Surya Yantra
Surya Yantra

Surya Yantra: हिंदू धर्म में कुंडली के ग्रह दोषों को दूर करने के लिए यंत्रों का विशेष महत्व है, और वास्तु शास्त्र में ऐसे यंत्रों के उपयोग का विस्तृत वर्णन मिलता है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण यंत्र है सूर्य यंत्र, जो जीवन में नई ऊर्जा और सौभाग्य का संचार करता है। सूर्य यंत्र की स्थापना सही दिशा में करने से व्यक्ति को परेशानियों से मुक्ति मिलती है और सफलता के मार्ग खुलते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, सूर्य यंत्र को स्थापित करने से पहले इसके दिशा और पूजा विधि का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सूर्य यंत्र की विधिपूर्वक स्थापना करने से ग्रह दोष दूर होते हैं और जीवन में उन्नति होती है।

किस दिशा में रखना चाहिए सूर्य यंत्र

kis disha mein rakhana chaahie soory yantr
kis disha mein rakhana chaahie soory yantr

वास्तु शास्त्र के अनुसार, सूर्य यंत्र को घर की पूर्व दिशा में स्थापित करना सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिशा भगवान सूर्य की मानी जाती है और सूर्य का उदय भी इसी दिशा से होता है। सूर्य को प्रकाश और ऊर्जा का प्रतीक माना गया है, इसलिए सूर्य यंत्र को पूर्व दिशा में स्थापित करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। यह यंत्र न केवल समस्याओं को समाप्त करता है बल्कि आपके मान-सम्मान और प्रतिष्ठा को बढ़ाने में भी सहायक होता है। सही दिशा में स्थापित सूर्य यंत्र आपके जीवन में नया उजाला लाने का माध्यम बन सकता है।

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सूर्य यंत्र की विधिपूर्वक पूजा

सूर्य यंत्र की स्थापना के बाद उसकी विधिपूर्वक पूजा करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए हर रोज सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। सूर्य यंत्र के पास दीया जलाकर यंत्र को प्रणाम करें। इसके बाद भगवान सूर्य का ध्यान करें और सूर्य मंत्रों का जाप करें, जैसे “ॐ सूर्याय नमः,” “ॐ गुरुभ्यो नमः,” और “ॐ आदित्याय नमः”। नियमित रूप से इस विधि का पालन करने से व्यक्ति को सूर्य की कृपा प्राप्त होती है, जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है और मान-सम्मान व सफलता में वृद्धि होती है।

इन बातों का रखें ध्यान

in baaton ka rakhen dhyaan
in baaton ka rakhen dhyaan
  1. सूर्य यंत्र को दीवार पर लगाते समय ध्यान दें कि इसका मुख पूर्व दिशा की ओर हो, क्योंकि यह दिशा भगवान सूर्य की मानी जाती है।
  2. यंत्र को स्थापित करने से पहले उसकी अच्छी तरह सफाई करें ताकि उसमें कोई अशुद्धि न रहे।
  3. सूर्य यंत्र को पूजा स्थल या किसी ऊंचे स्थान पर स्थापित करना शुभ होता है।4. आप सूर्य यंत्र को लिविंग रूम में भी स्थापित कर सकते हैं, जहां से पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके।
  4. एक बार यंत्र स्थापित हो जाने के बाद, उसकी नियमित रूप से पूजा करना आवश्यक है ताकि उसका प्रभाव बना रहे और शुभ फल प्राप्त हो।

मैं आयुषी जैन हूं, एक अनुभवी कंटेंट राइटर, जिसने बीते 6 वर्षों में मीडिया इंडस्ट्री के हर पहलू को करीब से जाना और लिखा है। मैंने एम.ए. इन एडवर्टाइजिंग और पब्लिक रिलेशन्स में मास्टर्स किया है, और तभी से मेरी कलम ने वेब स्टोरीज़, ब्रांड...