Heart Attack In Winters: चिलचिलाती ठंड, तेज व शुष्क हवा और गिरता तापमान अपने साथ कई शारीरिक समस्याएं लेकर आता है, जिसमें से एक है हार्ट अटैक। जी हां, सर्दियों के मौसम में हार्ट अटैक के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं। जैसे-जैसे तापमान गिरता है, हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है, खासकर जिन लोगों को पहले से हार्ट प्रॉब्लम, तनाव या एंग्जाइटी है, उनके लिए यह मौसम खतरनाक हो सकता है। महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों को हार्ट अटैक की संभावना अधिक होती है। ठंड के अलावा ऐसे कौन सी समस्याएं हैं जो पुरुषों में हार्ट अटैक का कारण बन रही हैं। चलिए जानते हैं इसके बारे में।
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सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का रिस्क

ठंड का मौसम हार्ट प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव डालता है। कम तापमान के संपर्क में आने पर, शरीर अपने सामान्य तापमान को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करता है। इस मौसम में ब्लड वैसल्स अधिक संकुचित हो जाती हैं जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। हार्ट ब्लड को सर्कुलेट करने के लिए तेजी से पंप करता है जिससे हार्ट प्रॉब्लम का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा ठंड के मौसम में ब्लड क्लॉट बनने का खतरा भी अधिक बढ़ जाता है।
पुरुषों में क्यों बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा
पिछले कुछ सालों में हार्ट अटैक के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जिसमें महिलाओं की अपेक्षा पुरुष इसका शिकार अधिक हो रहे हैं। आखिर क्या कारण है जिस वजह से पुरुषों में हार्ट से संबंधित समस्याएं अधिक देखने को मिल रही हैं।
हाई ब्लड प्रेशर
उम्र और तनाव बढ़ने के साथ पुरुषों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ जाती है। इससे ब्लड वैसल्स को नुकसान हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर होने से ब्लड फ्लो अधिक हो जाता है, जिसके कारण हार्ट की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
डायबिटीज
लाइफस्टाइल में होने वाले बदलावों की वजह से डायबिटीज जैसी गंभीर समस्या सामान्य हो गई है। तीन में से एक व्यक्ति इस समस्या का सामना कर रहा है। खासकर जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है उन्हें डायबिटीज का अधिक खतरा होता है। डायबिटीज की वजह से हार्ट संबंधित समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।
एक्टिविटी की कमी
महिलाओं की अपेक्षा पुरुष अधिक आलसी होते हैं। खासकर अपनी फिटनेस को लेकर पुरुष ज्यादा लापरवाही बरतते हैं। हार्ट को सुचारू रूप से चलाने के लिए सर्दियों के मौसम में फिजिकल एक्टिविटी बेहद जरूरी होती है। फिजिकल एक्टिविटी की कमी हार्ट अटैक का कारण बन सकती है।
मोटापा
मोटापा भी हार्ट प्रॉब्लम्स का कारण बन सकता है। फिजिकली एक्टिविटी की कमी और खाने में लापरवाही मोटापे को बढ़ावा दे सकती है।
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हार्ट अटैक के लक्षण

– बाहों, गर्दन, जबड़े और पीठ में दर्द
– सीने में दर्द या बेचैनी
– सांस लेने में तकलीफ
– मितली, हल्कापन और ठंडा पसीना आना
– चक्कर और उल्टी
सर्दियों में पुरुष ऐसे रखें अपने दिल का ख्याल
– सर्दियों में शरीर को गर्म रखें। टोपी, दस्ताने और स्कार्फ पहनें ताकि हार्ट संबंधी तनाव को कम करने में मदद मिल सके।
– नियमित रूप से फिजिकली एक्टिविटी करें। योगा, वॉक और एक्सरसाइज को डेली रूटीन में शामिल करें।
– ठंड के मौसम में ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है इसलिए नियमित रूप से निगरानी रखें। निर्धारित दवाओं को बनाए रखें।
– सर्दियों में अपनी डाइट का ध्यान रखें। हाई प्रोटीन और कम कार्ब्स वाली डाइट लें।
– शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखें। पानी ब्लड को अत्यधिक गाढ़ा होने से बचाता है।
– तंबाकू और शराब का सेवन कम से कम करें। उम्र बढ़ने के साथ इसका सेवन बंद कर दें।
– तनाव को कम करें ताकि हार्ट पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सके। इसके लिए योगा और मेडिटेशन का सहारा लिया जा सकता है।
