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बिना शब्दों के प्रेम-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी

Short Romantic Story: शीतल रोज़ सुबह की तरह मेट्रो में सफर कर रही थी। चेहरे पर हल्की थकान, हाथ में ऑफिस का बैग, और मन में वही रोज़ का प्रश्न – क्या इस भागदौड़ में कोई ऐसा है जो संवेदनाओं को समझ सके?मेट्रो के कोने में बैठे एक बुज़ुर्ग सज्जन, सफेद खादी कुर्ता और धोती […]

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तलाश—गृहलक्ष्मी की लघु कहानी

Romantic Story in Hindi: बात उन दिनों की है जब मैं कॉलेज मेट्रो से आया-जाया करती थी। एक जैसा रूटीन, सुबह मेट्रो पकड़ कर पहला लेक्चर अटेंड करना और फिर शाम को थके हारे वापिस वहीं खिचपिच मेट्रो में दबे दबे, कभी खड़े होकर घर पहुँचना। एक दिन अचानक मैंने महसूस किया कि एक लड़का […]

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गुलमोहर की वापसी-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी

Hindi Romantic Story: सुबह 9:10 की ब्लू लाइन मेट्रो हमेशा भीड़ से भरी होती है। स्टेशन अनाउंसमेंट की आवाज़ें, तेज भागते कदमों की हलचल और दिल्ली की भागती-दौड़ती ज़िंदगी । रिद्धिमा, 26 वर्षीया दृष्टिहीन, एक वॉयस टेक स्टार्टअप में ऑडियोबुक एडिटर, इस शोर के भीतर भी अपनी सुनने की कला से एक अलग दुनिया गढ़ […]

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 अधूरी मोहब्बत-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Love Stories: ” रात का भोजन बन चुका है तो उसे खाने की मेज़ पर रख दीजिए आज हम दोनों साथ में रात का भोजन करेंगे बहुत दिनों से हम दोनों बहुत व्यस्त रहे हैं हमारी ज्यादा बातें भी नहीं हुई हैं शायद आज बातें लंबी चलें आप समय पर अपने घर चले जाना […]

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प्यार हुआ मेट्रो में जो कभी सोचा नहीं था—गृहलक्ष्मी की लघु कहानी

Romantic Story in Hindi: सुबह की वो आम सी दिल्ली मैट्रो – भीड़ वही जो रोज वाली थी , पर उस दिन कुछ अलग थी |कुछ लोग मोबाइल में डूबे हुए, कुछ किताबों में डूबे हुए और कुछ को तो मंजिल तक पहुंचने की जल्दी |रुका था वक्त कुछ पलों के लिए, जब उसकी आंखें […]

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उम्मीद का दीपक—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: ” अरे अभिनव जी मैं बाहर जा रही हूं , आप घर का ध्यान रखना मुझे वापिस आने में थोड़ा समय लग सकता है आप चिंता नहीं करना और कोई आता है तो उससे बोल देना कल आना मुझसे मिलने मैं आज थोड़ा व्यस्त हूं इसलिए बाहर गई हूं आप सुन रहे हैं […]

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कमरे की दूसरी दीवार-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Romantic Story in Hindi: अपार्टमेंट की दसवीं मंज़िल पर एक छोटा-सा फ्लैट। एक ही कमरे में बेड, लैपटॉप, किताबें और बीच में दीवार की तरह चुप्पी।संध्या के हाथों में ब्रश था, दीवार पर हल्का गुलाबी रंग चढ़ाते हुए वह अचानक रुक गई। सामने वाली दीवार तो कब की रंगी जा चुकी थी… पर ये दूसरी दीवार — हर बार जैसे टलती रही हो।“क्या हुआ?” रोहन ने […]

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 मुझे तू चाहिए-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Romantic Story: “माधुरी, मेरा टिफिन!” मुकेश ने अपने जूते पहनते हुए माधुरी को पुकारा। “बस दो मिनट, अभी आई।” और एक मिनट से भी कम समय में माधुरी उसके सामने टिफिन लिए खड़ी थी। उसके चेहरे से ऐसा लग रहा था जैसे वह उससे कुछ कहना चाहती हो। मुकेश ने एक बार उसकी तरफ […]

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लौट आई खुशियां-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Social Story: एक प्रतिष्ठित पत्रिका में अपना नाम विजेता में देखकर नेहा खुशी से खिल उठी। वह उसने अपने पति नितिन के गले लग गई “थैंक यू नितिन मुझे फिर से जिंदा करने के लिए, मैं तो मर ही चुकी थी। तुमने मुझे जिंदा कर दिया फिर से।” “कैसी बातें कर रही हो नेहा। मैं […]

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मेरी दीदी का देवर-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Love Story: शादी का मौसम था और घर में हर तरफ चहल-पहल थी। हल्दी-मेहंदी की महक, ढोल-नगाड़ों की गूंज, हंसी-ठिठोली से पूरा घर जीवंत था। मेरी दीदी सिया की शादी थी और पूरे घर में खुशी का माहौल था। मैं यानी नायरा घर की सबसे छोटी और सबसे शरारती लड़की थी। इस शादी में […]

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