Fake Covid Testing: देशभर में एक बार फिर कोरोना वायरस का कहर बढ़ने लगा है। कोविड-19 के बढ़ते मामलों के पीछे ओमिक्रॉन का नया सब-वैरिएंट XBB.16 है। ऐसे में लोग हल्की-खांसी जुकाम होने पर सतर्कता बरतते हुए कोरोना वायरस की जांच करवा रहे हैं। अब लगभग सभी डायग्नोस्टिक सेंटर कोरोना वायरस की जांच कर रहे हैं।
कोरोना टेस्टिंग की सुविधा ऑनलाइन भी मौजूद है, जिसमें लोग घर बैठे ही कोरोना की जांच करवा सकते हैं। बीमारी के इस दौर में भी लालची लोग ठगी कर रहे हैं। दरअसल, आजकल ऑनलाइन कोविड टेस्टिंग के नाम पर लोगों के साथ ठगी हो रही है। अगर आप भी घर बैठे कोविड टेस्टिंग करवा रहे हैं, या करवाने की सोच रहे हैं तो आपके लिए इस आर्टिकल को पढ़ लेना बहुत जरूरी है।
आजकल सभी काम घर बैठे ऑनलाइन हो रहे हैं, ऐसे में लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेडिकल सुविधाएं भी घर पर उपलब्ध हो रही हैं। घर पर दवाइयां मंगाने से लेकर टेस्ट तक आसानी से हो जाते है। मरीजों के लिए शुरू हुई इस सुविधा पर भी ठगों ने अपनी नजरें गढ़ा रखी हैं। दरअसल, कोरोना के इस काल में काली कमाई करने बैठे ठग फेक डायग्नोस्टिक सेंटर के जरिये लोगोंको अपना शिकार बना रहे हैं। ऑनलाइन कोविड टेस्टिंग की बुकिंग के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं।
कैसे होती है ठगी?

साल 2020 में जब कोरोना अपने चरम पर था तो देश में सरकारी और चुनिंदा निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर कोविड टेस्टिंग की सुविधा थी। लेकिन अब लगभग हर डायग्नोस्टिक सेंटर पर टेस्टिंग की सुविधा है। वहीं ये सुविधा ऑनलाइन भी मौजूद है। ऐसे में लोग घर पर ही टेस्ट करवाना उचित समझते हैं। लोग गूगल पर डायग्नोस्टिक सेंटर की जानकारी निकाल टेस्ट के लिए बुक कर लेते हैं, लेकिन वे डायग्नोस्टिक सेंटर की पूर्ण जानकारी नहीं लेते। असल में इंटरनेट पर मिलने वाली सभी जानकारियां सच नहीं होती और यही वजह है जो लोगों को ठगी का शिकार बनाती है। फेक टेस्टिंग का रैकेट चला रहे लोग टेस्टिंग की प्री बुकिंग या सैंपल के होम कलेक्शन के नाम पर एडवांस और एक्स्ट्रा फी लें लेते हैं और बाद में टेस्ट के लिए दी गयी डेट पर नहीं पहुंचते। किसी भी डायग्नोस्टिक सेंटर को ऑनलाइन टेस्टिंग के लिए बुक करते हुए उसकी जानकारी लेना आपका फर्ज है।
किस तरह बचें?
- आधिकारिक पैथोलॉजी लेबोरेटरी से ही आप अपना किसी भी तरह के टेस्ट के लिए बुकिंग करें।
- अगर आपको पैथोलॉजी लेबोरेटरी को लेकर कोई भी शंका है तो उसको एडवांस पेमेंट न करें।
- अगर आपको लगता है कि ऑनलाइन टेस्टिंग के नाम पर आपके साथ थोखाधड़ी हुई है तो नजदीकी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर सूचित करना चाहिए।
