चमकते क्रूज पर सवार होकर नदी की लहरों को महसूस करना, एक ऐसा अनुभव होगा जो दिल्ली की हवा को तरोताजा कर देगा।

गर्मियों की तपिश से लेकर सर्दियों की ठंड तक, यमुना क्रूज पूरी तरह एयर-कंडीशंड होंगे, जो यात्रियों को मौसम की मार से बचाएंगे। प्रत्येक क्रूज में 20-30 यात्रियों की क्षमता होगी, जिसमें आरामदायक सीटिंग, पैनोरमिक विंडोज और सेफ्टी उपकरण शामिल होंगे। एक घंटे की यह यात्रा सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध होगी। यह सुविधा दिल्ली के ट्रैफिक जाम से मुक्ति देगी, जहां आप नदी की लहरों पर तैरते हुए शहर को निहार सकेंगे। यह क्रूज दिल्ली को एक ‘ऑल-सीजन’ डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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Delhi’s Zero-Emission Yamuna Cruise Adventure Begins

क्रूज सफर सिर्फ नदी पार करना नहीं बल्कि दिल्ली की 2,000 साल पुरानी विरासत को जीना होगा। रूट पर गुजरते हुए आप पुराना किला, हुमायूं का मकबरा और निजामुद्दीन दरगाह जैसे स्थलों के मनोरम दृश्य देखेंगे। ऑनबोर्ड गाइडेड टूर्स और मल्टीमीडिया स्क्रीन्स के जरिए मुगल काल की कहानियां, यमुना के पौराणिक महत्व और लोकल फोकलोर सुनाई जाएंगी। यह सांस्कृतिक रूप से पर्यटकों को शहर के छिपे इतिहास से जोड़ेगा। यह अनुभव न केवल मनोरंजक बल्कि शैक्षिक भी होगा, जो स्कूल ट्रिप्स के लिए आदर्श बनेगा।

यमुना के प्रदूषण से जूझते तटों पर यह क्रूज प्रकृति की पुनरावृत्ति का प्रतीक बनेगा। सफर के दौरान आप हरे-भरे घाटों, चहचहाते पक्षियों और उभरते वेटलैंड्स के दृश्यों का आनंद लेंगे। वजीराबाद बैराज से जगतपुर तक का यह लगभग आठ किमी रूट यमुना की शांत धारा को उजागर करेगा, जहां सूर्यास्त के समय नदी सोने-सी चमकती है। क्रूज पर बर्डवॉचिंग और फोटोग्राफी स्पॉट्स होंगे, जो इको-टूरिज्म को बढ़ावा देंगे। यह यात्रा दिल्लीवासियों को अपनी नदी से दोबारा जोड़ेगी, जो सालों से उपेक्षित रही है।

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Delhi’s Zero-Emission Yamuna Cruise Adventure Begins

यह क्रूज सेवा दिल्ली की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। क्योंकि निजी एजेंसी द्वारा संचालित होने से 50-100 स्थानीय नौकरियां पैदा होंगी- गाइड्स, क्रू मेंबर्स और मेंटेनेंस स्टाफ के रूप में। टिकट मूल्य ₹200-500 रखा जाएगा, जो सालाना लाखों पर्यटकों को आकर्षित करेगा। दिल्ली सरकार की 2025 टूरिज्म स्ट्रैटेजी के तहत, यह हेरिटेज सर्किट से जुड़ेगी, जो टूरिज्म बूस्ट करेगी। रंग-बिरंगे स्थानीय हस्तशिल्प और स्ट्रीट फूड स्टॉल्स क्रूज टर्मिनल पर लगेंगे, जो कारीगरों को बाजार देंगे।

कुल मिलाकर, यह परियोजना यमुना को एक नई सूरत देगी, जहां पर्यटन सामाजिक समावेश का माध्यम बनेगा।

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...