Summary: बच्चों की आँखों की सेहत: अभी नहीं संभली तो चश्मा पक्का!
ज्यादा मोबाइल-टीवी देखने से कम उम्र में बच्चों की आँखें कमजोर हो रही हैं।
सही स्क्रीन टाइम, बैलेंस्ड डाइट और आई एक्सरसाइज अपनाकर चश्मे के खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है।
Protect Kids Eyesight: काफी कम उम्र से ही लंबे समय तक टीवी और मोबाइल देखने की वजह से कम उम्र में ही बच्चों की आँखें कमजोर होने लगती हैं। इसलिए छोटे-छोटे बच्चे भी हाई पॉवर का चश्मा लगाए दिखते हैं। एक बार चश्मा लग गया तो फिर उसका नंबर धीरे-धीरे बढ़ता ही रहता है। इसलिए शुरू से ही बच्चों की आँखों का ध्यान रखना जरूरी है। अगर आप अपने बच्चों को आंखों को परेशानियों से दूर और चश्मा लगने से बचाना चाहते हैं तो इसके लिए जरूरी है कि आप उनकी लाइफ स्टाइल में कुछ बदलाव लाएं और डाइट में कुछ जरूरी चीजों को शामिल करें। जानते हैं वो कौन से तरीके हैं-
स्क्रीन टाइम करें तय
बच्चों को चश्मा लगने का सबसे बड़ा कारण उनका देर तक टीवी या मोबाइल से चिपके रहना है। इस पर रोक लगाना जरूरी है। जितना ज्यादा वक्त मोबाइल, टैब, लैपटॉप आदि पर बिताया जाएगा, चश्मा लगने का जोखिम उतना ही बढ़ेगा। आज के समय में हम बच्चों को पूरी तरह स्क्रीन से दूर तो नहीं कर सकते, लेकिन उनके समय को कम ज़रूर कर सकते हैं। आप बच्चे का स्क्रीन टाइम फिक्स कर दीजिये और उसके बाद उसको टीवी या मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने दें। इसकी जगह दूसरे कामों में व्यस्त करें।
बड़ी स्क्रीन पर काम करें

आजकल ऑनलाइन एक्टिविटी या दूसरी क्लासेज की वजह से भी बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। इसके लिए आप उन्हें मोबाइल की जगह लैपटॉप या टैब का इस्तेमाल करने के लिए कहें। छोटी स्क्रीन का आँखों पर ज्यादा असर होता है। लगातार नजदीक से देखने के कारण आंखों पर जोर पड़ता है और आंखों की मांसपेशियां कमजोर होती हैं।
सही डाइट है ज़रूरी

आँखों की कमजोरी की बड़ी वजह खाने में पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है। इसलिए बच्चों के लिए सही और बैलेंस्ड डाइट जरूरी है। विटामिन ए आँखों के लिए आवश्यक है विटामिन ए की कमी से आंखें तेजी से कमजोर हो सकती है। इसके लिए आप खाने में अंडा, दूध, हरी सब्जियां, स्वीट पोटैटो, आम, पपीता आदि खाने में दें। अगर मांसाहारी हैं तो बच्चों की डाइट में मछली को ज़रूर शामिल करें।
एक्सरसाइज करवाएं
आंखों की कई ऐसी आसान एक्सरसाइज हैं जिनकी मदद से बच्चों की आंखों की रोशनी बेहतर हो सकती है। बच्चे से खाली समय में आईएक्सरसाइज करने को कहें इनसे आँखों का फोकस बेहतर होता है जैसे पेन की टिप को लगातार देखना। इसके अलावा अपनी उंगली को बच्चे की दोनों आंखों के बीच में रखें और आगे-पीछे मूव करें, यह बहुत ही आसान ट्रिक है, जो आँखों की रोशनी को बेहतर करने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।
तो, आप भी अपने बच्चों को आँखों की परेशानियों से बचाने के लिए हमारे बताये ये तरीके जरूर अपनाकर देखें।
