Cry During Periods: महिलाएं पीरियड्स से पहले या पीरियड्स के दौरान बेवजह छोटी-छोटी बातों पर बहुत ज्यादा दुखी और परेशान होने लगती हैं। जिसके कारण वे हर बात पर रोने लगती हैं, अगर आप भी अपनी मेंसुरेशन साइकल के दौरान ऐसा ही महसूस करती हैं। तो आपको बता दें, एक रिसर्च के अनुसार लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं पीरियड्स के दौरान PMS यानी “प्री मेंसुरेशन सिंड्रोम” के फिजिकल और इमोशनल लक्षणों को महसूस करती हैं। जिसके चलते आपको हर बात पर चिंता, इरीटेशन और डिप्रेशन महसूस हो सकता है। यही कारण है, जो इस समय में छोटी-छोटी बातों पर दुखी होने और रोने के कारण बनते हैं। वूमेन हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार पीरियड्स के दौरान रोना स्वाभाविक होने के साथ-साथ आपकी हेल्थ के लिए अच्छा होता है। आइए इसके बारे में जानते हैं।
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पीरियड्स के दौरान रोने और दुखी महसूस होने के पीछे होती हैं, ये वजह: Know Is It Normal To Cry During Periods

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार पीरियड्स से पहले और पीरियड्स के दौरान दुखी और परेशान होने का कोई
फिक्स कारण नहीं है। इस समय में ओवैलुशन के बाद बॉडी में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन लेवल काफी कम हो जाता है। और केमिकल न्यूरोमीटर में ये दो हार्मोन्स सेरोटोनिन के प्रोडक्शन को एकदम धीमा कर देते हैं। जो मुश्किल दिनों में रोने का कारण बनता है। आइए इसके अन्य कारण भी जानते हैं।
लो सेरोटोनिन लेवल
सेरोटोनिन एक हैप्पी हार्मोन होता है, जो आपके मूड, बेहतर नींद और भूख को रेगुलेट करता है। ऐसे में जब शरीर में सेरोटोनिन का लेवल कम होता है, तो आप दुखी, परेशान और चिड़चिड़ा महसूस करती हैं। जो एकदम साधारण और स्वाभाविक है।
बेहतर नींद नहीं ले पाना
व्यक्ति की स्लिप क्वालिटी उसकी हेल्थ के साथ-साथ मूड को भी प्रभावित करती है। पीरियड्स के दौरान लो सेरोटोनिन लेवल नींद को प्रभावित करता है। और बेहतर नींद न ले पाने के कारण आप थका हुआ, स्ट्रेस्ड और दुखी महसूस करती हैं।
एपेटाइट में बदलाव होना
पीरियड्स से पहले या पीरियड्स के दौरान अधिकतर महिलाएं एपेटाइट में बदलाव महसूस करती हैं। जिसमें शुगरी और हाइ कार्बोहाइड्रेट फूड्स खाने की क्रेविंग्स महसूस होती है। इसीलिए आप इस समय में डोनट्स और डेजर्ट खाने के बाद बेहतर महसूस करती हैं। लेकिन, आपको बात दें शुगरी फूड आइटम्स थोड़े समय के लिए सेरोटोनिन को बूस्ट कर सकता है। लेकिन, लंबे समय में यही फूड आइटम्स डिप्रेशन का कारण बन सकते हैं।
फिजिकल एक्सरसाइज न करना
जी हां, अगर पीरियड्स के पहले या पीरियड्स के दौरान आप दर्द और ब्लोटिंग के कारण फिजिकल एक्टिविटीज या एक्सरसाइज करने से बचती हैं। तो आपको डिप्रेशन और लो महसूस हो सकता है। इस तरह के लक्षणों से बचने और बेहतर महसूस करने के लिए इस समय पर स्ट्रेचिंग और योग जरूर कर सकती हैं।
पीरियड्स के दौरान रोना नहीं चाहती हैं, तो अपनाएं ये लाइफस्टाइल बदलाव

- पीरियड्स के दौरान डिप्रेशन से दूर रहने के लिए आइसक्रीम खाने के बजाय, ओमेगा 3 फैटी एसिड रिच डाइट लें।
- पीरियड्स के समय मूड बेहतर करने के लिए
- एक्सरसाइज और योग के लिए समय निकालें। ऐसा करने से एंडोर्फिन रिलीज होता है और आप अच्छा महसूस कर पाती हैं।
- पीरियड के दौरान सोने में कठिनाई महसूस करती हैं, तो इस समय पर बेड टाइम से पहले इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स से दूर रहें और सोने से पहले मेडिटेट करें।
