किसी ने क्या खूब कहा है...: Short Hindi Kahani
Kisi ne Kya Khub Kaha Hain

Short Hindi Kahani: जिंदगी में किसी का साथ ही काफी है
कंधे पर किसी का हाथ ही काफी है
दूर हो या पास क्या फर्क पड़ता है
अनमोल रिश्तो का एहसास ही काफी है ”
जहां मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, रिश्ते इन सामाजिक संबंधों का आधार l जीवन की इस संघर्षमय , लंबी यात्रा को हम अकेले तो तय नहीं कर सकते l इसके लिए समय-समय पर हमें एक साथी की आवश्यकता होती है, जो हमारे इस सफर को आनंदमय बनाता है l घर में भाई बहन के साथ खेल कूद कर हम पहले बचपन की खुशियों का आनंद लेते हैं l माता-पिता छाया की तरह हमारे साथी बनकर सही जीवन जीने का बोध कराते हैं l पति के लिए पत्नी और पत्नी के लिए पति इस यात्रा के सुख दुख में सहभागी बनकर इस को आसान बना देते हैं, वही जीवन में मित्र और रिश्तेदार हमारे जीवन को खुशियों और उमंग से भर देते हैं l
जो रिश्तो की अहमियत को सही ढंग से अपने जीवन काल में समझ पाते हैं वही इन्हें बेहतर ढंग से निभा भी पाते हैं नहीं तो जीवन को अंतिम समय तक मायूसी के साथ बिताना पड़ता है l रिश्तो की मजबूती प्रेम, विश्वास और सम्मान पर टिकी रहती है l जीवन में यह भी देखा जाता है कि गुस्से में कोई किसी को कुछ बोल देता है तो रिश्तो में दरार पड़ जाती है l यह समय जब निकल जाता है तब एहसास होता है कि हमने क्या खोया है इसलिए वक्त रहते हमेशा अपने रिश्तो को बचाने का प्रयास करें l अक्सर कहा जाता है…..
“कोई टूटे तो उसे सजाना सीखो
कोई रूठे तो उसे मनाना सीखो
रिश्ते तो मिलते हैं मुक़द्दर से
बस उन्हें खूबसूरती से निभाना सीखो”
वक्त के साथ हमारे बच्चे बड़े हो जाते हैं, उनकी अपनी दुनिया बन जाती है l इस दौरान यदि हम अपने सामाजिक रिश्तो को महत्व दें तो हमारा भी आगे का जीवन आसानी से, खुशियों और आनंद से निकल पाता है l
आजकल बच्चे बाहर पढ़ने चले जाते हैं I कंप्यूटर,टीवी और मोबाइल फोन के इस युग नें बच्चों को अपने आप में ही व्यस्त कर दिया है l
आज बच्चे अपने सभी रिश्तेदारों को भी ठीक से नहीं पहचानते I अपने बच्चों को भी रिश्तो की अहमियत के बारे में समझाएं l
त्योहार हो, शादी समारोह या कोई उत्सव एक दूसरे के घर जाकर इसे हर्षोल्लास से मनाने की परंपरा को जीवित रखें और यह धरोहर अपने बच्चों को भी दें lपड़ोसी,रिश्तेदार,दोस्तों के यहां समय निकालकर जरूर जाएं lबच्चों को सिखाएं कि दोस्तों, रिश्तेदारों के संग से जीवन के ऊंचे नीचे पड़ाव आसानी से खुशी-खुशी गुजर जाते हैं l हमारे बड़े कहा करते थे……
“ रिश्तो की माला में……. प्रेम के मोती हों
न मन में अहम हो… बस रिश्ते अहम हों
और घर वही मंदिर है
जहां रिश्तो की पूजा होती है ’’
अपने रिश्तो को मजबूत बनाए रखने के लिए कुछ बातों का रखें ध्यान
• आपसी रिश्तो में मजबूती बनाने के लिए एक दूसरे की जरूरतों को समझना बेहद जरूरी है I
• किसी भी रिश्ते का आधार है विश्वास I अगर रिश्ते कमजोर हो रहे हैं तो कहीं ना कहीं इसके पीछे विश्वास की कमी है l
• हर आदमी का स्वभाव और नजरिया अलग अलग होता है ऐसे में आपस में विरोधाभास की स्थिति बन जाती है इसको नजरअंदाज करके अपने रिश्ते को मजबूत बनाएं I
• अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकाल कर एक दूसरे को समय दें और एक दूसरे की तकलीफों के भागीदार बने I
कोई भी आपदा क्यों ना हो भारतीय परिवारों में रिश्तो की अहमियत खूब देखने को मिलती है l कोरोना काल में जहां परिवार के सभी सदस्य अलग-अलग कमरों में बंद थे, वह रिश्ते ही थे जिन्होंने आंतरिक ताकत देने के साथ एक दूसरे के परिवारों की हर संभव मदद की l
विवाह समारोह हो या कोई त्यौहार, वह रिश्तेदार ही हैं, जो इन्हें यादगार बनाते हैं l
अंत में मैं यही कहना चाहूंगी कि सच्चे रिश्ते हमारे जीवन का आधार हैं और हमें इसे हर कीमत पर सजाना और सवारना चाहिए l

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