सलाह या दखलंदाज़ी, थोड़ा परहेज़ है जरुरी
बच्चे के जीवन के अहम फैसले में माता पिता हमेशा उसे सहारा देते हैं। वहीं माता पिता को ना जाने कितनी ही तकलीफों से गुजरना पड़ता है।
Parenting Advice: बच्चे की परवरिश आसान काम नहीं हैं। माता पिता दोनों के सहयोग से बच्चे को पालना थोड़ा आसान जरूर हो जाता है। बच्चे के मां के गर्भ में आने से लेकर उसके पैदा होने तक का सफर भी मात पिता दोनों के लिए ख़ुशी भरा भी होता है और साथ में कभी कभी किसी तकलीफ की वजह से कष्ट भरा भी। बच्चे के जीवन के अहम फैसले में माता पिता हमेशा उसे सहारा देते हैं। वहीं माता पिता को ना जाने कितनी ही तकलीफों से गुजरना पड़ता है। बहुत से लोग हर बात में दूसरे कि ज़िन्दगी में दखलंदाज़ी करने का शौक रखते हैं। आपकी परवरिश को लेकर आप पर सवाल उठाना उनकी आदत बन जाती है।
समय रहते ऐसे लोगों को आइना जरूर दिखाएं।
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सलाह ना मांगें

हम अक्सर अपने बच्चों कि आदतों और उनसे जुडी अच्छी या परेशान करने वाली बातें अपने रिश्तेदारों से शेयर करते हैं। इस तरह वो लोग हमें सलाह देना शुरू कर देते हैं। शुरुआत में हम सुन लेते हैं पर लगातार उनके इस तरह के व्यवहार से हम परेशान रहने लगते हैं। इसलिए कोशिश करें अपने घर कि बात अपने आप तक ही सीमित रखें। अपने बच्चे के लिए आपसे अच्छा कोई नहीं सोच पायेगा। अपने पार्टनर के साथ ही ये परेशानी साझा करें। लोगों कि दी हुई सलाह पर रोक लगाने का सबसे अच्छा तरीका है उनको अपने बच्चों कि बातें बताना बंद कर दें।
स्पष्ट जवाब दें

अगर कोई रिश्तेदार हर बार अपनी सलाह ले कर आपके पास पहुंच जाता है तो कड़े शब्दों में उन्हें ऐसा करने के लिए मना कर दें। एक हद तक लोगों कि सलाह का स्वागत करें। जब बात हद से आगे बढ़ने लगे तब ऐसे रिश्तेदारों के साथ बैठ कर उन्हें समझा दें वो परेशान ना हों। अपने बच्चों के लिए आप अच्छे से अच्छा सोच रहे हैं और जितना अच्छा कर सकते हैं कर भी रहे हैं। उन्हें अपनी सलाह आप पर बार बार थोपने के लिए स्पष्ट रूप से मना कर दें। अपने और बच्चों के जीवन के फैसले के लिए किसी और पर निर्भर ना रहें।
राय की जानकारी लें

बेवजह की राय देने वाले रिश्तेदारों को सामने बैठा कर पूछें क्या उन्होंने भी ये तरीके अपनी परवरिश में इस्तेमाल किये थे या कर रहे हैं। क्या उनको अपने बावचों की परवरिश में किसी की दखलंदाज़ी पसंद आएगी। क्या उन्हें आपके बच्चों से कुछ ज्यादा ही प्यार है। आपके बच्चे के भविष्य के लिए क्या उन्होंने कोई और प्लानिंग कर रखी है। इस तरह के सवाल पूछते रहें। आपके बार बार ऐसे सवाल करने से उन्हें भी काफी परेशानी होने लगेगी। उस वक़्त वो आपको सलाह देने से बेहतर अपनी राय अपने पास रखना बेहतर समझेंगे। उन्ही का तरीका उन पर आजमाने से आपको इस परेशानी से जल्द ही राहत मिलेगी।
अपनी पेरेंटिंग के रूल समझाएं

जब कभी आपको कोई जबरदस्ती सलाह देने की कोशिश करे, उसे साफ़ शब्दों में समझा दें की आपकी पेरेंटिंग के कुछ रूल्स हैं। आप अपने बच्चों के लिए प्लानिंग अपने हिसाब से करते हैं। जब जरुरी हो सलाह जरूर लेते हैं। लेकिन ऐसा जरुरी नहीं सलाह पर काम करते ही हैं। अगर आपको लगता है ये सलाह आपके बच्चों के लिए अच्छी है तो उसे अपनाते हैं नहीं तो उस पर गौर नहीं करते। बेशक हर माता पिता के परवरिश का तरीका कुछ न कुछ अलग जरूर होता है। लेकिन चाहते तो सब अपने बच्चो का अच्छा भविष्य ही हैं। किसी को भी हक़ नहीं बनता किसी दूसरे की पेरेंटिंग पर उंगलियां उठाए या अपनी सलाह थोपे। अपनी तरह से अपने बच्चे के भविष्य को सवारें।
