Loss of Appetite: आज के बिजी लाइफ स्टाइल में आपको अक्सर भूख न लगने की शिकायत रहती होगी। जिसके चलते कई बार आप या तो ब्रेकफास्ट स्किप करती होंगी या फिर लंच। कभी-कभी तो पूरा-पूरा दिन आपको भूख का अहसास तक नहीं होता। हां बीच में चाय-काॅफी का दौर जरूर चलता रहता होगा। लेकिन, जब शाम को फुर्सत में याद आता होगा तो ताज्जुब जरूर होता होगा कि अरे आज लंच तो किया ही नहीं। और तब आप स्नैक्स से ही काम चला लेती होंगी।
वैज्ञानिकों की मानें तो भूख न लगने को सीरियसली न लेना अपनी सेहत से खिलवाड़ करना है। दरअसल, भूख न लगना हमारे डायजेस्टिव सिस्टम में गड़बड़ी का संकेत है। हमारा इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है। समुचित डाइट न लिए जाने पर हमारे शरीर में पोषक तत्वों की कमी तो हो ही जाती है, साथ ही हम कई तरह की बीमारियों की चपेट में आसानी से आ सकते हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है- अपनी दिनचर्या और खानपान पर ध्यान देने की और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए कुछ आयुर्वेदिक घरेलू उपाय अपनाने की।
दिनचर्या का रखें ध्यान

यह तो आप भी मानती होंगी कि अनियमित दिनचर्या का सीधा-सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। अगर आप दिन में कम से कम 6 घंटे की नींद नहीं लेती हैं, तो दिनभर आप चिड़चिड़ी और थकी सी महसूस करती होंगी। यहां तक कि आपको भूख न लगने की शिकायत रहती होगी।
फिट रहने के लिए अगर आप नियमित रूप से रोजाना 30-40 मिनट व्यायाम या योगा करना जरूरी है। इससे एक तो आप एक्टिव रहेंगी, दूसरा आपका डायजेस्टिव सिस्टम भी ठीक रहेगा। बाॅडी का मेटाबाॅलिज्म सुचारू रूप से चलेगा और कैल्शियम जैसे न्यूट्रीशियन्स का अवशोषण ठीक से होने और एक्सट्रा कैलोरी बर्न होने पर कई बीमारियों में फायदा होगा। अपच की शिकायत दूर होगी और आपको भूख लगेगी। आप बाहर पार्क में सुबह-शाम वाॅक कर सकती हैं, साइकलिंग कर सकती हैं, बैडमिंटन, टेनिस जैसे अपने पसंदीदा गेम्स खेल सकती हैं। या फिर घर पर रहकर ट्रेडमिल वाॅक, इंडोर एक्सरसाइज या फिर योगासन कर खुद को फिट रख सकती हैं। सूर्य नमस्कार, कपाल भारती प्राणायम, पवनमुक्तासन, पश्चिमोत्तासन जैसे योगासन रोजाना करें।
मील टाइम

आपके लिए सबसे जरूरी है मील टाइम शेड्यूल तैयार करना। यह आप पर निर्भर करता है कि आप रोजाना 3 टाइम भरपेट खाना खाना पसंद करती हैं या 5-6 स्माॅल-मील रूटीन अपनाती हैं। लेकिन कोशिश करें जो भी खाए, वो जंक फूड के बजाय न्यूट्रीशिन्स से भरपूर बैलेंस हैल्दी डाइट हो। जैसे ब्रेकफास्ट और लंच के बीच और लंच और डिनर के बीच आप ब्रंच ले सकती हैं जिसमें आप फ्रूट्स, जूस, ड्राई फ्रूट्स, स्प्राउट्स जैसी चीजें ले सकती हैं। सेब, बेरीज, अमरूद, संतरा , अंगूर जैसे मौसमानुसार फलों का सेवन हमारी डायजेशन को ठीक कर भूख बढ़ाने में मदद करते हैं।
जहां तक हो सके अपने भोजन में तला-भुना, मिर्च-मसालों वाला भोजन खाने से परहेज करें। क्योंकि ये डायजेस्ट होने में काफी समय लेती हैं और देर तक पेट भरे होने का अहसास कराती हैं। वहीं तड़के में अदरक का प्रयोग करें। अदरक में मौजूद ऑयल खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ हमारी डायजेशन सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने में भी मदद करता है। भोजन में अच्छी क्वाॅलिटी के मोनो-सैचुरेटिड फैटी एसिड (म्यूफा) और पोली-सैचुरेटिड फैटी एसिड (प्यूफा) सीड्स ऑयल्स उपयोग करना कहीं बेहतर है जैसे- चिया, ऑलिव, कनौवा, सोयाबीन, सनफ्लाॅवर, ग्राउंडनट, आलमंड ऑयल। ये ऑयल ओमेगा 3 और 6 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं।
आयुर्वेदिक तरीकों से भूख न लगने की परेशानी को करें दूर

