पर्सनल लोन लेने से पहले रखें ये बातें ध्यान, वरना होगा बड़ा नुकसान
पर्सनल लोन मिलना जितना आसान है, उसकी शर्तें उतनी ही जटिल हो सकती हैं। इसलिए लोन लेने से पहले नियम, ब्याज दर और पेनाल्टी को अच्छी तरह समझ लेना जरूरी है, वरना छोटी सी गलती भी बड़ा खर्च बन सकती है।
Personal Loan Checklist: आजकल बढ़ती आर्थिक जरूरतों की वजह से पर्सनल लोन एक लोकप्रिय विकल्प बन गया है। चाहे मेडिकल इमरजेंसी हो, घर के खर्च पूरे करने हों, शादी-ब्याह हो या क्रेडिट कार्ड का पेमेंट लोग तुरंत फाइनेंशियल सपोर्ट के लिए पर्सनल लोन लेते हैं क्योंकि यह दूसरे लोन की तुलना में लेना आसान होता है। लेकिन, अक्सर लोग जल्दबाजी में लोन ले लेते हैं और बाद में भारी ब्याज, छिपे हुए शुल्क या गलत EMI संरचना के कारण परेशानी में फंस जाते हैं।
अगर आप पर्सनल लोन लेने से पहले कुछ जरूरी बातों पर ध्यान दें, तो न सिर्फ पैसे बचा सकते हैं, बल्कि लोन को बिना तनाव के संभाल भी सकते हैं। आइए समझते हैं कि पर्सनल लोन लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
ब्याज दर की ध्यान से तुलना करें
पर्सनल लोन आमतौर पर सिक्योर्ड लोन नहीं होते, इसलिए इन पर ब्याज दर थोड़ी ज्यादा रहती है। हर बैंक और NBFC अलग-अलग ब्याज दर ऑफर करते हैं। यदि आप कई बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करेंगे, तो आसानी से एक सस्ती और बेहतर डील पा सकते हैं ऑनलाइन लोन तुलना पोर्टल आपकी मदद कर सकते हैं। बिना तुलना किए लोन लेना आपके लिए महंगा पड़ सकता है।
क्रेडिट स्कोर अच्छे से चेक करें
पर्सनल लोन देते समय बैंक सबसे पहले आपका क्रेडिट स्कोर देखते हैं। अगर आपका स्कोर 750+ है, तो आपको कम ब्याज दर, तेज़ अप्रूव्ड लोन और बेहतर ऑफर्स मिलते हैं। स्कोर कम है तो पहले उसे सुधारें क्योंकि खराब स्कोर पर लोन मिलेगा भी तो ज्यादा ब्याज पर।

EMI कैलकुलेटर का उपयोग ज़रूर करें
लोन लेने से पहले EMI कैलकुलेटर में यह देखें कि आपकी मासिक EMI कितनी बनेगी और कुल ब्याज कितना देना पड़ेगा। EMI ऐसे चुनें जो आपकी सैलरी का 30–40% से ज्यादा न हो, वरना मासिक बजट पर असर पड़ेगा।
लोन टेन्योर सोच-समझकर चुनें
लंबी अवधि का लोन EMI कम कर देता है, लेकिन कुल ब्याज बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
कम अवधि का लोन EMI थोड़ी ज्यादा करता है, लेकिन ब्याज काफी बच जाता है। इसलिए अगर आपकी आय अच्छी है तो कम टेन्योर चुने।
प्रोसेसिंग फीस और छिपे हुए शुल्क देखें
कई लोग सिर्फ ब्याज दर देखकर लोन ले लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें पता चलता है कि प्रोसेसिंग फीस, फोरक्लोज़र चार्ज, प्रीपेमेंट चार्ज और डॉक्यूमेंटेशन फीस जैसे अतिरिक्त शुल्क भी देने पड़ते हैं। कई बार यह कुल लोन अमाउंट को काफी बढ़ा देते हैं। इसलिए लोन लेते समय ही इन शुल्कों के बारे में जानकारी हासिल कर लें।
लोन की असली जरूरत पर दोबारा सोचें
कई बार लोग छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी लोन ले लेते हैं। यदि जरूरत बहुत जरूरी न हो, तो बचत का उपयोग करें या खर्चों में कटौती करें। अनावश्यक लोन भविष्य में वित्तीय बोझ बन जाता है।
याद रखें पर्सनल लोन एक बेहतरीन विकल्प है अगर आप सही बैंक चुनें, ब्याज दर की तुलना करें, EMI कैलकुलेट करें और छिपे हुए शुल्कों को समझें। इन बातों का ध्यान रखने से आप न केवल पैसे बचा सकते हैं, बल्कि लोन चुकाने में किसी तरह की परेशानी भी नहीं होगी।
