vande Bharat sleeper train stationed inside a railway maintenance shed.
New train was flagged off by PM Narendra Modi on Saturday

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सफर से पहले जान लें ये नियम, नहीं तो हो सकता है नुकसान

देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत के साथ हावड़ा–कामाख्या रूट पर रात की यात्रा अब तेज़ और अधिक आरामदायक हो गई है।

Vande Bharat Sleeper Train: देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेवा की शुरुआत के साथ लंबी रात की यात्राओं को अब और तेज़, आरामदायक और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन से ट्रेन को रवाना किया। यह अत्याधुनिक ट्रेन अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है और हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच लगभग 958 किलोमीटर का सफर करीब 14 घंटे में पूरा करेगी।

किराया, कोच और आधुनिक सुविधाएं

इस स्लीपर ट्रेन की कुल यात्री क्षमता 1128 यात्रियों की है। इसमें कुल 16 कोच लगाए गए हैं, जिनमें 11 एसी थर्ड टियर, चार एसी सेकेंड टियर और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल है। किराए की बात करें तो थर्ड एसी के लिए लगभग 2,300 रुपये, सेकेंड एसी के लिए 3,000 रुपये और फर्स्ट एसी के लिए करीब 3,600 रुपये तय किए गए हैं।

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इसमें स्वदेशी ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली, मॉडर्न टॉयलेट, अत्याधुनिक पैंट्री और बेहतर कुशनिंग वाली आरामदायक बर्थ शामिल हैं। इन खूबियों के साथ वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की रात की यात्राओं को तेज़, सुरक्षित और अधिक आरामदायक बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

Orange Vande Bharat sleeper train parked inside a railway shed.
The new Vande Bharat sleeper train has 16 coaches

कैटरिंग में क्षेत्रीय स्वादों की झलक

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कैटरिंग टिकट के किराए में शामिल है और इसकी सेवा प्रीमियम एयरलाइन स्टाइल पर आधारित है। खास बात यह है कि इसमें क्षेत्रीय स्वादों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। कामाख्या से हावड़ा की यात्रा करने वाले यात्रियों को असमिया व्यंजन परोसे जाएंगे, जबकि हावड़ा से कामाख्या जाने वाले यात्रियों को बंगाली भोजन का स्वाद मिलेगा।

ये हैं खास फीचर्स

  • एर्गोनॉमिक डिजाइन वाली बर्थ और विश्वस्तरीय सस्पेंशन सिस्टम लगाया गया है, ताकि रातभर की यात्रा भी बेहद आरामदायक रहे।
  • कोचों में एडवांस्ड डिसइंफेक्टेंट तकनीक लगाई गई है, जो 99 प्रतिशत तक कीटाणुओं को खत्म करने में सक्षम है।
  • यात्रियों को साफ़-सुथरी चादरें और तौलिए भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • सुरक्षा के लिहाज़ से इसमें स्वदेशी ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है। यात्रा के दौरान ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाज़े बंद रहेंगे और केवल स्टेशनों पर ही खुलेंगे।

कन्फर्म टिकट कैंसिल करना पड़ेगा भारी

अगर कोई यात्री वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का कन्फर्म टिकट खरीदने के बाद उसे कभी भी कैंसिल कराता है, तो टिकट की कुल कीमत का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा काट लिया जाएगा। यह नियम टिकट बुकिंग के तुरंत बाद से ही लागू हो जाएगा। यानी, यात्रा में चाहे कितना भी समय बाकी हो, कैंसिलेशन की स्थिति में यात्री को पूरा रिफंड नहीं मिलेगा।

अगर यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे पहले से लेकर 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल कराता है, तो उसे टिकट की कीमत का 50 प्रतिशत भुगतान करना होगा। वहीं अगर ट्रेन के चलने के समय से 8 घंटे से कम समय पहले टिकट कैंसिल किया जाता है, तो किसी भी तरह का रिफंड नहीं मिलेगा।

4 घंटे पहले बनेगा चार्ट

इन सख्त नियमों के पीछे रेलवे की एक अहम रणनीति भी है। अब वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के तय समय से 8 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। पहले यह चार्ट 4 घंटे पहले बनता था। चार्ट बनने का समय बढ़ाने से रेलवे को यात्रियों की अंतिम स्थिति पहले से स्पष्ट हो जाएगी, जिससे संचालन में आसानी होगी।

कम से कम 400 किलोमीटर का किराया

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के किराए को लेकर भी खास प्रावधान किया गया है। रेलवे बोर्ड के अनुसार, इन ट्रेनों में न्यूनतम 400 किलोमीटर की दूरी का किराया लिया जाएगा, चाहे यात्री इससे कम दूरी का सफर ही क्यों न कर रहा हो।


अभिलाषा सक्सेना चक्रवर्ती पिछले 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्षता रखने वाली अभिलाषा ने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल से की थी। डीएनए, नईदुनिया, फर्स्ट इंडिया,...