Surya Dev Puja: हिंदू धर्म शास्त्रों में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता को समर्पित किया गया है। ऋषि मुनियों ने रविवार से लेकर शनिवार तक के सभी दिनों के लिए अलग अलग देवताओं की पूजा का विधान बनाया है। जिस प्रकार सोमवार का दिन भगवान शिव और बुधवार का दिन भगवान गणेश जी की आराधना के लिए श्रेष्ठ माने जाते हैं, उसी प्रकार रविवार का दिन भी सूर्य देव को पूजा के लिए निर्धारित किया गया है। शास्त्रों में वर्णित है कि सूर्य देव सभी नवग्रहों के स्वामी हैं। ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि केवल सूर्यदेव ही है जो पूरे संसार में ऊर्जा के संचालन का केंद्र हैं। अपने प्रकाश से सूर्य देव संसार के प्रत्येक प्राणी को ऊर्जा से भर देते हैं और उनके जीवन में रोशनी लाते हैं। आज इस लेख में हम जानेंगे कि रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा अर्चना और आरती करने का क्या महत्व है।
इस तरह करें रविवार के दिन सूर्य पूजा और आरती

पंडित इंद्रमणि घनस्याल के अनुसार, पौराणिक ग्रंथों में बताया गया है कि हर दिन सूर्य देव को नमस्कार करने से व्यक्ति के मन को शांति मिलती है। विशेष रूप से रविवार के दिन सूर्य देव को जल अर्पित करने, सूर्य नमस्कार करने से व्यक्ति समाज में चारों ओर यश और कीर्ति प्राप्त करता है। रविवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में नहा लेना चाहिए। इसके बाद सूर्य मंत्रों का जाप करते हुए सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद किसी ब्राह्मण को दान करना चाहिए। सूर्यदेव के बुरे प्रभावों से बचने के लिए सूर्य मंत्रों का जाप, हवन और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करते रहना चाहिए। मंत्रों का जाप करते समय शुद्धता का पूरा ध्यान रखना चाहिए। अपने मन में सूर्य देव को याद करते हुए रविवार के दिन ॐ घुनि: सूर्य आदित्य: मंत्र का जाप करना कल्याणकारी होता है। इस मंत्र के प्रभाव से व्यक्ति की एकाग्रता बढ़ती है और व्यक्ति के कार्यों में आ रही रुकावटें भी सूर्य देव की कृपा से दूर हो जाती हैं।
सूर्य देव की आरती का महत्व

सूर्य देव की आराधना के लिए घर में तांबे का श्री सूर्य यंत्र होना बहुत ही लाभकारी माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिस घर में श्री सूर्य यंत्र होता है उस घर में कभी भी नकारात्मकता प्रवेश नहीं कर पाती। सूर्य यंत्र के सामने खड़े होकर सूर्यदेव की आरती गाने से व्यक्ति को खुशहाली मिलती है। ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि सूर्य शक्ति का प्रतीक होता है। ऐसे में कुंडली में सूर्य की सही स्थिति न होने के कारण व्यक्ति को राहु केतु से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। व्यक्ति बार बार बीमार पड़ता है। रविवार के दिन सूर्य देव को जल से अर्घ्य देने और सूर्य आरती गाने से व्यक्ति को आरोग्य होने का आशीर्वाद मिलता है।
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