स्वामीजी कहते थे कि कर्म में ही सफलता का मंत्र छिपा होता है। गीता में भी कृष्ण ने अर्जुन को कर्म करते रहने की ही प्रेरणा दी है। प्रत्येक कर्म के अपने गुण व दोष होते हैं, इसके बावजूद हमें कर्म करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। शास्त्र कहते हैं कि हमें सदैव कर्म करते […]
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युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत विवेकानंद के जीवन से आप बहुत कुछ प्रेरणा ले सकते हैं। उनकी कहानियों में उनके जीवन से जुड़ी कई ऐसी घटनाएं है, जो आपको निराशा के समय आशा की किरण दिखाती है। ये कहानियां केवल युवा के लिए नहीं बल्कि बच्चे और हर उम्र के लोगों के लिए शिक्षाप्रद और प्रेरणादायक है। उनके द्वारा लिखी गई इन कहानियों को पढ़कर आप अपने जीवन में सार्थक परिवर्तन ला सकते हैं। उनका अटल विश्वास था कि अपने कार्य के प्रति ईमानदार रहने से सफलता जरुरी मिलती है। यहां पढ़े विवेकानंद की महत्वपूर्ण कहानियां
रहस्यों से हटा पर्दा – स्वामी विवेकानंद की कहानी
स्वामीजी ने मनुष्य को जीवन में सफलता दिलाने वाले नियमों व मंत्रों के रहस्य से पर्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि हम किसी कार्य को पूरी लगन व समर्पण भाव से करते है, तो जीवन में सफलता मिलते देर नहीं लगती फिर चाहे वह खेत में किसान द्वारा हल चलाना ही क्यों न हो। एकाग्रता […]
आधुनिक भारत के जन्मदाता – स्वामी विवेकानंद की कहानी
स्वामी विवेकानंदजी एक महान व्यक्ति थे। जिन्हें हम आधुनिक भारत का जन्मदाता भी कहते हैं। स्वामीजी ने हिंदुत्व के प्रचार व प्रसार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई । वे कहते थे कि यदि हम धर्म को त्याग देंगे तो निश्चित रूप से पतन की ओर अग्रसर होंगे। हर मनुष्य को अपने धर्म का पालन अवश्य करना […]
मंजिल खुद चल कर आएगी – स्वामी विवेकानंद की कहानी
मानव इतिहास का अध्ययन किया जाए तो हमें ऐसे लोगों का पता चलेगा कि जिन्होंने कभी सफलता की कामना ले कर काम आरंभ नहीं किया। उन्होंने कार्य शुरू किया और सब भुला कर उसमें ही तल्लीन हो गए। वे उसमें ऐसे डूबे कि डूबते ही चले गए। काम करते-करते, कब उन्होंने लक्ष्य को पा लिया, […]
मांगो मत समर्पित रहो। – स्वामी विवेकानंद की कहानी
स्वामी विवेकानंद ने धर्म में सर्मपण के भाव को प्रमुखता दी है। वे कहते थे कि जिस धर्म में भक्ति नहीं होगी वह धर्म, धर्म नहीं रहेगा। ईश्वर प्रेम का ही दूसरा रूप है। प्रेम के भी कई रूप होते हैं। जब कोई बच्चा भोजन या सुरक्षा के लिए अपने पिता की ओर देखता है […]
मन और विचार से एक बनो – स्वामी विवेकानंद की कहानी
स्वामी जी का मानना था कि हमें समाज से पुरुष और नारी का भेद मिटा देना चाहिए। कोई भी छोटा या बड़ा नहीं है। हम सभी उसी ईश्वर की संतान हैं। हमें किसी भी तरह से नारियों को अपने अपने से कम नहीं आंकना चाहिए। स्वामी जी असीम साहस व बल पर अपनी बात कहने […]
आगे बढ़ो – स्वामी विवेकानंद की कहानी
स्वामी विवेकानंद भले ही रामकृष्ण परमहंस जी के शिष्य थे। परंतु वे अपना एक अलग व्यक्तित्व भी रखते थे। वे कभी सच्ची बात कहने से पीछे नहीं हटते थे। कई बार उनकी बातें सुनने वालों को अजीब भी लगती थीं पर उन बातों में गहरा सार छिपा होता था । स्वामी जी बहुत बलशाली थे। […]
