Rakul Preet Singh/Alia Bhatt
Rakul Preet Singh/Alia Bhatt Credit: Instagram/Rakul Preet Singh/Alia Bhatt

Yoga for PCOS: PCOS में अनियमित पीरियड्स, पीरियड्स के दौरान हेवी ब्लीडिंग, चेहरे, गर्दन, छाती, पेट, और जांघों पर ज्यादा बाल आना, एक्ने, बालों का झड़ना, प्रेगनेंसी में दिक्कतें, मोटापा, नींद से जुड़ी समस्याएं और डिप्रेशन हो सकता है। यूं तो इसे ठीक करने के लिए दवाइयां ली जाती हैं लेकिन आप योग की मदद पा सकते हैं। कई योग आसान वेट लॉस, बेली फैट कम करने और हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने में मदद कर सकते हैं। पीसीओएस में वजन कम करने के लिए कौन से योग किए जा सकते हैं, आइए जानते हैं। 

Bridge yoga pose
Bridge yoga pose

इसे ब्रिज पोज़ भी कहा जाता है, जिसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं और घुटने मोड़ लें। हथेलियों को नीचे की ओर रखते हुए पीठ को जमीन से ऊपर उठाएं, अपने चेस्ट को ठुड्डी तक खींचें और एक-दो मिनट तक रोकें। यह वज़न घटाने में मदद करने के साथ रीढ़ की हड्डी को फ्लेक्सिबल और पीठ के निचले हिस्से को मजबूत करता है। 

Cobra yoga pose
Cobra yoga pose

इसे कोबरा पोज़ भी कहा जाता है, जिसके लिए पेट के बल लेटकर अपनी हथेलियों को नीचे की ओर करके किया जाता है। चेस्ट को जमीन से उठाने के लिए सांस लें। हाथ सीधा करें और झुकें। कम से कम 15-30 सेकंड के लिए रुकें। यह पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है, जिससे वजन कम होने में मदद मिलती है। साथ ही यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत और फ्लेक्सिबल बनाता है। 

Child yoga pose
Child yoga pose

इसे चाइल्ड पोज़ कहा जाता है, जिसे करने के लिए घुटनों पर बैठकर, सांस लेते हुए, सिर को आगे झुकाकर माथे से जमीन को छूने की कोशिश करके किया जाता है। आसन को कम से कम पांच बार दोहराएं। यह पीठ के निचले हिस्से, जांघों, और कूल्हों को फैलाने के साथ आंतरिक और बाहरी शरीर की मालिश करता है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभदायक है और थकान एवं तनाव में भी राहत देता है। 

yoga poses to add to your practice if you have PCOS
Malasana i.e Garland yoga pose

मलासन को गारलैंड पोज़ भी कहा जाता है, जिसे कूल्हों की तुलना में पैरों को अधिक फैलाकर किया जाता है। सांस छोड़ें और घुटने मोड़ें ताकि स्क्वैट स्थिति में हों। बांहों को उठाएं और थाइज को अंदर की ओर करें। कम से कम तीन बार दोहराएं। यह आसान शरीर को टोन करने के साथ पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है। यह कूल्हों, कमर, और रीढ़ की हड्डी को फ्लेक्सिबल बनाता है और कब्ज से राहत देता है। 

Seated Forward Bend yoga pose
Seated Forward Bend yoga pose

पश्चिमोत्तानासन को सीटेड फॉरवर्ड बेंड भी कहा जाता है, जिसे करने के लिए पैर आगे फैलाएं। सांस अंदर लेते हुए बांहों को ऊपर करके सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुककर पैरों को पकड़ा जाता है। कम से कम 30 सेकंड के लिए रुकें। इसे करने से मोटापा कम होता है और पेट की चर्बी कम होती है। इसे करने से पीठ की मांसपेशियां खुलती हैं और हैमस्ट्रिंग और पिंडलियां फैलती हैं, जिससे भी वजन कम होने में मदद मिलती है।  

Boat yoga pose
Boat yoga pose

इसे बोट पोज़ भी कहा जाता है, जिसे करने के लिए बांहों के बल लेटकर, घुटने मोड़ें। वापस पहुंचें और पैरों के टॉप को पकड़ें। सांस लें और चेस्ट और थाइज को जमीन से उठाएं, खुद को अपने पेट पर संतुलित करें। रिलीज करने से पहले 15-30 सेकंड के लिए रुकें। इसे करने से पीठ, कंधों, और गर्दन की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। साथ ही यह रीढ़ की हड्डी को फ्लेक्सिबल भी बनाता है। 

स्पर्धा रानी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज ने हिन्दी में एमए और वाईएमसीए से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। बीते 20 वर्षों से वे लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट लेखन में सक्रिय हैं। अपने करियर में कई प्रमुख सेलिब्रिटीज़ के इंटरव्यू...