Increasing Cancer in Women: महिलाओं में कैंसर तेजी से बढ़ रहा है, न सिर्फ विदेशों में बल्कि अपने देश में भी। यही वजह है कि इस खतरनाक ट्रेंड के पीछे के कारणों को समझना बहुत जरूरी है। कैंसर के मामलों में शुरुआती पहचान अहम भूमिका निभाती है, लेकिन इसके अन्य कई अंतर्निहित कारण भी हैं। आज इस आर्टिकल में हम महिलाओं में कैंसर बढ़ने के टॉप 5 कारणों का पता लगाएंगे। साथ ही यह भी जानेंगे कि कैंसर के खतरे को कम करने के लिए हम क्या कर सकते हैं।
खराब लाइफस्टाइल और डाइट

कैंसर की गिनती के बढ़ने में सबसे ज्यादा योगदान आधुनिक और इनएटकीव लाइफस्टाइल का है। कई महिलाएं अब डेस्क पर बैठकर, डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल करते हुए ज्यादा समय बिताती हैं। इससे रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी ना के बराबर हो पाती है। एक्टिविटी न करने से मोटापे का खतरा बढ़ जाता है, जो ब्रेस्ट कैंसर, कोलन कैंसर और यूटेरिन कैंसर से जुड़ा हुआ है। इसके साथ ही प्रोसेस्ड फूड्स, चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से भरपूर डाइट इंफ्लेमेशन और हार्मोनल असंतुलन का कारण बनती है। ये दोनों ही कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं।
टिप्स
रोजाना एक्सरसाइज करने के साथ ही फलों, सब्जियों और साबुत अनाज से भरपूर बैलेंस्ड डाइट को शामिल करने से कैंसर का खतरा काफी कम हो सकता है।
देरी से प्रेगनेंसी
महिलाएं पढ़ाई और करियर को तवज्जो दे रही हैं। यही वजह है कि कई महिलाएं देरी से बच्चे पैदा करना चुन रही हैं। कुछ तो बच्चे नहीं भी कर रही हैं। यह एक व्यक्तिगत और सशक्त विकल्प है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि देरी से मां बनने से कुछ कैंसर, खासकर ब्रेस्ट और ओवेरियन कैंसर होने का खतरा हो सकता है। यह मुख्य रूप से एक महिला के जीवन में एस्ट्रोजन के लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण होता है, जो कुछ कैंसर सेल्स के विकास को बढ़ावा दे सकता है।
टिप्स
जल्दी बच्चे पैदा करने वाली महिलाओं के साथ लंबे समय तक ब्रेस्ट फीड कराने वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम होता है।
पर्यावरणीय टॉक्सिन का संपर्क

पर्यावरणीय टॉक्सिन के संपर्क में आना महिलाओं में कैंसर होने और बढ़ने का एक और प्रमुख कारण है। कई घरेलू चीजों, कॉस्मेटिक्स, प्लास्टिक और कीटनाशकों में एंडोक्राइन बाधक केमिकल्स होते हैं, जो हार्मोन फंक्शन में बाधा डालते हैं। इसके अतिरिक्त वायु प्रदूषण, गंदा पानी और हानिकारक इन्डस्ट्रीयल बाय प्रोडक्ट्स को कैंसर के बढ़ते खतरे से जोड़ा गया है।
टिप्स
नैचुरल और नॉन टाक्सिक पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स चुनें और अपने आस पास केमिकल्स को लेकर सचेत रहें।
लंबे समय से हार्मोनल दवाइयों का इस्तेमाल

हार्मोनल गर्भनिरोधक और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के बढ़ते इस्तेमाल ने कैंसर के आंकड़ों को बदलने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, ये इलाज कई मायनों में फायदेमंद हैं, लेकिन लंबे समय तक इनके इस्तेमाल से ब्रेस्ट कैंसर और सर्विकल कैंसर का खतरा बढ़ गया है।
टिप्स
हार्मोन वाले इलाज को शुरू करने या जारी रखने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लिया करें।
बेहतर स्क्रीनिंग और शुरुआती पहचान
स्क्रीनिंग और डायग्नोसिस में सुधार भी कैंसर के मामलों में बढ़ोत्तरी का एक कारण है। आज महिलाओं के पास मैमोग्राम, पैप स्मीयर और जेनेटिक टेस्टिंग तक अधिक पहुंच है। इसका मतलब है कि शुरुआती स्टेज में कैंसर के ज्यादा मामलों का पता लगाया जा रहा है, विशेष रूप से ब्रेस्ट, सर्विकल और स्किन कैंसर।
टिप्स
रूटीन स्क्रीनिंग कराते रहें। सफल इलाज के लिए जल्दी पता लगाना जरूरी है।
