Mishri Milk Benefits: मिश्री का सेवन हम सालों से माखन मिश्री और प्रसाद के रूप में करते आ रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं मिश्री औषधीय गुणों से भरपूर होती है, जिसका उपयोग अनिद्रा, अपच और एनीमिया जैसी हेल्थ प्रॉब्लम्स से छुटकारा पाने के लिए भी किया जा सकता है। इसे एक तरह की प्राकृतिक शुगर माना जाता है, जिसके आश्चर्यजनक फायदे होते हैं। मिश्री गन्ने के रस से बनाई जाती है जिसे उबालकर पतला किया जाता है। ये शुगर से कहीं अधिक लाभदायक और गुणकारी मानी जाती है। मिश्री को यदि दूध के साथ मिलाकर सेवन किया जाए तो कई रोगों से छुटकारा मिल सकता है। तो चलिए जानते हैं दूध के साथ मिश्री खाने से शरीर को क्या फायदा होता है।
Also read : इन तरीकों से करें कुकिंग, कुछ ही दिनों में होगा वेट लॉस: Cooking Tips for Weight Loss
डाइजेस्टिव सिस्टम में सुधार

मिश्री को बनाते समय इसमें पानी मिलाया जाता है जिसके कारण मिश्री पचने में सामान्य शुगर की तुलना में हल्की होती है। यही वजह है कि मिश्री में शुगर की अपेक्षा कम मिठास होती है। दूध के साथ मिश्री का सेवन करने से डाइजेस्टिव सिस्टम में सुधार होता है। इससे डाइजेशन को बढ़ावा मिलता है साथ ही एसिडिटी और अपच की समस्या को भी कम किया जा सकता है। मिश्री को गर्म दूध की जगह एक गिलास ठंडे दूध में मिलाकर पीने से अधिक लाभ होता है।
तनाव को करे कम
जिन लोगों को तनाव या एंग्जाइटी की समस्या होती है उन्हें मिश्री का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए। मिश्री में ऐसे कंपाउंड होते हैं जो तन और मन को ठंडक प्रदान कर सकते हैं। इसलिए तनाव को कम करने के लिए मिश्री का सेवन हमेशा ठंडे दूध के साथ किया जाना चाहिए। मिश्री मांसपेशियों के तनाव को कम करने में भी मदद करती है इसलिए इसका सेवन घुटनों और मांसपेशियों में होने वाले दर्द में किया जाता है।
बढ़ाए ब्लड सर्कुलेशन
मिश्री का नियमित सेवन करने से ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार किया जा सकता है। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर लेवल हाई रहता है उन्हें इसका सेवन मुख्य रूप से करना चाहिए, लेकिन एक नियंत्रित मात्रा में। मिश्री और दूध को एक साथ पीने से ब्लड पतला होता है जिससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। साथ ही हार्ट भी दुरुस्त काम करता है।
मितली और उल्टी में राहत

एसिडिटी के कारण होने वाली मितली और उल्टी में मिश्री अद्भुत ढंग से काम करती है। ठंडे दूध में कुछ दाने मिश्री के मिलाकर पीने से एसिडिटी, मितली और खट्टी डकार से राहत मिल सकती है। इसके अलावा मिश्री को मुंह में रखने से भी बेचैनी कम हो जाती है। जिन लोगों को सफर के दौरान उल्टी महसूस होती है वे इसका सेवन कर सकते हैं। मितली आनी बंद हो जाएगी।
खांसी में लाभदायक
मौसम और प्रदूषण की वजह से होने वाली खांसी में मिश्री लाभदायक साबित हो सकती है। हालांकि खांसी के समय दूध का सेवन न करने की सलाह दी जाती है लेकिन यदि गर्म दूध में हल्दी और मिश्री को मिलाकर पिया जाए तो रात में होने वाली खांसी से राहत मिल सकती है। इसके अलावा अधिक खांसी आने पर यदि मुंह में कुछ दानें मिश्री के डाल लिए जाएं तो खांसी रुक जाती है। इससे निकलने वाला रसा गले को सूखने नहीं देता।
