अभी कुछ दिन पहले ही काजोल की बहन तनिशा मुखर्जी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने अपने एग फ्रीज करवा लिए हैं ताकि बाद में जब कभी उनका मां बनने का मन करे तो उन्हें उम्र की समस्या का सामना न करना पड़े। तनिशा के इस एग फ्रीज कराने वाले इंटरव्यू के साथ उन सेलीब्रिटीज का नाम भी सामने आने लगा, जिन्होंने एग फ्रीज का सहारा लिया है। इनमें एकता कपूर, डायना हेडेन, मोना सिंह और राखी सावंत का नाम भी सामने आया। इसके बाद से लोगों के मन में ये सवाल उठने लगे कि आखिरकार एग फ्रीजिंग क्या है और इसका क्या प्रोसेस है। साथ ही इसके लिए सही उम्र और खर्च के बारे में लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।

इस समय चीजें काफी तेजी से बदल रही हैं और इसी के साथ बदल रही हैं हमारी सोच और प्राथमिकताएं। यही कारण है कि पहले जहां लड़कियां अपने घर- परिवार, शादी और बच्चों को प्राथमिकता देती थी, आज वे अपने करियर को लेकर काफी सजग हो गई हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि आजकल की लड़कियों का मानना है कि जब तक वे अच्छी तरह से सेटल नहीं हो जाती, उन्हें सही लाइफ पार्टनर नहीं मिलता और जब तक वे अपने मन की सभी ख्वाहिशें नहीं पूरा कर लेती, तब तक वे बच्चे के बारे में सोचना नहीं चाहती हैं। लेकिन इसका असर कहीं न कहीं फर्टिलिटी पर पड़ता भी दिख रहा है।

दरअसल, बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं की फर्टिलिटी पावर कम होने लगती है। लेकिन इस बात का भी इलाज अब आ चुका है। वैसे भी सांइस ने काफी तरक्की कर ली है। एग फ्रीजिंग ऐसी ही एक प्रक्रिया है, जिसमें महिलाओं की इंफर्टिलिटी कैपबिलिटी को संरक्षित किया जाता है ताकि जब उनका दिल करे, वे अपने बच्चे को पैदा कर सकें। फर्टिलिटी मेडिकल फील्ड में आईवीएफ के बाद एग फ्रीजिंग भी एक बड़ी तकनीक बनकर उभरी है।

एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया

नई दिल्ली स्थितमदर्स लैप आईवीएफ सेंटर की आईवीएफ विषेयज्ञ डॉ शोभा गुप्ताकहती हैं, “इस प्रक्रिया में महिलाओं के अंडे को इकट्ठा किया जाता है और उन्हें फ्रीज किया जाता है। फिर बाद में उन्हें पिघलाते हैं ताकि उन्हें प्रजनन उपचार में इस्तेमाल किया जा सके। एग फ्रीजिंग, स्वास्थ्य संबंधी कुछ मामलों में महिलाओं की मदद कर सकती हैं। बढ़ती उम्र के साथ- साथ महिलाओं की प्रजनन क्षमता घटती जाती है। एग फ्रीजिंग महिलाओं के स्वस्थ और अंडे को सुरक्षित रखता है। ऐसा करने से, उनकी जैविक गति को बाधित किया जाता है और बाद में प्रजनन के लिए उनका उपयोग किया जाता है। एग फ्रीजिंग उन महिलाओं के वरदान है जो अधिक उम्र में मां बनने की ख्वाहिश रखती हैं।

क्या है क्राइयोप्रिजर्वेशन

एग फ्रीजिंग महिलाओं की फर्टिलटी को बनाए रखने का एक तरीका है। एग फ्रीजिंग में ओवरी से मैच्योर अंडों को निकालते हैं और लैब में ले जाकर जीरो तापमान पर फ्रीज करते हैं। महिला को जब इन अंडों की जरूरत पड़ती है तब उन्हें शुक्राणु के साथ मिलाकर गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है। इस प्रकिया में अंडों की जैविक गति को कुछ समय के लिए रोका जाता है, जिससे उस गति को बाद में इस्तेमाल की जा सके। मेडिकल तौर पर एग फ्रीजिंग को क्राइयोप्रिजर्वेशन कहते हैं।

महिलाएं क्यों कराती हैं एग फ्रीजिंग

हर महिला जब जन्म लेती है तब से ही उसके गर्भ में अंडे होते हैं, जिनके द्वारा वह मां बनती है। नोएडा स्थित जेपी हॉस्पिटल अथवा जीवा फर्टिलिटी क्लिनिक की गायनोकोलॉजिस्ट आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ श्वेता गोस्वामीबताती है जैसे-जैसे महिला की उम्र बढ़ती है इन अंडों की संख्या कम होने लगती है। यह वजह किसी महिला के इनफर्टिलिटी का कारण बन सकती है। लेकिन एग फ्रीजिंग के कारण अब किसी भी उम्र में मां बना जा सकता है। अब एग फ्रीजिंग प्रोसेस के द्वारा एक महिला अपने अंडों को फ्रीज कर भविष्य में उनका इस्तेमाल कर मां बन सकती है। इस प्रोसेस में डॉक्टर महिला के गर्भ से सबसे स्ट्रॉन्ग या परिपक्व अंडों को निकालकर उन्हें फ्रीज करते हैं। फिर जब जरूरत पड़ती है तब प्रयोगशाला में शुक्राणु के साथ इन्हें मिलाकर महिला के गर्भ में डाला जाता है।

