किस राशि वाले कौन से मंत्र का जाप करें? पढ़िए-

मेष राशि – ऊं ऐं सरस्वत्यै नमः। माला 108 मोती की।

वृषभ राशि – ऊं क्र क्रूं कालिका देव्यै नमः। माला 108 मोती की।

मिथुन राशि – ऊं दुं दुर्गायै नमः। माला 108 मोती की।

कर्क राशि  – ऊं ललिता दैत्ये नमः। माला 108 मोती की।

सिंह राशि – ऊं ऐं महासरस्वती देव्यै नमः। माला 108 मोती की।

कन्या राशि – ऊं शूल धारिणी देव्यै नमः। माला 108 मोती की।

तुला राशि– ऊं ह्यीं महालक्ष्म्यै नमः। माला 108 मोती की।

वृश्चिक राशि– ऊं शक्तिरूपायै नमः। माला 108 मोती की।

धनु राशि– ऊं ऐं ह्यीं क्लीं चामुण्डायै नमः। माला 108 मोती की।

मकर राशि– ऊं पां पार्वती देव्यै नमः। माला 108 मोती की।

कुंभ राशि – ऊं  पां पार्वती देव्यै नमः। माला 108 मोती की।

मीन राशि – ऊं श्री ह्यीं श्रीं दुर्गा देव्यै नमः। माला 108 मोती की।

 

रोज की पूजा समाप्ति के पश्चात उत्तर दिशा की ओर मुख कर निम्न मंत्रोपचार अवश्य करें।

सिद्धिः सन्तु मम् कामः।

 

 

कितनी बार मंत्र का जाप करना चाहिये?

मंत्र का जाप 1 माला या 108 बार, 51 बार करना चाहिये तभी पूर्ण फल प्राप्त होता है।

अगर दुर्गा पाठ न कर सकें तो?

अगर आप दुर्गा सप्तशती नहीं कर सकते और अपनी राशि अनुसार मंत्र उच्चारण भी नहीं कर सकते, तो नमो देव्यै महा देव्यै शिवायै सतंत नमः का पाठ जरूर करें।

 

 

बासंतीय नवरात्रि आप सभी के लिये शुभ हो।