safalta ka moolmantra
safalta ka moolmantra

Hindi Motivational Story: बहुत दिनों की बात है एक पहाड़ी गाँव में एक बूढ़ा रहता था। उसके घर के सामने दो बड़े पहाड़ थे, जिनसे आने जाने में असुविधा होती थी। पहाड़ के दूसरी ओर पहुँचने में कई दिन लग जाते थे। एक दिन उसने अपने दोनों बेटों को बुलाया और उनके हाथ में फावड़ा थमाकर दृढ़ता से दोनों पहाड़ों को काटकर उनके बीच रास्ता बनाना शुरु कर दिया। यह देखकर गाँव के लोगों ने मज़ाक उड़ाना शुरु कर दिया कि तुम सचमुच महामूर्ख हो। इतने बडे-बड़े पहाड़ों को काटकर रास्ता बनाना तुम बाप-बेटों के बस से बाहर की बात है। बूढ़े ने उत्तर दिया, मेरी मृत्यु के बाद मेरे बेटे यह कार्य जारी रखेंगे। बेटों के बाद पोते और पोतों के बाद परपोते। इस तरह पीढ़ी-दर-पीढ़ी पहाड़ काटने का सिलसिला जारी रहेगा। हालाँकि पहाड़ बड़े हैं लेकिन हमारे हौंसलों और मनोबल से अधिक बड़े नहीं हो सकतें। हम निरंतर खोदते हुए एक ना एक दिन रास्ता बना ही लेंगे। आने वाली पीढ़ियाँ आराम से उस रास्ते से पहाड़ के उस पार जा सकेंगी।

उस बूढ़े की बात सुनकर लोग अचंभित रह गए कि जिसे वे महामूर्ख समझते थे उसने सफलता के मूलमंत्र का रहस्य समझा दिया। गाँव वाले भी उत्साहित होकर पहाड़ काटकर रास्ता बनाने के उसके काम में जुट गए। कहना ना होगा कि कुछ महीनों के परिश्रम के बाद वहाँ एक सुंदर सड़क बन गई और दूसरे शहर तक जाने का मार्ग सुगम हो गया। इसके लिए बूढ़े को भी दूसरी पीढ़ी की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी।

दृढ़ संकल्प, लगन और कड़ी मेहनत के साथ सकारात्मक सोच रहे तो सफलता जल्दी ही प्राप्त हो जाती है।

ये कहानी ‘नए दौर की प्रेरक कहानियाँ’ किताब से ली गई है, इसकी और कहानी पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएंNaye Dore ki Prerak Kahaniyan(नए दौर की प्रेरक कहानियाँ)