एग फ्रीजिंग के लिए सही उम्र  

20 से 30 साल की उम्र की महिलाएं अपने अंडे को फ्रीज करवा सकती हैं। ऐसा देखा गया है कि 35 की उम्र तक पहुंचने के बाद महिलाओं की प्रजनन क्षमता कम हो जाती है। 30 साल से पहले और 20 साल के बाद वाली महिलाओं के अंडे बहुत अधिक स्वस्थ और उच्च प्रजनन क्षमता के होते हैं। डॉ श्वेता गोस्वामीबताती हैं कि अगर आप एग फ्रीजिंग करना चाहते हैं तो इस बात का खास ख्याल रखें कि 20 वर्ष से 30 वर्ष की आयु ही बेहतर होती है और इस प्रक्रिया के लिए काम से काम 25 से 30 एग्स जरूर फ्रिज करें।

एग फ्रीजिंग में खर्च

यह ट्रीटमेंट काफी महंगी है। लेकिन यह अन्य प्रजनन उपचारों की तुलना में काफी किफायती है। अगर यह सफलतापूर्वक शुरू होता है, तो इसके परिणाम अच्छे होंगे।

एग फ्रीजिंग के फायदे

1. एग फ्रिजिंग के द्वारा आप किसी भी उम्र में मां बन सकती हैं।

2. अगर आपने अपने अंडे फ्रीज करा लिए हैं, तो आपको इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं होगी कि आप भविष्य में मां बनेंगी या नहीं।

3. अगर आप अपने साथी के साथ अब नहीं हैं तो आप अपने अंडों के साथ किसी डोनर के शुक्राणुओं को मिलाकर भी बच्चा पैदा कर सकती हैं।

4. अगर आपने अपने अंडे फ्रीज करा लिए हैं, तो आपको इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं होगी कि आप भविष्य में मां बनेंगी या नहीं।

एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया में बॉडी में आने वाले बदलाव

तनिशा मुखर्जी ने इस बारे में काफी कुछ शेयर किया है। उन्होंने 39 की उम्र में अपने एग फ्रीज करवाए। उनके अनुसार, एग फ्रीजिंग की इस प्रक्रिया में मेरा वजन बढ़ गया था। प्रोजेस्टेरोन से बॉडी फूल जाती है और ब्लोटिंग हो जाती है। इस प्रोसेस के बाद शेप में आने के लिए मैंने मेहनत की। एकता कपूर ने 36 की उम्र में अपने एग फ्रीज करवा लिए थे। आईवीएफ और आईयूआई के जरिए कई बार प्रेगनेन्ट होने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाईं। तब जाकर उन्होंने सरोगेसी की मदद ली। मोना सिंह ने 34 की उम्र में अपने एग फ्रीज करवाए और उनके शब्दों में, अब वह फ्री हैं। वह अपने हसबैन्ड के साथ दुनिया की सैर करना चाहती हैं। वह बच्चे के लिए मानसिक तौर पर तैयार नहीं हैं, तो एग फ्रीज करवाना उन्हें सबसे सही विकल्प लगा। मोना एग फ्रीजिंग के अपने अनुभव के बारे में कहती हैं, मुझे काम से कुछ महीनों का ब्रेक लेना पड़ा क्योंकि इस प्रोसेस में बहुत कूद स्विंग होते हैं। डायन हेडेन ने पहले 2016 और फिर 2018 में फ्रीज किए गए एग की मदद से बच्चों को जन्म दिया। डायना ने आठ साल पहले फ्रीज करवाए एग की मदद से 206 में बच्चे को जन्म दिया। और 2018 में हुए उनके ट्विन्स तीन साल पहले फ्रीज करवाए एग की मदद से हुए। राखी सावंत ने भी अपने एग फ्रीज करवा लिए हैं लेकिन वह बच्चे के लिए एक अदद पिता की तलाश में हैं।

एग फ्रीजिंग के बारे में जागरुकता

भारत में अभी भी एग फ्रीजिंग को लेकर ज्यादा जागरुता नहीं है। हाल की कई सेलिब्रिटीज ने एग फ्रीज करके लोगों को इस बारे में समझने और जानने का मौका दिया है। पूर्व मिस वर्ल्ड और बॉलीवुड एक्ट्रेस डायना हेडन, ‘जस्सी जैसी कोई नहीं’ फेम मोना सिंह, अभिनेत्री काजोल की बहन तनीषा मुखर्जी ने अपने अंडों को फ्रीज कर चुकी हैं। इस तरह की वास्तविक जीवन की कहानियां समाज के लिए नजीर बनती हैं और लोगों को एग फ्रीजिंग के बारे में और जानने को प्रोत्साहन मिलता है। ऐसे में समय के साथ इसकी स्वीकार्यता बढ़ती है।

एग फ्रीजिंग का उद्देश्य

अब अधिक महिलाओं को एग फ्रीजिंग के अस्तित्व और लाभों के बारे में शिक्षित करना है। इससे बाद गर्भ धारण करने की संभावनाएं खुलती हैं। यह बाद के वर्षों में उपयोग के लिए छोटे, स्वस्थ अंडे को संरक्षित करता है। आईवीएफ विषेयज्ञडॉ शोभा गुप्ताकहती हैं, एग फ्रीजिंग सहित बांझपन का विषय अभी भी वर्जना के रूप में देखा जाता है। अभी भी इस प्रक्रिया के बारे में समझ और जानकारी की कमी है। कई बड़ी हस्तियों के ऐसे निर्णय को जनता देखती है और इससे इस विषय पर बातचीत की राह खुलती है। जब वे अपनी व्यक्तिगत कदम साझा करते हैं तो ऐसे विषयों को प्रकाश में आने में मदद मिलती है, जिन पर आमतौर पर व्यापक चर्चा नहीं हो पाती है।

 

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