आप तो जानती ही हैं कि वसा की पूर्ति कई बार जरूरत से भी ज्यादा हो सकती है इसलिए हरी पत्तेदार सब्जियाँ व विटामिन सी लेने में कोई नुकसान नहीं है। हर रोज की वसा का हिसाब रखें, अपना कोटा पूरा करें, पर जरूरत से ज्यादा वसा न लें। यह न भूलें कि खाना पकाने में भी वसा लगती है। अगर आपने 1/2 चम्मच मक्खन में अंडे फ्राई (आधी सर्विंग) किए हैं या कॉलेस्ला में 1 बड़ा चम्मच मेयोनीज़ (एक सर्विंग) डाली है तो इस डेढ़ सर्विंग को अपनी गिनती में रखें। अगर पौष्टिक भोजन लेने के बावजूद वजन न बढ़ रहा हो तो थोड़ी वसा की मात्रा बढ़ा दें। यदि वजन तेजी से बढ़ रहा है तो वसा की थोड़ी मात्रा घटा दें।

इस सूची के सभी खाद्य पदार्थ वसायुक्त हैं हालांकि सिर्फ वे ही वसा के स्रोत नहीं हैं लेकिन आपको इनकी काफी जरूरत है। यदि आपका वजन सही तरीके से बढ़ रहा है तो एक दिन में चार पूरी सर्विंग लें। यदि नहीं तो वसा की मात्रा उसी हिसाब से घटा-बढ़ा लें।

1 बड़ा च. तेल (जैतून, कनोला, तिल)

1 बड़ा च. मक्खन (मार्जरीन)

1 बड़ा च. रेगुलर मेयोनीज

2 बड़े च. सलाद ड्रैसिंग

2 बड़े च. भारी क्रीम

1/4 कप हॉफ एंड हॉफ

1/4 कप फेंटी क्रीम 

1/4 कप सॉर क्रीम

2 बड़े च. रेगुलर क्रीम चीज़

2 बड़े च. मूंगफली या बादाम का मक्खन

थोड़ी सी वसा…
कैलोरी घटाना चाहें तो सलाद की ड्रैसिंग व तलने-भुनने के तेल से परहेज करें ।अपनी सब्जियों में थोड़ी वसा शामिल करेंक्योंकि अध्ययनों से पता चला है कि सब्जियों के साथ थोड़ी वसा लेने से वे पूरी तरह अवशोषित हो पाती हैं। सलाद मेंड्रैसिंग, स्टिर फ्राई व नट्स के छिड़काव से वसा को अपनाएं क्योंकि यह थोड़ी सी वसा लंबे समय तक साथ निभाएगी। तीसरी तिमाही में तो ये और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

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