sohabat ka asar story in Hindi
sohabat ka asar

sohabat ka asar story in Hindi : अकसर साथ रहने, एक-दूसरे से घनिष्ठता रखने के कारण अकबर बादशाह और बीरबल के बीच कभी-कभी शिष्टाचार भी खत्म हो जाता था।

बोलचाल में बीरबल ऐसे शब्दों का प्रयोग कर जाते थे, जो बादशाह की शान में गुस्ताखी माने जा सकते थे।

एक दिन बादशाह बोले, ‘बीरबल, तुम दिन-पर-दिन बदतमीज होते जा रहे हो।’

‘कैसे, जहाँपनाह?’

‘तुम बदतमीजी से बात करने लगे हो। तुम तमीज भूलते जा रहे हो। ऐसा क्यों है?’

‘हुजूर, यह तो आपकी सोहबत का असर है।’ बीरबल ने उत्तर दिया।

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