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एक खतरनाक बैक्टीरिया ने ब्रिटेन के चिकित्सकों की नींद उड़ा दी हैं। चिकित्सकों ने लोगों को चेताया है कि इस बारे में हर महिला को जानकारी होना जरूरी है।
Vagina Eating Bacteria: महिलाओं के जननांगों यानी वजाइना को खाने वाले एक खतरनाक बैक्टीरिया ने ब्रिटेन के चिकित्सकों की नींद उड़ा दी हैं। चिकित्सकों ने लोगों को चेताया है कि इस बारे में हर महिला को जानकारी होना जरूरी है, नहीं तो इसके परिणाम बेहद घातक हो सकते हैं।
ये है सबसे बड़ा खतरा

ब्रिटिश स्त्री रोग विशेषज्ञों का कहना है कि यह बैक्टीरिया मांस खाने वाला है। इसे नाम दिया गया है ‘नेक्रोटाइजिंग फेसिटिस’। श्रूजबरी और टेलफोर्ड हॉस्पिटल के डॉक्टर्स का कहना है कि पिछले दो साल में ऐसे 20 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं पिछले एक दशक में ऐसे 18 मामले ही सामने आए थे। ऐसे में साफ है कि इस संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ रहा है। हालांकि डॉक्टर्स अभी तक इस दायरे के बढ़ने के कारणों को जान नहीं पाए हैं।
इनको कर रहा है प्रभावित
डॉक्टर्स का कहना है कि जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है, उन्हें इस संक्रमण का खतरा ज्यादा है। यह मुख्य तौर पर महिलाओं की योनि के बाहरी हिस्से को प्रभावित करता है। इसमें जीवाणु उस बाहरी सतह का मांस खाने लगते हैं। कई मामलों में इस इंफेक्शन के कारण महिलाएं अपनी जान भी गंवा चुकी हैं।
जानें इंफेक्शन की वजह
डॉक्टर्स ने यह भी बताया कि इस इंफेक्शन का खतरा कुछ महिलाओं को ज्यादा है। जो महिलाएं अधिकांश तौर पर वजाइना को शेव करती हैं। उन्हें यह संक्रमण जल्दी हो सकता है। वहीं दूसरा कारण है हार्ड सेक्स के कारण लगने वाली चोटें। नेक्रोटाइजिंग फैसिटिस के बैक्टीरिया इन घावों में चले जाते हैं। और स्किन की गहरी परतों में जाकर वहां से संक्रमण फैलाना शुरू कर देते हैं। यह बैक्टीरिया इतना खतरनाक है कि यह कुछ ही घंटों में तेजी से कई गुणा फैल जाते हैं। ये बैक्टीरिया न सिर्फ शरीर में खतरनाक केमिकल छोड़ते हैं, बल्कि ऊतकों को भी नष्ट कर देते हैं।
डॉक्टर्स ने महिलाओं को चेताया
बीएमजे में प्रकाशित इस स्टडी में डॉक्टर्स ने महिलाओं को नेक्रोटाइजिंग फैसिटिस से सावधान रहने की चेतावनी दी है। साथ ही यह सलाह दी है कि महिलाओं को समय पर इसका उपचार लेना चाहिए, जिससे इस रोग को समय पर रोका जा सके।
पहचानें नेक्रोटाइजिंग फैसिटिस को
नेक्रोटाइजिंग फैसिटिस को रोकने के लिए इसके लक्षण समय पर पहचानना जरूरी है। अगर आपके मोन्स प्यूबिस पर कोई छोटा धब्बा है और यह काफी समय से है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। एंटीबायोटिक्स के बाद भी फायदा नहीं हो रहा है और धब्बे के आस-पास का क्षेत्र खराब होने लगे तो आपको डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। क्योंकि इसके कारण पेट का निचला हिस्सा भी प्रभावित होने लगता है। नेक्रोटाइजिंग फैसिटिस का दूसरा लक्षण है योनि में गांठ होना। इसमें मवाद भी भर सकता है। इसके कारण योनि की बाहरी लेबिया का काफी हिस्सा प्रभावित हो सकता है। कुछ मामलों में गर्भाशय हटवाने के बाद महिलाओं को नेक्रोटाइजिंग फेसिटिस का सामना करना पड़ा है।
कहीं भी हो सकता है यह रोग
शोधकर्ताओं का कहना है कि वैसे तो नेक्रोटाइजिंग फेसिटिस शरीर में कहीं भी हो सकता है। यानी जहां घाव है, वहां इसके होने के खतरे बढ़ जाते हैं। लेकिन महिला जननांग क्षेत्र इसके लिए उपयुक्त बन जाते हैं। इसलिए ऐसे मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। वहीं लोगों को इसकी जानकारी नहीं है, इसलिए इससे सावधान रहना ही बचाव है।