आयुर्वेद में डायजेस्टिव सिस्टम में गड़बड़ी की वजह से भूख न लगने की परेशानी को पित्त दोष से जोडा गया है। आपकी रसोई में मौजूद चीजों से इसका उपचार आसानी से किया जा सकता है। ऐसे ही कुछ उपचार इस तरह हैं जिन्हें अपनाकर आप अपनी भूख न लगने की समस्या से राहत पा सकती हैं-
- अदरक को कद्दूकस करके उसका रस निकाल लें। एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच अदरक का रस और शहद मिलाकर दिन में दो बार पिएं।
- 2-3 कप पानी में एक टेबलस्पून सौंफ और आधा टेबलस्पून मेथी दाना डाल कर उबालें। थोड़ा ठंडा होने पर ठान कर पिएं।
- छोटी इलायची और अदरक वाली चाय पिएं।
- छोटी इलायची के दाने पीस कर चबा कर खाएं। एक गिलास पानी में 1-2 इलायची उबालें। ठंडा होने पर पी लें।
- लंच के साथ जीरा पाउडर, काला नमक और सेंधा नमक मिलाकर छाछ पिएं।
- बराबर मात्रा में लौंग और छोटी पिप्पली लेकर पीस कर चूर्ण बना लें। एक से डेढ ग्राम चूर्ण को आधा चम्मच शहद में मिलाकर सुबह-शाम खाएं।
- 2-3 काली मिर्च और लौंग का पिसा मिश्रण शहद मिलाकर खाएं।
- नींबू को आधा काटकर उस पर काला नमक बुरक कर चूसें। दिन में एक बार काला नमक और जीरा पाउडर डाल कर बना नींबू पानी पिएं।
- एक गिलास पानी में एक-एक चम्मच सौंठ और गिलोय के चूर्ण को मिलाकर काढा बनाएं। ठंडा होने पर पिएं।
- अजवायन, सेंधा नमक, हरड़ और सौंठ बराबर मात्रा में लें। एक गिलास पानी में मिलाकर काढ़ा बनाएं। ठंडा होने पर पिएं।
- भोजन के साथ खाए जाने वाले रायते में तेजपत्ता पीस कर डालें।
- रोजाना रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी या गर्म दूध के साथ लें। इससे पेट साफ रहेगा और भूख लगेगी।
- अजवायन और जीरा मिलाकर बनी कच्चे आम की चटनी भोजन के साथ खाएं।
- काला नमक, पिसा जीरा डाल कर हरा धनिया, पुदीना और प्याज की चटनी खाएं।
- तवे पर गाय के घी में हींग मिलाकर उसमें एक चुटकी सौंठ और काला नमक मिलाकर खाएं।
- एक गिलास गर्म दूध में 1-2 चम्मच एरंड तेल मिलाकर रात को सोने से पहले लें। इससे पेट साफ होगा और भूख बढ़ेगी।
- 30 ग्राम हरा धनिया का रस आधा कप पानी में मिलाकर पिएं। इसमें नींबू का रस और सेंधा नमक भी मिलाएं।
- 2 चम्मच आंवले का रस, 2 चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर बने मिश्रण को खाएं।
(डॉ जे रावत, कंसल्टेंट फिजीशियन, सहगल नियो अस्पताल, दिल्ली और डॉ संजना शर्मा, आयुर्वेदिक फिजीशियन, संतुलन आयुर्वेद क्लीनिक, दिल्ली )
