Short Story: एक बार एक बहु थी | वह रोज़ खाना बनाती थी | अपने पति, बेटी, और सास के लिए | सब लोग बहुत प्रसन्न होकर भोजन करते थे | सास हमेशा बोलती प्रभु तेरा लाख लाख शुक्रिया ” हमेशा ऐसे ही चैन की रोटी देते रहना | बहु को बड़ा अजीब लगता कि भोजन मै देती हूँ और शुक्रिया प्रभु का | लेकिन फिर भी वो चुपचाप भोजन बनाती थी |
एक दिन बहु को गुस्सा आया उसने आटे में चूहे मारने की दवा मिला दी और उसकी रोटी अपनी सास को दे दी | पर तुरंत ही उसको पछतावा हुआ, उसने वो रोटी सास से लेकर कचरा पेटी में डाल दी | और सास को नै रोटी बना कर कहीं बहार चली गयी |
तब तक उसकी बेटी मुनिया स्कूल से आ गयी और दादी के साथ बैठ कर भोजन करने लगी | बहु वापस आयी तो उसने यह सब देखा और उसकी आँख से आँसू निकलने लग गए |
और वो प्रभु के चरणों में गिर गयी | और बोली प्रभु आप हमें हमेशा चैन की रोटी देना और कोई भूल मत होने देना |
चैन की रोटी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
