Hindi Short Story: अरे, सुबह-सुबह यह क्या लेकर बैठ गए हैं? चाय नाश्ता कर लीजिए देर हो रही है। मुझे खाना बनाने में देर हो रही है।सुनो,यह मेरी कुछ पॉलिसीयों के कागज हैं यह पांच साल बाद पूरी होने वाली है। ये एफ.डी अगले साल पूरी होने वाली है और यह कुछ इन्वेस्टमेंट है जो मैंने किए […]
Category: लघु कहानी – Short Stories in Hindi
समय की कमी के कारण आजकल लोग लघु कथा पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं। मनोरंजक, प्रेरणादायक और हंसी—मजाक वाली ये कहानियां कम समय में ही पाठक का भरूपूर मनोरंजन कर देती हैं। ये गागर में सागर भरने वाली विधा है। लघु कथा का यह कतई मतलब नहीं है कि ये आपको अधूरी कहानी देगा। कब शब्दों में पूरी कहानी का आनंद उठाना है तो आप गृहलक्ष्मी की इन कहानियों को पढ़ सकते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इन कहानियों का आनंद उठा सकते हैं। सरल भाषा में लिखी गई ये कहानियां आपके बच्चों के दिमाग पर सकरात्मक असर डालने के साथ ही आपके बच्चों को जीवन में आने वाली चुनौतियों से लड़ना भी सिखाएंगी।
मैट्रो गर्ल -गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Hindi Short Story: ओह फ़ो ..जल्दी -जल्दी मेट्रो पास घर पर ही भूल गई ..टिकट के लिए लाइन भी लंबी है ….” अपने आप पर झुँझलाते हुए मैं लाइन मैं लग गई“ सर एक टिकट दिल्ली विश्वविद्यालय का दे दीजिए ““ मैडम ..छुट्टे पैसे दीजिए ..”“ नही है मेरे पास ..पे.टी.एम कर दूँ …”“ सॉरी मैडम ..सर्वर […]
इंतजार -गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: बड़े शहरों के दिन और रात दोनों ही हमेशा शोर से भरे रहते हैं , पर अयान की दुनिया में एक अजीब-सी खामोशी थी। वो अपनी बालकनी में बैठा कॉफ़ी के कप को थामे, सामने वाले फ्लैट की खिड़की को देख रहा था। हल्की नीले रंग की रोशनी के बीच निहारिका […]
फादर्स डे का गिफ्ट-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Hindi Short Story: दोपहर का समय था। सुनील और वंदना अपने कमरे में बैठे आपस में बातें कर रहे थे। तभी दरवाजे पर उनकी लाडली भतीजी परी की आवाज सुनाई दी। परी की आवाज सुन वंदना ने दरवाजा खोला तो देखा नन्ही परी अपने नाजुक कंधों पर एक बड़ा सा थैला टांगे खड़ी थी।परी को […]
एहसास की डोर-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: सुनीता देवी अपने बेटे कबीर पर जान छिड़कती थीं। उनका सपना था कि बहू भी उनकी पसंद की हो, जो उनकी परंपराओं का पूरा ध्यान रखे। लेकिन कबीर ने अपनी पसंद से शादी कर ली आर्या से। शादी के शुरुआती दिनों में ही सुनीता देवी को लगा कि यह लड़की उनके […]
अधूरी खामोशियां-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story:शालिनी और अंशुल की शादी को दस साल हो चुके थे। शुरुआत में उनका रिश्ता उतना ही चमकदार था जितना कोई नया रंगीन सपना। पर वक्त के साथ रोज़मर्रा की ज़िम्मेदारियों, काम के दबाव और छोटे-छोटे मनमुटावों ने उनके बीच एक अजीब सी खामोशी ला दी थी। कभी घंटों बातें करने वाले दोनों […]
सुहाग की साड़ी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: सत्तर वर्षीय गोपाल दास कई दिनों से देख रहे थे कि आजकल उनकी दोनों बहुएँ बैग लिए बाज़ार जाने को तैयार रहती है और उनके लड़के भी बराबर बहुओं के साथ जाते हैं।गोपाल दास ने अपनी पत्नी सावित्री देवी से इसका कारण पूछा जो कि अपना पुराना बक्सा खोले कुछ रखने उठाने […]
सिंदूर खेला- गृहलक्ष्मी की कहानी
Hindi Kahani: पूजा पंडाल में ढोल की थाप गूंज रही थी।माँ दुग्गा के विसर्जन से ठीक पहले का दिन!लाल बॉर्डर की सफेद साड़ी में सजी महिलाएँ माँ की मूर्ति पर सिंदूर चढ़ा कर एक-दूसरे की माँग और फिर गालों में मल रही थी।भीड़ के बीच खड़ी रितुपर्णा का चेहरा तो चमक रहा था, लेकिन भीतर […]
मुंह दिखाई-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: शादी के बाद पहली बार ससुराल आई पूजा को अभी एक महीना भी नहीं हुआ था, लेकिन इतने कम समय में पूजा ने अपने कार्य-व्यवहार से परिवार के सभी सदस्यों का दिल जीत लिया था। रोज सुबह सबसे पहले उठना और रात में सब काम खत्म करके सबसे बाद में सोना […]
जादुई दुनिया-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: सुची और मानव परेशान बैठे थे। उनके बेटे आरव और बेटी सिया का स्कूल के बाद का अधिकतर समय सिर्फ़ मोबाइल और टीवी में ही बीत जाता था। एक दिन सुची ने सिर पकड़कर कहा ,हे भगवान ! ये बच्चे किताबों से ऐसे भागते हैं जैसे कड़वी दवाई हो। मानव हँसकर […]
