Water Birth Delivery: एक बच्चे को जन्म देना किसी भी महिला के लिए आसान नहीं होता। डिलीवरी नॉर्मल हो या सिजेरियन दोनों ही कष्टदायक होती हैं। वर्तमान में वॉटर बर्थ डिलीवरी का चलन काफी बढ़ गया है। प्राकृतिक बर्थिंग प्रक्रिया कुछ महिलाओं के लिए थोड़ी भयानक और थकाऊ हो सकती है, जिसके चलते महिलाएं वॉटर बर्थ डिलीवरी का चयन कर रही हैं। वॉटर बर्थिंग एक लाभकारी तकनीक है जो आरामदायक दवारहित प्रक्रिया है। ये प्रक्रिया चिंता को कम करने में भी मदद करती है और कम दर्दनाक होती है। ये प्रक्रिया एक विशेषज्ञ की देखरेख में की जाती है जिसके पास इसे संचालित करने का अनुभव और प्रशिक्षण हो। वॉटर बर्थिंग प्रक्रिया से पैदा हुए बच्चे सामान्यतौर पर स्वस्थ्य और सुरक्षित होते हैं। किसी को वॉटर बर्थिंग का ऑप्शन क्यों चुनना चाहिए, इसके क्या कारण हैं चलिए जानते हैं इसके बारे में।
क्या है वॉटर बर्थ

डिलीवरी करवाने का एक तरीका वॉटर बर्थ भी है। वॉटर बर्थ डिलीवरी नार्मल डिलीवरी की ही आधुनिक तकनीक है। इसमें गर्म पानी का इस्तेमाल किया जाता है। डॉक्टर्स के मुताबिक वॉटर बर्थ डिलीवरी में लेबर पेन कम होता है और बच्चा पैदा करने में आसानी होती है।
तनाव और चिंता को कम करता है

वॉटर बर्थिंग प्रक्रिया सामान्यतौर पर गर्म पानी में की जाती है। गर्म पानी तनाव और चिंता को कम करते हुए कठोर मांसपेशियों और नसों को शांत और आराम देता है। ये हाई बीपी को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। ये शरीर में एंडोर्फिन उत्पन्न करके एक प्राकृतिक पेन रिलीफ के रूप में काम करता है। इससे दर्द की तीव्रता काफी कम हो जाती है। ये यूट्रस की मांसपेशियों के बेहतर ऑक्सीजनेशन के कारण इफेक्टिव कॉन्ट्रेक्शन में मदद करता है। जिससे भ्रूण की जटिलताओं को कम किया जा सकता है।
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प्राकृतिक दर्द निवारक

डिलीवरी के दौरान गर्म पानी में बैठने से ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद मिलती है। इससे नसों और मांसपेशियों को आराम मिलता है। ये चिंता को कम करने का काम भी बखूबी करता है। ये हेप्पी हार्मोन को रिलीज करने में भी सहायता करता है जो एक प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में कार्य करता है। जो दर्द की गंभीरता को कम करता है।
ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है
नॉर्मल और सिजेरियन ऑपरेशन की तुलना में वॉटर बर्थ ज्यादा बेहतर होती है। इस तकनीक से बच्चे को मां के गर्भ जैसा माहौल मिलता है। पानी के कारण बच्चे के शरीर में ब्लड सर्कुलेशन भी सही रहता है, जिससे प्रोसेस आसान हो जाती है। नॉर्मल प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भनाल और बच्चे का गलत मूवमेंट करने जैसी जो प्रॉब्लम्स आती हैं, वो इस डिलीवरी के दौरान बहुत कम हो जाती है।
कॉम्प्लीकेशन बहुत कम
पानी पेरिनेम की इलास्टिसिटी में सुधार करने में मदद करता है। इसलिए डिलीवरी देते समय वैजाइना कटने या फटने की संभावना कम होती है। गर्म पानी से पेरिनियल क्षेत्र के स्ट्रेच करने से नुकसान की संभावना काफी कम हो जाती है। इसके अलावा रिकवरी का समय भी कम हो जाता है। पहले यदि सिजेरियन सेक्शन किया गया है तो भी वॉटर बर्थ डिलीवरी के दौरान अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
वॉटर बर्थिंग और नॉर्मल डिलीवरी क्या है बेतहर

वॉटर बर्थ नॉर्मल डिलीवरी की तुलना में अधिक लाभ प्रदान करता है। वैसे तो ये दोनों ही सफल, सुरक्षित और भरोसेमंद प्रक्रिया है लेकिन वॉटर बर्थिंग के दौरान दर्द काफी कम हो जाता है। नॉर्मल डिलीवरी दर्दनिवारक दवाओं पर निर्भर करती है। डिलीवरी की इन प्रक्रियाओं में से प्रत्येक के अपने फायदे और नुकसान हैं। प्रक्रिया का चुनाव मां की अंतिम स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर किया जाता है। वॉटर बर्थिंग के लिए डॉक्टर की सलाह और आवश्यक सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है। प्रक्रिया को विशेषज्ञ और प्रशिक्षित नर्सों की देखरेख में ही करना चाहिए ताकि बच्चा पानी न निगले और सही समय पर बाहर निकाला जा सके।
वॉटर बर्थिंग का फायदे

– 50 फीसदी दर्द कम हो जाता है।
– टिशू सॉफ्ट हो जाते हैं जिससे खिंचाव कम होता है।
– डिलीवरी में काफी कम समय लगता है।
– मां और बच्चे दोनों ही इंफेक्शन फ्री रहते हैं।
– टेंशन और एंग्जाइटी नहीं होती।
