इस नवरात्रि पूर्ण कीजिये अपनी मनोकामनायें अपनी राशि के मंत्र उच्चारण द्वारा देवी के आशिर्वाद को प्राप्त करने के लिये हम जप, यज्ञ मंत्रों द्वारा माँ की आराधना करते है। नवरात्र के पूरे नौ दिन नियमित रूप से दूर्गा सप्तशती का पाठ करना अच्छा माना जाता है। इससे घर में समृद्धि आती हैं। यदि समयाभात के चलते आप पूरा पाठ नहीं कर सकते तो नियमित रूप से सामान्य पूजन के साथ अपनी राशि के अनुसार मंत्र का जाप करने से मनोकामनायें पूर्ण होती हैं।

किस राशि वाले कौन से मंत्र का जाप करें?

 
मेष राशि वाले – ऊं ऐं सरस्वत्यै नमः। माला 108 मोती की।
 
वृषभ राशि वाले – ऊं क्र क्रूं कालिका देव्यै नमः। माला 108 मोती की।
 
मिथुन राशि वाले – ऊं दुं दुर्गायै नमः। माला 108 मोती की।
 
कर्क राशि वाले – ऊं ललिता दैत्ये नमः। माला 108 मोती की।
 
सिंह राशि वाले – ऊं ऐं महासरस्वती देव्यै नमः। माला 108 मोती की।
 
कन्या राशि वाले – ऊं शूल धारिणी देव्यै नमः। माला 108 मोती की।
 
तुला राशि वाले – ऊं ह्यीं महालक्ष्म्यै नमः। माला 108 मोती की।
 
वृश्चिक राशि वाले – ऊं शक्तिरूपायै नमः। माला 108 मोती की।
 
धनु राशि वाले –  ऊं ऐं ह्यीं क्लीं चामुण्डायै नमः। माला 108 मोती की।
 
मकर राशि वाले – ऊं पां पार्वती देव्यै नमः। माला 108 मोती की।
 
कुंभ राशि वाले – ऊं पां पार्वती देव्यै नमः। माला 108 मोती की।
 
मीन राशि वाले – ऊं श्री ह्यीं श्रीं दुर्गा देव्यै नमः। माला 108 मोती की।
 
कितनी बार मंत्र का जाप करना चाहिये?
 
मंत्र का जाप 1 माला या 108 बार, 51 बार करना चाहिये तभी पूर्ण फल प्राप्त होता है।
 
अगर दुर्गा पाठ न कर सकें तो?
 
अगर आप दुर्गा सप्तशती नहीं कर सकते, अपनी राशि अनुसार मंत्र उच्चारण नहीं कर सकते तो नमो देव्यै महा देव्यै शिवायै सतंत नमः का पाठ जरूर करें।
 
सिद्धिः सन्तु मम् कामः।। रोज की पूजा समाप्ति के पश्चात् उत्तर दिशा की ओर मुख कर इस मंत्रोपचार अवश्य करें।
 
 
निशा घई, गुडलक गुरू

 

 

यह भी पढ़े –

जानिए मां दुर्गा को यह दिव्यास्त्र कहां से प्राप्त हुए

माँ को अपर्ण करें ये नौ नवरात्रि भोग

पहाड़ों में है मां वैष्णो का धाम, जानिए कब, कैसे करें यात्रा

आप हमें फेसबुकट्विटरगूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर 

सकती हैं।