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गठिया रोग से पीड़ित लोगों के लिए मानसून सीजन भारी मुसीबत लेकर आता है। कई बार तो मानसून में गठिया का दर्द इतना बढ़ जाता है कि गर्मी से राहत दिलाने वाला यह मौसम आफत लगने लगता है। सूजन, जकड़न और दर्द के कारण कुछ लोग अपने दैनिक कार्य करने तक में परेशानी महसूस करते हैं।
आपने कई लोगों से सुना होगा कि बारिश के कारण या कभी-कभी पूरे मानसून सीजन में उनके हाथ, पैर, पीठ सहित शरीर के कई ज्वाइंट्स में दर्द होने लगता है। यह परेशानी खासतौर पर महिलाओं को ज्यादा होती है। गठिया रोग से पीड़ित लोगों के लिए मानसून सीजन भारी मुसीबत लेकर आता है। कई बार तो मानसून में गठिया का दर्द इतना बढ़ जाता है कि गर्मी से राहत दिलाने वाला यह मौसम आफत लगने लगता है। सूजन, जकड़न और दर्द के कारण कुछ लोग अपने दैनिक कार्य करने तक में परेशानी महसूस करते हैं। अगर आप या आपका कोई अपना भी मानसून में ऐसी ही परेशानियों का सामना करता है तो कुछ तरीके आपको राहत दिला सकते हैं।
इसलिए बढ़ती है परेशानी

मानसून सीजन में वातावरण में काफी नमी होती है, जिसके कारण शरीर के ऊतकों में, खासतौर पर ज्वाइंट्स में ज्यादा लिक्विड जमा होने लगता है। यही कारण है कि इससे जोड़ों में अकड़न, दर्द, बेचैनी होने लगती है। जितना लिक्विड आपके ज्वाइंट्स में बढ़ेगा, आपकी परेशानी भी उतनी ही ज्यादा बढ़ने लगेगी। इसी के साथ मानसून में वायुमंडलीय दबाव में भी परिवर्तन होता है, इससे कारण भी सूजन की समस्या होने लगती है। यह दबाव गठिया को सीधे तौर पर ट्रिगर करता है और आपके ज्वाइंट्स में सूजन और दर्द का कारण बन जाता है। मानसून के मौसम में बारिश के कारण काफी फिसलन रहती है। ऐसे में गठिया से पीड़ित लोग बाहर कम निकलते हैं, क्योंकि उन्हें गिरने का डर रहता है। इस स्थिति में उनकी एक्टिविटी कम हो जाती हैं, जिसके कारण भी जकड़न की स्थिति पैदा हो जाती है।
कुछ उपाय आ सकते हैं आपके काम

मानसून सीजन में अगर आप भी पैरों, हाथों और पीठ दर्द से राहत चाहते हैं तो आसान से उपाय और सावधानियां आपके काम आ सकती हैं।
1. करें इनडोर एक्सरसाइज
मानसून के सीजन में हर किसी का मन करता है कि वह बारिश का आनंद ले, लेकिन अगर आप गठिया या किसी भी प्रकार के अन्य दर्द से पीड़ित हैं तो आप बाहर निकलने से बचें। कोशिश करें कि आप घर पर रहकर ही इंडोर एक्सरसाइज करें। घर में वॉक करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसी के साथ हल्का योग करें। इससे जोड़ों में जकड़न की समस्या नहीं होगी।
2. हीट एंड कोल्ड थेरेपी अपनाएं
मानसून के सीजन में सबसे ज्यादा असरदार होती है हीट एंड कोल्ड थेरेपी यानी गर्म और ठंडा उपचार। आप हीटिंग पैड से ज्वाइंट की सिकाई करें। चाहे तो गर्म पानी से नहा भी सकते हैं। इससे आपके ज्वाइंट्स को आराम मिलेगा। वहीं सूजन आने पर आइस पैक से जोड़ों की सिकाई करें, इससे आपको राहत मिलेगी।
3. हेल्दी डाइट लें, पर्याप्त पानी पिएं
मानसून सीजन में हेल्दी डाइट और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। पानी आपके ज्वाइंट्स में चिकनाई बनाए रखता है। वहीं अपने दैनिक आहार में ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। अखरोट, अलसी के बीच, मछली आदि का सेवन ज्यादा करें।
4. करें सही कपड़ों का चयन
मानसून सीजन की ठंडी हवाएं आपको जितनी अच्छी लगती हैं, ये कई बार उतनी ही दर्दनाक भी होती हैं। ऐसे में इस मौसम में सही कपड़ों का चयन करें। बहुत ज्यादा टाइट कपड़े न पहनें, अपने साथ हमेशा एक पतला वुलन स्टॉल या शॉल कैरी करें। इसी के साथ आपको अपनी पीठ दर्द को दूर करने के लिए भी गर्म कपड़े की मदद लेनी चाहिए। जूते हमेशा वाटरप्रूफ और अच्छी ग्रिप वाले ही पहनें।
