Loan Scam: सोचिए आपने अभी-अभी एक बड़ा पर्सनल लोन लिया है। किश्तें भारी हैं, ब्याज दर भी ऊंची लग रही है। तभी अचानक एक फोन आता है, ‘हेलो मैडम, हम बैंक से बोल रहे हैं। आपके लोन की ब्याज दर बहुत ज्यादा है। अगर आप चाहें, तो हम इसे कम कर सकते हैं!’ दिल में उम्मीद जागती है। आखिर कौन नहीं चाहेगा कम ब्याज में राहत पाना? यही सोचकर नोएडा की एक महिला ने इस फोन कॉल पर भरोसा कर लिया। फोन करने वाले व्यक्ति की आवाज आत्मविश्वास से भरी थी। उसने बैंक का नाम लिया, पूरी जानकारी दी, यहां तक कि लोन की रकम और ब्याज दर तक सही बताई। महिला को लगा कि ये सच में बैंक का प्रतिनिधि ही होगा।
फिर क्या था, धीरे-धीरे महिला ने बताए गए बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने शुरू कर दिए। एक बार में नहीं, बल्कि 12 अलग-अलग ट्रांजैक्शनों में कुल 6 लाख रुपये और जब ठगों का लालच बढ़ा, तो उन्होंने 60 हजार और मांगे।
जब सच्चाई सामने आई
महिला को तब शक हुआ जब कॉलर का रवैया अचानक बदल गया। जब उसने और पैसे देने से इनकार किया, तो धमकी मिली, ‘अगर आप पेमेंट नहीं करेंगी, तो आपका लोन और महंगा हो जाएगा।’
डर के मारे महिला ने बैंक से संपर्क किया, जहां उसे पता चला कि ऐसी कोई भी स्कीम ही नहीं थी! तब जाकर अहसास हुआ कि वो ठगी का शिकार हो चुकी है।
फौरन साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई। जांच में पता चला कि ठगों का मास्टरमाइंड दिल्ली का इंद्रजीत कुमार था, जो पहले बजाज फाइनेंस ग्रुप का कर्मचारी रह चुका है। उसने अपने बैंकिंग अनुभव और ग्राहक डेटा का दुरुपयोग करते हुए कई लोगों को चूना लगाया था।
महिला को ठगों की बातों पर विश्वास इसलिए हुआ क्योंकि:
उन्हें कंपनी का नाम पता था
ठग ने बजाज फाइनेंस ग्रुप का नाम लिया, जिससे महिला को भरोसा हुआ कि कॉल असली हो सकती है।
लोन की पूरी जानकारी सही थी
ठग महिला के लोन की राशि, ब्याज दर और अन्य विवरण पहले से जानते थे, जिससे कॉल को वैध लगने का पूरा आधार मिल गया।
बैंक अधिकारी जैसा प्रोफेशनल टोन था
ठग ने आत्मविश्वास के साथ बात की, जिससे महिला को यह कॉल असली लगने लगी।
कम ब्याज का लालच
कोई भी अगर कहे कि ‘आपकी EMI कम हो सकती है!’, तो ज्यादातर लोग इस मौके को गंवाना नहीं चाहेंगे।
बार-बार कॉल और प्रक्रिया को वास्तविक दिखाने की कोशिश
ठगों ने पूरी योजना बनाई थी, कई बार कॉल किए, और हर बार महिला को भरोसा दिलाने के लिए नई जानकारी दी।
महिला को कैसे समझना चाहिए था कि यह ठगी है?
बैंक फोन पर इस तरह की स्कीम नहीं बताते
कोई भी वित्तीय संस्था सीधे फोन करके ब्याज कम करने का ऑफर नहीं देती।
पैसे ट्रांसफर करवाने की मांग
बैंक कभी नहीं कहते कि ब्याज कम करवाने के लिए किसी अलग अकाउंट में पैसा डालें।
जल्दी निर्णय लेने का दबाव
ठगों ने महिला से तुरंत पैसे ट्रांसफर करवाने की कोशिश की, जबकि असली बैंक आपको सोचने और कंफर्म करने का समय देते हैं।
बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ब्रांच से जांच नहीं की
अगर महिला सीधे बैंक से संपर्क करती, तो उसे तुरंत पता चल जाता कि कोई ऐसी स्कीम नहीं है।
भले ही कॉल करने वाला आपकी हर जानकारी सही बताए, लेकिन अगर वह पैसा ट्रांसफर करवाने की बात करे, जल्दी निर्णय लेने का दबाव डाले या कॉल पर ही ऑफर दे, तो सावधान हो जाएं। हमेशा बैंक से खुद कंफर्म करें, तभी किसी भी वित्तीय निर्णय पर आगे बढ़ें।
