Summary: NB.1.8.1 वेरिएंट को Razor Blade Throat नाम क्यों मिला? जानिए असली वजह
कोविड का नया वेरिएंट Nimbus (NB.1.8.1) गले में असहनीय दर्द पैदा करता है, जिसे 'Razor Blade Throat' कहा जा रहा है। यह वेरिएंट तेजी से फैल रहा है और बचाव के लिए सावधानी जरूरी है।
Razor Blade Throat: कोरोना वायरस के नए वेरिएंट NB.1.8.1 ने अमेरिका में तेजी से पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। इसे आम भाषा में निम्बस यानी Nimbus कहा जा रहा है। जून 2025 के पहले दो हफ्तों में सामने आए कोविड मामलों में से करीब 37% केस इसी वेरिएंट से जुड़े हुए हैं। हालांकि इसके लक्षण गंभीर नहीं हैं, लेकिन इससे होने वाला गले का दर्द बेहद असहनीय बताया जा रहा है। इसी वजह से इसे “Razor Blade Throat” कहा जा रहा है।
क्यों हो रही है रेजर ब्लेड से तुलना?
अमेरिका के सेंटर्स फोर डिसीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, इस वेरिएंट से संक्रमित लोगों को गले में ऐसा तेज दर्द होता है मानो गले में किसी ने रेजर ब्लेड डाल दिया हो। मरीजों ने बताया कि उन्हें बोलने, खाने और पानी पीने में बहुत तकलीफ होती है। निगलने पर ऐसा महसूस होता है जैसे टूटे कांच को गले से नीचे उतारा जा रहा हो। हालांकि पहले भी कोविड में गले में खराश होती रही है, लेकिन Nimbus वेरिएंट में यह दर्द कहीं ज्यादा तीव्र और परेशान करने वाला है।
क्या कह रहे हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स?
विशेषज्ञों का मानना है कि गले के इस अत्यधिक दर्द को कम करने के लिए पैरासिटामोल या आइबूप्रोफेन जैसी सामान्य दवाएं ली जा सकती हैं। इनसे सूजन और दर्द में राहत मिलती है। इसके अलावा आप ये काम भी कर सकते हैं-
गर्म नमक पानी से गरारे करने की सलाह दी जा रही है जिससे वायरस की मात्रा कम होती है।
मेंथॉल या बेंजोकैन युक्त लोजेंज यानी चूसने वाले टैबलेट गले को अस्थायी रूप से सुन्न कर देते हैं।
गर्म चाय, सूप या पानी पीने से भी काफी राहत मिल सकती है।
ह्यूमिडिफायर का प्रयोग कर कमरे में नमी बनाए रखना भी फायदेमंद है।
कब डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है?

हालांकि अधिकांश मामलों में निम्बस वेरिएंट के लक्षण हल्के होते हैं, लेकिन यदि लक्षण ज्यादा दिनों तक बने रहें या बिगड़ने लगें, जैसे: लगातार बुखार (100°F से अधिक), सांस लेने में कठिनाई, सीने में भारीपन या जकड़न. गला इतना खराब हो जाए कि आप पानी भी न निगल पाएं तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है?
बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह वेरिएंट ज्यादा खतरा बन सकता है। इसलिए इन्हें भीड़ से दूर रहना चाहिए और पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।
कैसे करें बचाव?
निम्बस वेरिएंट से बचने के लिए कोविड के पुराने बचाव नियम ही कारगर हैं:
मास्क का प्रयोग करें, खासकर भीड़ या बंद जगहों में।
बार-बार हाथ धोएं।
बीमार लोगों से दूरी बनाए रखें।
कोविड वैक्सीन की सभी डोज़ लें।
हालांकि NB.1.8.1 या Nimbus वेरिएंट जानलेवा नहीं है, लेकिन इसका गले पर असर लोगों को बेहद परेशान कर सकता है। अगर समय रहते सावधानी बरती जाए और लक्षण दिखते ही इलाज शुरू कर दिया जाए, तो इस संक्रमण को आसानी से काबू में किया जा सकता है। स्वस्थ आदतें, नियमित चेकअप और जागरूकता ही इस वेरिएंट से बचाव की सबसे मजबूत ढाल है।
