benefits of vegetarian food

शहर में जगह जगह तिब्बती फूड मोमोज की भी खूब डिमांड है। मोमोज में वेज, नॉन वेज और पनीर। पनीर और वेज मोमोज ही डिमांड में रहते हैं। हमारा मकसद किसी भी खाने का आंकलन करना नहीं है, हम तो बस शहरवालों का इंटरेस्ट बताना चाहते हैं। इसपर एक रिपोर्ट-

 

कबाब की पहचान बनता जा रहा वेज कबाब

कबाब का नाम सुनते ही नॉन वेज फ्लेवर, कड़क मसाले की याद आ जाती है। पर अब नॉन वेज कबाब की जगह वेज कबाब लेता जा रहा है। कारण लो फैट कंटेंट और सस्ता होना। एक वेज रोल की कीमत-10 से 15 और एक नॉन वेज कबाब परांठा  25-30रुपये। यही कारण है कि शहर में वेज कबाब के ठेलों में इजाफा होता जा रहा है। लालबाग में वेज कबाब रोल लगाने वाले सुरेश बताते हैं कि सुबह 11 बजे वो अपना ठेला लगाते हैं और शाम 6 बजे तक माल खत्म हो जाता है और दुकान समेट लेते हैं। महीने में इससे उनकी अच्छी कमाई हो जाती है।

 

वाह जी वाह में परोस रहे वेज डिशेस इन नॉन वेज फॉर्म

गोमतीनगर के विराम खंड में हाल ही में वाह जी वाह का पहला आउटलेट खुला। ये शुद्ध शाकाहारी रेस्टोरेंट है। पर वेजेटेरियन डिशेस नॉन वेज फ्लेवर में मिल रहा है और लोग इसे खूब पसंद भी कर रहे हैं। सोयाबीन का इस्तेमाल कर कीमा, बोटी बनाया जाता है। वाह जी वाह के हेड प्रितयांश ने बताया कि 2 साल पहले उन्होंने दिल्ली में वाह जी वाह का फ़ूड आइटम खाया था। उसके बाद उन्होंने इसकी फ्रैंचाइज़ी ली और लखनऊ में इसका पहला आउटलेट खोला। वेज आइटम्स को नॉन वेज फ्लेवर में परोसना लोगों को खूब भा रहा है।

ये है मेन्यू

  • सोया चाप
  • सोया रोल
  • तंदूरी सोया टिक्का
  • अफगानी चाप
  • सोया बोटी कबाब
  • हरियाली कबाब
  • सोया कीमा कुलचा

 

 नौशी जान ने भी शुरू किया वेज आउटलेट

प्रेस क्लब के पीछे  मशहूर नॉन वेज की शॉप नौशी जान ने हाल ही में वेज आउटलेट शुरू किया। 14 फरवरी को खुलने वाले वेज आउटलेट का शॉप फ़ूड इंडिया” नाम से शुरू हुआ है। इसमें अवध, राजस्थानी, साऊथ इंडिया जैसे प्रांतों का स्वाद मिल जाएगा। मैनेजर शमील शम्सी ने बताया कि देश की सवा करोड़ जनता शाकाहारी पसंद करती है और शाकाहारी खाना सेहत के लिए भी कई मायनों में सही होता है। इसीलिए उन्होंने शाकाहारी आउटलेट खोला।

 

मांसाहारी के ये हैं फायदे

न्यूट्रिशनिस्ट डॉ सुरभि जैन बताती हैं कि जिस प्रोटीन कन्टेन्ट की एक मानव शरीर को आवश्यकता होती है वो एनिमल सोर्स से ही मिलता है। एनीमल सोर्स के फ़ूड आइटम्स में सारे एमिनो एसिड्स मिल जाते हैं। इसमें फैट बहुत होता है, फैट के साथ डीएचए भी प्रेजेंट रहता है जो नर्वस सिस्टम के लिए बहुत अच्छा फायदेमंद होता है और कंसंट्रेशन के लिए जरुरी रहता है।

 

