Side Effects of Pocketing
Pocketing Relationship Credit: Istock

Side Effects Of Pocketing: रिश्‍ते कई प्रकार के होते हैं। कुछ समाज और दोस्‍तों को बताने लायक होते हैं तो कुछ रिश्‍ते ऐसे होते हैं जिसे दूसरों से छुपाने में ही आनंद आता है। हालांकि ऐसे रिश्‍ते समय के साथ सामने आ ही जाते हैं लेकिन कई बार पार्टनर की मौजूदगी या उसके अस्तित्‍व को छुपाना रिश्‍ते की नींव को कमजोर बना सकता है। नए जमाने का ऐसा ही एक टर्म है पॉकेटिंग रिलेशनशिप। इन दिनों ये रिलेशनशिप युवाओं में काफी लोकप्रिय हो रही है। आखिर ये टर्म है क्‍या और इसके क्‍या नुकसान हो सकते हैं, चलिए जानते हैं इसके बारे में।

क्‍या है पॉकेटिंग रिलेशनशिप

Side Effects of Pocketing-पॉकेटिंग रिलेशनशिप से रिश्‍ते हो रहे हैं प्रभावित
What is a pocketing relationship

क्‍या आपको कभी ऐसा महसूस हुआ है कि आपका पार्टनर आपको अपने दोस्‍तों से मिलवाने में हिचकिचाता है या सोशल मीडिया पर आपकी फोटो शेयर नहीं करता या अपने रिश्‍ते को छुपाकर रखना चाहता है। यदि ऐसा है तो आप पॉकेटिंग रिलेशनशिप का शिकार हो रहे हैं। इस रिलेशनशिप में लोग अपने पार्टनर की मौजूदगी को दोस्‍तों, परिवार वालों और समाज से छिपाते हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं लेकिन इस प्रकार का रिलेशन अधिक दिनों तक सहेजकर नहीं रखा जा सकता।

पॉकेटिंग रिलेशनशिप के कारण

रिजेक्‍शन का डर: जब लोगों को सामाजिक सर्कल से न्‍याय या अस्‍वीकृति का डर होता है तो वह ऐसा कदम उठा सकते हैं। रिजेक्‍शन के डर के कारण वह अपने रिश्‍ते की सच्‍चाई को सामने नहीं आने देते।

संबंध में दुविधा : जब व्‍यक्ति अपने संबंध और पार्टनर की भावनाओं को लेकर दुविधा  या असुरक्षित महसूस करता है तो वह पॉकेटिंग का तरीका अपना सकता है।

रिश्‍ते की स्‍वतंत्रता: कई बार लोग रिलेशनशिप में घुटन महसूस करने लगते हैं। इसी के चलते वह पॉकेटिंग रिलेशनशिप को अपनाते हैं ताकि वह स्‍वतंत्र और बंधनमुक्‍त महसूस कर सकें। इससे उन्‍हें पर्सनल स्‍पेस भी मिल जाती है।

पॉ‍केटिंग रिलेशनशिप के लक्षण

सोशल आउटिंग अवॉइड करना: जब व्‍यक्ति पार्टनर के साथ सोशल आउटिंग, पार्टी और गैदरिंग में साथ जाने को राजी न हो तो समझिए वह पॉकेटिंग रिलेशनशिप में है। वह समाज को अपने रिश्‍ते के बारे में बताने में इंट्रेस्टिड नहीं है।

सोशल मीडिया से दूरी: आजकल अधिकांश कपल अपने फोटो और पर्सनल मूवमेंट को सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। लेकिन यदि आपका पार्टनर आपके फोटो शेयर करने से हिचकिचाता है और आपको भी फोटो शेयर करने से रोकता है तो ये पॉकेटिंग का संकेत हो सकता है।

अन्‍य रिश्‍तों को छुपाए: यदि आपका पार्टनर आपसे अपने माता-पिता, भाई-बहनों और दोस्‍तों से संबंधित प्रश्‍नों का जवाब देने से हिचकिचाता है तो ये पॉ‍केटिंग का संकेत हो सकता है।

पॉकेटिंग कैसे कर रहा है रिश्‍ते को प्रभावित

पॉकेटिंग रिलेशनशिप से रिश्‍ते हो रहे हैं प्रभावित
How pocketing is affecting the relationship

– पार्टनर्स के बीच आ सकती है भावनात्‍मक दूरी।

– रिश्‍ते में विश्‍वास की कमी।

– इस प्रकार का रिश्‍ता मेंटल हेल्‍थ को प्रभावित कर सकता है।

– यदि लंबे समय तक कपल पॉकेटिंग को फेस करते हैं तो उनमें अलगाव हो सकता है।

– कपल्‍स के बीच हो सकता है मनमुटाव।

पॉकेटिंग की स्थिति में क्‍या करें

– यदि आप रिश्‍ते में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं तो खुलकर अपने पार्टनर से बात करें।

– पार्टनर ये परिवार और दोस्‍तों ये मिल कर अपने रिश्‍ते के बारे में बताएं।

– रिश्‍ते के भविष्‍य के बारे में चर्चा करें।

– महत्‍वपूर्ण है कि आप अपनी सीमाएं निर्धारित करें।

– अपनी भावनाओं और चिंताओं का न दबाएं। सच्‍चाई का सामना करें।

– यदि पार्टनर समाज के सामने अपने रिश्‍ते को अपनाने से कतराता है तो रिश्‍ता आपके लिए सही नहीं है। इससे जल्‍द से जल्‍द छुटकारा पाएं।