Vaginal Dryness की समस्या एक उम्र के बाद हो तो सामान्य समझी जाती है किंतु कम उम्र में महिलाओं को वजाइना ड्राइनेस शुरू हो जाए तो यह उनके यौन स्वास्थ्य के लिए सही नहीं माना जाता हैं। क्योंकि वजाइना में ड्राइनेस के कारण वजाइना में ईचिंग, सेक्स के समय दर्द ह व हल्की ब्लीडिंग होना जैसी परेशानियां होने लगती है। अधिकतर महिलाएं शर्म चलते किसी से खुलकर बात भी नहीं कर पाती हैं। इसलिये हम आपको बता रहे हैं कम उम्र में वजाइना में ड्राइनेस होने के कारण और उपचार के बारे में विस्तार से-
वजाइना में ड्राइनेस के कारण
- एक्सपर्ट के अनुसार वजाइना में ड्राइनेस की समस्या का मुख्य कारण महिलाओं में एक्ट्रोजन हार्मोन की कमी होने को माना जाता है। क्योंकि एस्ट्रोजन हार्मोन वजाइना के टिश्युओं को हेल्दी रखने का कार्य करता है। यह वजाइना में लुब्रिकेंट, एसिडिटी लेवल और इलास्टिसिटी को बनाए रखने में सहायता करता है। किंतु जब एस्ट्रोजन के स्तर में कमी आती है तो वजाइना में ड्राइनेस होने लगती है।
- Vaginal Dryness की समस्या वैसे तो मेनोपोज के बाद महिलाओं में देखने को मिलती है लेकिन कम उम्र में ये समस्या तब उत्पन्न होती है जब महिलाएं, बच्चे को दूध पिलाती हैं या फिर डिलीवरी के समय।
- कैंसर के इलाज के लिए रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी या फिर किसी अन्य दवाओं के इस्तेमाल से एस्ट्रोजन हार्मोन्स में चेंजेस आते हैं, जिससे यह समस्या हो जाती है।
- ज्यादा टेंशन लेने से भी महिलाओं की vagina में लुब्रीकेंट की कमी हो जाती है। ज्यादा तनाव लेने व अवसाद में रहने पर उनकी वजाइना में सही तरह से ब्लड सर्कुलेशन नहीं हो पाता, जिससे एस्ट्रोजन भी कम बनता है।
- वैसे तो डेली एक्सरसाइज करना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है लेकिन महिलाएं यदि ज्यादा एक्सरसाइज करती हैं तो इससे उनके हार्मोन में परिवर्तन होने लगता है और ऐसा होने से वजाइना ड्राई होना शुरू हो जाती हैं।
- आजकल बाजार में private parts को क्लीन करने के लिए बहुत से क्लींजर मौजूद हैं और महिलाएं इनका इस्तेमाल भी खूब कर रही हैं लेकिन वो इस बात से अंजान रहती हैं कि इन क्लींजर के इस्तेमाल से वजाइना के नेचुरल बैलेंस पर बुरा असर पड़ता है और इनमें मौजूद केमिकल vaginal dryness को बढ़ाते हैं।
खुद से कैसे करें बचाव
- प्रतिदिन पानी का सेवन खूब करें।
- ज्यादा चिंता तनाव करने से बचें।
- चाय-काफी सिगरेट व कैफिन युक्त पदार्थो का सेवन कम करें।
- आवश्यकता से अधिक वजाइना के पास लोशन, खुशबू व क्लींजर का इस्तेमाल करने से बचें।
- प्रोबायोटिक्स युक्त दूध-दही व तजे फलों-सब्जियों का सेवन करें।
- जरुरत हो तो वाटर बेस्ड ल्यूब्स, “एस्ट्रोग्लाइड का प्रयोग करें। ऐसे लुब्रिकेंट्स का प्रयोग करें जो कि योनि के लिए विशेष रूप से बने हैं।
- सेक्स के दौरान स्ट्रेस में ना रहें। इस दौरान फोरप्ले पर अधिक ध्यान दें।
- इन उपायों को अपनाने के बाद भी वजाइना की ड्राइनेस कम ना हो और खुजली व ब्लीडिंग-दर्द जैसी परेशानियां होने लगे तो बिना देर किए डाॅक्टर से सम्पर्क करने में ही बेहतरी होती है।
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