मांसाहारी के ये हैं नुक्सान

मांसाहारी खाने से शरीर में कई तरह की बीमारी होने का खतरा रहता है। फिजिशियन डॉ एपी मिश्रा बताते हैं कि नॉन वेज में आयल और फैट की मात्रा ज्यादा होती है जिससे पेट में पेप्टिक अल्सर होने का खतरा बना रहता है। अधिक ऑयली चीज खाने से खून की नलियों में फैट जमा हो जाता है। इसके अलावा अगर चिकेन या रॉ आइटम में किसी तरह का वर्म है तो उसका इन्फेक्शन पूरे शरीर में पड़ता है। मांसाहारियों में हार्ट अटैक का खतरा अधिक  होता है। चर्बी भी चढ़ जाती है।

 

शाकाहारी होने के फायदे

डॉ एपी मिश्रा ने बताया  कि शाकाहारी आदमी अगर डाइबीटीज़ से ग्रस्त है तो उसके शुगर की मात्रा को मांसाहारी पेशंट के मुकाबले आसानी से कंट्रोल में लाया जा सकता है। इसके साथ ही उनमें अल्सर की समस्या होने का अधिक खतरा नहीं रहता। उनमें हार्टअटैक की सम्भावना भी थोड़ी कम रहती है। इसके साथ ही ओवरवेट के शिकार होने की संभावनाएं कम रहेंगी। नॉन वेज से दूर रहने के फायदे भी बहुत हैं, इससे पाचन प्रक्रिया ठीक रहती है, मोटापा नहीं बढ़ता।

 

वेज की डिमांड अधिक, नॉन वेज सिर्फ ऑर्डर पर: एके यादव

पत्रकारपुरम में मोमोज सेंटर नाम से मशहूर मोमोज की शॉप में वेज नॉनवेज मोमोज दोनों मिलते थे पर अधिक बिक्री सिर्फ वेज मोमोज की ही होती थी। इसलिए उन्हें नॉन वेज मोमोज बंद करने पड़े। हालाँकि वेज मोमोज भी बनते हैं। पर वेज की डिमांड अधिक है।

 

नॉन वेज के चक्कर में बिक्री ही नहीं होती थी: मोमोजडॉट कॉम

इंदिरानगर में मोमोज डॉट कौम की फैक्ट्री शहर के कई बड़े रेस्त्रां और पार्टीज में मोमोज की सप्लाई करती थी।  मालिक अनीमेश ने बताया कि यदि दिन में 10 नॉन वेज मोमोज बिकते हैं तो 100 वेज बिकते हैं। वहीँ कुछ लोग, जो नॉन वेज अवॉयड करते हैं, यदि उन्हें पता चल जाये कि नॉन वेज भी है तो वो वेज लेना भी नहीं पसंद करते।

 

केएफसी ने लांच किये वेज प्रॉडक्ट्स–सुनील, रेस्टोरेंट मैनेजर, केएफसी

वेजेटेरियन की बढ़ती डिमांड को देखते केएफसी जैसे ब्रांड ने भी अपने प्रॉडक्ट्स में वेजीटेरियन डिशों को शामिल कर लिया है। मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार जैसे दिनों में ज्यादा कस्टमर्स आते नहीं और इंडिया में ग्रो करने के लिए हमें नॉन वेजेटेरियन से वेजेटेरियन की ओर शिफ्ट करना पड़ा।

 

अधिक कैलोरी भी नुकसानदेह-डॉ सुरभि जैन

प्लांट सोर्स से मिलने वाला प्रोटीन आसानी से डाइजेस्ट हो जाता है। एनिमल सोर्स से मिलने वाले प्रोटीन को पचाने के लिए पेट को ज्यादा एन्जाइम्स की जरुरत रहती है। एक मानव शरीर को 2000 से 2600 तक कैलोरी प्रति दिन चाहिए होती है। नॉन वेज थाली में आयल कंटेंट और स्पाइस की मात्रा ज्यादा होती है जिसमें कैलोरी अधिक हो जाती है जो हानिकारक हो सकता है।

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