Yogasan for Sugar Level Control: जिस तरह का हमारा लाइफ स्टाइल हो गया है उसको देखते हुए बेहद कम उम्र में ही हमें बीमारियां लग रही है। क्योंकि हमारा ध्यान न ही अपने खान पान पर है और न ही शरीर की कसरत पर है। जिससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सही से घूम नहीं पाता है। और साथ ही खाना भी पचता नहीं है। शरीर में फैट दिन पर दिन बढ़ता जाता है। और फिर एक समय आता है कि एक बाद एक बीमारी लग जाती है। इसी तरह यदि शुगर की बात करें तो आजकल हर दूसरे व्यक्ति को डायबिटीज है। इससे भी बड़ी बात यह है कि आजकल उम्र का नहीं पता कि किस उम्र में आप डायबिटीज का शिकार हो जाए। इसलिए अपने खान पान को ध्यान में रखते हुए यहां हम कुछ योगासन बता रहे है उन्हे रोजमर्रा में जरूर करें। डायबिटीज की बीमारी से आप बच सकेंगे।
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मंडूकासन

योगासन में ऐसे बहुत से आसन है जो आपको बहुत सी बीमारियों से दूर रखते है। मंडूकासन को मेंढक मुद्रा या फ्रॉग पोज भी कहा जाता है। यह आसन देखने में मेंढक की तरह दिखता है। यह हिप ओपनिंग योग मुद्रा है। क्योंकि इसमें पैरों और घुटनों को फैलाकर रखा जाता है। इससे आपके नीचे के शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है। ये आसन डायबिटीज और ब्लड शुगर रोगियों के लिए काफी फायदेमंद होता है। अगर वह रोज इस आसन को कर लेते है तो इन बीमारियों के अलावा और भी बहुत सी बीमारियों से भी दूर रह सकेंगे।
अर्धमत्स्येंद्रासन

अर्धमत्स्येंद्रासन को हाफ स्पाइनल पोज या वज्रासन भी कहा जाता है। यह संस्कृत के तीन शब्दों से मिलकर बना है- अर्ध, मत्स्येंद्र और आसन। इस आसन का नाम योगी मत्स्येन्द्रनाथ के नाम पर रखा गया है। इस आसन के भी ढेरों फायदे है। इस आसन में फेफड़ों के सांस लेने की क्षमता बढ़ती है। साथ ही आपका ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है। इस आसन को करने के लिए आप पैर को फैलाकर जमीन पर बैठ जाएं। और कमर को बिल्कुल सीधा रखें। फिर बाएं पैर को मोड़े और बाएं पैर की एड़ी दाएं कूल्हे की बगल में रखें। दाएं पैर को बाएं घुटने के उपर लें जाएं। बाएं हाथ को दहिने घुटने पर और दाएं हाथ को पीछे की तरफ रखें। इस पोजीशन में गहरी सांस लें और छोड़ें। फिर दूसरे पैर से करें।
ताड़ासन

ताड़ासन भी ब्लड शुगर और बीपी में काफी फायदेमंद होता है। साथ ही इससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन में सुधार आता है। इसके लिए गहरी सांस लें और हाथों को ऊपर की तरफ खींचे। साथ ही पैरों को उंगलियों को उठाते हुए पूरा शरीर ऊपर की तरफ खींचें। यहां आप पूरी तरह बैलेंस बनाने की कोशिश करें। इससे मांसपेशियां भी मजबूत होती है। सांस को रोके रहे इसी मुद्रा में थोड़ी देर तक रहे तभी शरीर पर इसका असर अच्छा पड़ेगा।
वृक्षासन

वृक्षासन का मतलब समझ आता है ट्री पोज। इसमें आपको शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से संतुलन बनाना आता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन भी सही प्रकार से शरीर में प्रवाह करता है। इसमें सबसे पहले आपको एक पैर पर खड़ा होना है और दूसरे पैर को बायी जांघ या पिंडली पर रखें। पैरों को इसी पोजीशन में रखते हुए पैरों को उपर की तरफ ले जाएं। और हथेलियों को मिला लें जितना हो सके इसी मुद्रा में बैलेंस बना कर रखें। इस आसन को करने से आप अपने शुगर लेवल को भी सामान रख सकेंगे।
पश्चिमोत्तानासन

इस आसन का कार्य होता है शरीर के सभी भागों को तंदुरूस्त बना कर रखना। चाहे आपकी रीढ़ की हडडी हो या फिर लीवर या किडनी ये सभी के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है। साथ ही ये पाचन क्रिया को सुधार कर ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखता है। इसको करने के लिए आप सबसे पहले पैरों को फैला कर बैठे और श्वास लें साथ ही सांस को छोड़े कुल्हों से आगे की ओर झुके। पीठ को सीधा रखते हुए पैरों की पिंडलियों को पकड़ें।
भुजंगासन

भुजंगासन का कार्य होता है पीठ की मांसपेशियों को मजबूत रखना। साथ ही ये पेट के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। इससे आपकी पाचन शक्ति दुरुस्त होती है। जिससे शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। इसके लिए आप पेट के बल लेट जाएं और पैरों को फैला कर रखें फिर हथेलियों को छाती के पास रखें। फिर श्वास ले और ऊपर की तरफ पेट तक के हिस्से को उठाएं। साथ ही गर्दन को पीछे की तरफ ले जाना है। इससे आपके शरीर की सारी मांसपेशियां सही से कार्य करने लगती है।
शवासन

इस आसन को करने से आपको शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह से आराम मिलता है। साथ ही आपको तनाव और चिंता होने पर इसे जरूर करना चाहिए। उस समय इसका कार्य आपको रिलैक्स महसूस करवाना होता है। इसमें आपको कुछ भी नहीं करना बिल्कुल अपने शरीर को ढीला छोड़कर लेट जाना है। जिससे शरीर की हर मांसपेशी को आराम मिल सके। और यदि आपको शुगर के लक्षण दिख रहे है या आपको शुगर है तो आपके लिए ये आसन करना बेहद जरूरी है। इससे आपको आराम मिलेगा।
