Parenting Tips: हर बच्चे की पेरेंटिंग यानी परवरिश अलग तरह से होती है और हर पेरेंट्स की पेरेंटिंग का स्टाइल भी अलग होता है। पेरेंटिंग पर बच्चे का वर्तमान और भविष्य पूरी तरह से निर्धारित होता है। बच्चे को हर सुख-सुविधा देने के लिए पेरेंट्स कड़ी मेहनत करते हैं, उनका बेहतर स्कूल में दाखिला कराते हैं, अच्छे कपड़े और पौष्टिक भोजन देते हैं या अच्छे संस्कार देते हैं। कुछ पेरेंट्स ऐसे होते हैं जो बच्चे की भलाई करने की मंशा से उसके जीवन में जरूरत से ज्यादा दखलंदाजी करने लगते हैं वहीं कुछ बेफ्रिक होते हैं जिन्हें बच्चा क्या कर रहा है उससे उन्हें कोई फर्क ही नहीं पड़ता। पेरेंटिंग के कई प्रकार हैं और हर पेरेंटिंग की अपनी विशेषताएं और खामियां होती हैं। लेकिन कौन सी पेरेंटिंग बच्चे के लिए बेस्ट है चलिए जानते हैं इसके बारे में।
क्या है पेरेंटिंग

पेरेंटिंग एक ऐसा टर्म है जो पेरेंट्स की कोशिश और भावनाओं को दर्शाता है। ये मानव जीवन की सबसे बड़ी और मुश्किल जिम्मेदारियों में ये से एक है। पेरेंटिंग पर बच्चे का फ्यूचर टिका होता है। माता-पिता होने के नाते वह अपने बच्चे की परवरिश सही ढंग से करना चाहते हैं, जिसमें बच्चे की बेसिक आवश्यकताओं से लेकर अच्छे संस्कार तक शामिल किए जाते हैं। इसके जरिए पेरेंट्स बच्चे को शारीरिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाते हैं।
कितने तरह की होती है पेरेंटिंग
जेंटल पेरेंटिंग: इस प्रकार की पेरेंटिंग में बच्चे को बेहद नाजुक तरीके से पाला जाता है। इस शैली में करुणा, सम्मान और विश्वास अधिक होता है। जेंटल पेरेंटिंग में बच्चों पर किसी प्रकार का प्रेशर नहीं होता बल्कि उनकी भावनाओं को अधिक महत्व दिया जाता है। इसमें पेरेंट्स को अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
अथॉरिटेरियन पेरेंटिंग: इस प्रकार की पेरेंटिंग थोड़ी स्ट्रिक्ट होती है। इसमें पेरेंट्स बच्चे की भावनाओं को दरकिनार करके खुद फैसला लेते हैं। इसमें बच्चे क्या करना चाहते हैं, क्या खाना चाहते हैं और क्या बनना चाहते हैं ये फैसला पेरेंट्स ही करते हैं।
परमिसिव पेरेंटिंग: इस पेरेंटिंग में पेरेंट्स बच्चे के साथ सख्ती तो करना चाहते हैं लेकिन उसे लागू नहीं होने देते। पेरेंट्स बच्चे की गलती पर उसे सबक नहीं सिखाते बल्कि आसानी से माफ कर देते हैं। इस प्रकार के पेरेंट्स बहुत रिलैक्स और लीनियंट होते हैं।

अटैचमेंट पेरेंटिंग: इस प्रकार की पेरेंटिंग पेरेंट्स और बच्चे के बीच पारिवारिक संबंध स्थापित करती है। अटैचमेंट पेरेंटिंग काफी इमोशनल पेरेंटिंग है जिसमें पेरेंट्स बच्चे का साथ कभी नहीं छोड़ते। इसमें बच्चे को प्यार और सम्मान के साथ बड़ा किया जाता है। लेकिन पेरेंट्स बच्चे से इतना अटैच होते हैं कि वह उसे पर्सनल स्पेस नहीं देते।
फ्री रेंज पेरेंटिंग: ये एक ऐसी पेरेंटिंग है जिसमें पेरेंट्स बच्चे को पूरी तरह से स्वतंत्र छोड़ देते हैं। पेरेंट्स बच्चे को खुद डिसीजन लेना सिखाते हैं लेकिन जरूरत पड़ने पर बच्चे के साथ खड़े रहते हैं। इस प्रकार की पेरेंटिंग बच्चे को आत्मनिर्भर बनाती है और बेहतर भविष्य के लिए तैयार करती है।
बच्चे के लिए कौन सी है बेस्ट पेरेंटिंग
हर बच्चे का अपना स्वभाव होता है जिसके आधार पर पेरेंट्स पेरेंटिंग का चुनाव करते हैं। सभी पेरेंटिंग की अपनी विशेषताएं है लेकिन बेस्ट पेरेंटिंग वह है जिसमें पेरेंट्स बच्चे की भावनाओं की कद्र करें और उन्हें बेहतर इंसान बना सकें। बच्चे को पर्सनल स्पेस देना और प्रोत्साहित करना ही पेरेंटिंग का बेस्ट रूल होना चाहिए।
