meditation

Meditation Benefits: भागदौड़ भरी इस जिंदगी में एक ओर आसमान छूती महंगाई है तो दूसरी ओर हमारी इच्छाओं की लंबी लिस्ट। घर-​​ऑफिस-करियर इन सभी के चक्कर में आज टीनएज के बच्चों से लेकर  बुजुर्गों तक को किसी न किसी तनाव ने घेर रखा है। आपको लगता है कि आप बहुत तनाव में हैं, लेकिन अगर आप अपने आस-पास देखेंगे और किसी से पूछेंगे तो आपको महसूस होगा कि आज हर कोई टेंशन में है। तो आखिर इस टेंशन को, इस तनाव को हम सिर्फ पांच मिनट में  दूर कैसे करें, ये जानते हैं।

मेडिटेशन है बहुत काम का

Meditation Benefits
It is very important to include your five senses in meditation.

तनाव का बोझ अपने सिर पर लेकर घूमने से बेहतर है कि हम उसे उतार दें। इसके लिए हमें प्रयास जरूर करने होंगे। यह हम सभी जानते हैं कि मेडिटेशन तनाव दूर करने का सबसे अच्छा माध्यम है। लेकिन कई बार इसका असर भी नहीं होता। इसका एक प्रमुख कारण है इसे सही तरीके से नहीं करना। अमेरिका के क्लीनिकल और एजुकेशनल साइकोलॉजिस्ट के अनुसार मेडिटेशन में अपने पांचों सेंस यानी पांचों इंद्रियों को शामिल करना बहुत जरूरी है। जब हम आंखों, त्वचा, कान, नाक और जीभ को इसमें शामिल करेंगे तो हमारा तनाव सिर्फ पांच मिनट में ही दूर हो जाएगा। इससे हमारे विचार केंद्रित होंगे। खास बात यह है कि मेडिटेशन हम कहीं भी आसानी से कर सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार पार्क जैसी खुली जगह पर मेडिटेशन करना बेस्ट है।  

मेडिटेशन में ऐसे शामिल करें इंद्रियों को

सबसे पहले एक साफ स्थान देखकर आरामदायक मुद्रा में बैठ जाएं।
First of all sit in a comfortable posture by looking at a clean place.

सबसे पहले एक साफ स्थान देखकर आरामदायक मुद्रा में बैठ जाएं। अब मात्र तीन बार अपनी नाक से गहरी सांस लें और उसे छोड़े। ध्यान रखें इस दौरान शरीर के अंदर आती और जाती सांसों को महसूस करने की कोशिश करें। इसके बाद आप सामान्य रूप से सांस लें। फिर शुरू करें अपनी इंद्रियों को महसूस करने प्रक्रिया।

आंखें : सबसे पहले आंखों से शुरुआत करें। इसके लिए अपने आस-पास के वातावरण को ध्यान से देखें। उसमें कुछ अनोखा, कुछ अलग और खास देखने की कोशिश करें। वो देखने की कोशिश करें जो आपने पहले कभी नहीं देखा हो। या फिर वो देखें जिससे आपकी आंखों को सुकून मिलता है। जब ऐसी वस्तु मिल जाए तो एक मिनट तक उसे गौर से देखिए।  

त्वचा : एक मिनट के बाद आप धीरे-धीरे अपनी आंखों को बंद कर लें। अब उस जगह को पैर से महसूस करें जहां आप बैठे हैं। फिर हाथों से पैर को महसूस करें। अब वातावरण के तापमान को त्वचा पर महसूस करने की कोशिश करें। करीब एक मिनट तक इसका अनुभव करें।

कान : अपनी आंखे बंद रखें और शांत मन से अपने आसपास की आवाजों को सुनने का प्रयास करें। अगर आपको पेड़ों के पत्तों की आवाज अच्छी लगती है तो उसे सुनने की कोशिश करें। अगर आपको पक्षियों की आवाजें पसंद हैं तो उन्हें सुनें। एक मिनट तक इसपर ध्यान लगाएं।  

नाक : गहरी सांस के साथ हवा में फैली किसी भी तरह की अच्छी गंध को महसूस करने की कोशिश करें। जैसे सुबह गार्डन में पानी देने के बाद मिट्टी की खुशबू, फूलों की खुशबू, पेड़ों की महक। करीब एक मिनट तक इसपर ध्यान लगाएं।

जीभ : सबसे अंत में मुंह के स्वाद को महसूस करने का प्रयास करें। अगर कोई स्वाद नहीं महसूस कर पा रहे हैं तो भी कोई बात नहीं, बस आप प्रयास करें।

मेडिटेशन की इन बारीकियों पर ध्यान देकर आप काफी हल्कापन महसूस करेंगे। आप खुद को प्रकृति से जुड़ा हुआ महसूस करेंगे। आपका तनाव कम होगा।  साथ ही आपका ध्यान भी केंद्रित होगा।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...