बात उन दिनों की है जब मैं करीब तीन साल की थी। मैंने बहुत छोटी उम्र में पढ़ाई शुरू कर दी थी और कम उम्र में पढ़ाई शुरू होने से मैं पढ़ाई में कमजोर थी। कक्षा एक में जब मेरा रिजल्ट आया तो मैं सभी विषयों में फेल थी। पर अपने रिजल्ट से अंजान दौड़ी हुई मम्मी को रिजल्ट दिखाने पहुंच गई और कहा कि देखिए, हम पास हो गए ना? मम्मी ने सभी विषयों में फेल देखकर मुझे डांटने के बजाय तुरंत पलट कर कहा कि तुम तो प्रथम अंक लाई हो। तुम तो अच्छे नंबरों से पास हो गई। इस खुशी में मैंने रिजल्ट सारे मुहल्ले में दिखा दिया। आज जब मैं बड़ी हो गई हूं, ये बात कोई याद दिलाता है तो मैं शर्म से लाल हो जाती हूं।