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Egg Quality
Improve Egg Quality

Egg Quality: कई महिलाएं चाहते हुए भी मां नही बन पातीं। जिसकी बड़ी वजह उनके ओवरी में अंडों की क्वालिटी अच्छी नहीं होती या अंडे बहुत कम मात्रा मेें होते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि ओवरी में अंडों की क्वालिटी की नींव जन्म से पहले पड़ जाती है। यानी जब महिला अपने मां के गर्भ में होती है, तभी उसे मां से नियत मात्रा में अंडे मिलते हैं। ये अंडे किशोरावस्था में महावारी शुरू होने की प्रक्रिया के साथ हर महीने एक अंडा निकलता है। उम्र बढ़ने के साथ इन अंडों की संख्या और क्वाॅलिटी कम होने लगती है।


फिर भी हैल्दी बच्चे को जन्म देने के लिए महिलाएं कुछ बातों को ध्यान रखकर अंडों की क्वाॅलिटी को टाॅप क्लास बना सकती हैं। इसके लिए जरूरी है कि महिलाओं को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि अंडे की गुणवत्ता क्यों खराब होती है और वे इसे कैसे सही कर सकती हैं।

हार्मोनल प्रोफाइल करें मेंटेन-

महिलाओं में पीसीओडी, थायराॅयड, सीरम प्रोलैक्टिन हार्मोन जैसी हार्मोनल असंतुलन की वजह से ओवरी के अंडों की क्वालिटी खराब होती है। हार्मोन्स के बिगड़ने से ओवरी में अंडा बनने की प्रक्रिया में बाधा डालते हैं। जरूरी है कि प्रेगनेंसी प्लान करने वाली महिलाएं अपने डाॅक्टर को संपर्क करें। हार्मोनल असंतुलन से होने वाली समस्याओं को कंट्रोल जरूर करें ताकि उनके अंडों की क्वाॅलिटी इम्प्रूव हो सके। इसके लिए हैल्दी लाइफ स्टाइल औैर हैल्दी डाइट अपनाना जरूरी है।

माइंडफुल इटिंग बेहद जरूरी-

आहार में स्लो एनर्जी प्रदान करने वाले कार्बोहाइड्रेट और फाइबर शामिल करें। जैसे, गेहूं या मल्टीग्रेन आटाएहोल ग्रेनए साबुत अनाज और दालेंए फल-सब्जियां। जबकि रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट यानी सफेद रंग के खाद्य पदार्थ जैसे मैदा या मैदे से बनी चीजें रिफाइंड ऑयल, सफेद चीनी चावल, नमक का सेवन कम मात्रा में लें। क्योंकि इनके सेवन से शरीर में मौजूद इंसुलिन हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है जिसका असर ओवेरियन हार्मोन्स पर पड़ता है और अंडों की क्वाॅलिटी खराब हो जाती है। महिलाओं के लिए हाई प्रोटीन डाइट का सेवन जरूरी है। कोशिश करें कि आहार में मांसाहारी प्रोटीन (मीट, चिकन, मछली) के बजाय शाकाहारी प्रोटीन (दालें, सोयाबीन, अंडे का सफेद भाग) ज्यादा से ज्यादा लें। ओवरी अंडे की क्वाॅलिटी इम्प्रूव करने के लिए आहार में अनसेचुरेटिड या ट्रांस फैट को अवायड करें जैसे- डालडा, पाम या रिफाइंड ऑयल।

मल्टीविटामिन और एंटी ऑक्सीडेंट्स का करें सेवन-

उम्र बढ़ने के साथ अंडे की क्वाॅलिटी में फर्क ऑक्सीडेशन की वजह से आता है। जिसे नियमित रूप से एंटी ऑक्सीडेंट रिच आहार का सेवन करने और सप्लीमेंटरी मेडिसिन से कंट्रोल किया जा सकता है। पौष्टिक और संतुलित आहार लें। यथासंभव रेनबो डाइट लें यानी फल और सब्जियों को डाइट में शामिल करें। इसके साथ ही डाॅक्टर से बातचीत करके सप्लीमेंट भी ले सकते है।

 Egg Quality
Consume multivitamins and anti-oxidants

हाइड्रेशन का रखें ख्याल-

महिलाओं को रोजाना 2-3 लिटर पानी जरूर पीना चाहिए। इससे ब्लड सर्कुलेशन सुचारू रूप् से होता है। ऑक्सीजन रिच ब्लड जब ओवरी में जाता है तो अंडों की क्वाॅलिटी इम्प्रूव होती है।

इन चीजों से दूरी बना कर रखें-

काॅफी, एल्कोहल, सिगरेट, तंबाकू का सेवन ओवरी के अंडों के डीएनए की क्वालिटी को कम करते हैं। इसके अलावा जंक फूड, फास्ट फूड, कैन प्रीजर्वेटिव फूड, कोल्ड ड्रिंक्स में मौजूद कैमिकल के सेवन से अंडों की क्वाॅलिटी पर असर डालते हैं।

वजन पर दें ध्यान-

महिलाओं के लिए हैल्दी वजन होना जरूरी है। वजन ज्यादा होने पर फीमेल हार्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं जिससे ओवरी में अंडों के निर्माण प्रक्रिया धीमी हो जाती है। या फिर अंडे अच्छी क्वाॅलिटी के नहीं होते। वजन कंट्रोल करने के लिए एक्सरसाइज को अपने रूटीन में शामिल करना जरूरी है। रेगुलर एक्सरसाइज से ओवरी में ब्लड सर्कुलेशन प्रक्रिया अच्छी होती है औैर उसमें मौजूद टाॅक्सिन बाहर निकल जाते हैं। ओवरी हैल्दी रहती है और अंडों का निर्माण भी सही मात्रा में होता है। कुछ एक्सरसाइज करने से महिलाओं का हार्मोनल प्रोफाइल काफी ठीक रहता है जैसे- ब्रिस्क वाॅकिंग, जाॅगिंग, वेट बियरिंग, महिलाओं के पेट के नीचे का रिप्रोडक्टिव सिस्टम एक्टिव रखने के लिए बटर फ्लाई आसन, सूर्य नमस्कार, कपाल भाति करना चाहिए।

स्ट्रेस फ्री होना बेहद जरूरी-

स्ट्रेस शरीर में कोर्टिसोल, प्रोलैक्टिन जैसे हार्मोन का लेवल बढ़ा देता है। जिसकी वजह से महिलाओं के अंडों की क्वाॅलिटी प्रभावित होती है। जरूरी है बाॅयोलाॅजिकल क्लाॅक को फोलो करें। रात को जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठें ताकी आपकी बॉडी एक्टिव मोड में रहे। सुबह उठकर योगा, मेडिटेशन करें, अपने पसंदीदा काम या हाॅबीज कर सकती हैं, सोशल लाइफ में एक्टिव रहें

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