‘‘मुझे गर्भावस्था के मूड में उतार-चढ़ाव का लक्षण तो पता था लेकिन मैं तो हमेशा ही डिप्रेशन से घिरी रहती हूं।”
हर गर्भवती महिला मूड में उतार-चढ़ाव का सामना करती है। लेकिन अगर आप लगातार निराशा से घिरी रहती हैं तो आप उन 10 से 15 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं में से हैं। जो गर्भावस्था के दौरान डिप्रेशन की चपेट में आ जाती हैं। निम्नलिखित कारणों की वजह से कोई भावी माता अवसाद ग्रस्त हो क्या सकती है‒
- मूड डिस ऑर्डर का निजी या पारिवारिक इतिहास
- वित्तीय या वैवाहिक तनाव
- शिशु के पिता की ओर से भावनात्मक सहारे व संप्रेषण की कमी
- गर्भावस्था की जटिलताओं के कारण अस्पताल में दाखिल होना या बिस्तर पर आराम
- यदि कोई महिला क्रॉनिक रोगी रही है तो अपनी सेहत की चिंता या पिछली गर्भावस्था के दौरान हुई जटिलता या बीमारी
- यदि मिसकैरेज, जन्मजात विकृति या दूसरी समस्याओं का निजी या पारिवारिक इतिहास रहा है तो अपने शिशु की चिंता। उदासी, खालीपन, भावनात्मक चिंता, नींद का ज्यादा या कम आना, खानपान की आदतों में बदलाव, लंबी थकान, काम, खेल व अन्य गतिविधियों में अरुचि, एकाग्रता शक्ति में कमी, मूड में उतार-चढ़ाव, अपने आप को चोट पहुंचाने का भाव, शरीर में कहीं न कहीं दुःख या पीड़ा का एहसास आदि डिप्रेशन के लक्षण हैं। यदि आप भी इन्हीं से जूझ रही है तो हमारे दिए गए सुझाव आजमाएं।

- यदि ये लक्षण दो सप्ताह तक न रहें तो डॉक्टर को बताएं, वे थॉयराइड जांच के लिए कह सकती हैं। क्योंकि जैसे ही डिप्रेशन बढ़ता है या फिर साइकोथैरेपी भी दी जा सकती है। सही तरीके की मदद मिलना बहुत जरूरी है। डिप्रेशन की वजह से आप अपनी व शिशु की देखरेख नहीं कर पाएंगी। गर्भावस्था में अवसाद की वजह से कई जटिलताएं भी बढ़ जाती हैं।यह आपकी सेहत को भी बुरी तरह नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टर या थेरेपस्टि ही तय करेंगे कि इलाज में एंटीडिप्रेशन की दवा को शामिल करना है या नहीं या इसके क्या-क्या फायदे-नुकसान हो सकते हैं।
- कोई भी वैकल्पिक चिकित्सा लेने से पहले भी डॉक्टर की राय लें। वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियां काफी हद तक सहायक हो सकती हैं। ओमेगा 1 फैटी एसिड युक्त खान-पान भी सहायक है। आप डॉक्टर की राय सेओमेगा 3 फैटी एसिड की सप्लीमेंट भी ले सकती हैं।
- गर्भावस्था में अवसाद ग्रस्त होने से डिलीवरी के बाद भी डिप्रेशन का खतरा काफी बढ़ जाता है। अच्छी खबर यह है कि गर्भावस्था के पहले व बाद में सही तरह का इलाज मिलने से डिप्रेशन को रोका जा सकताहै। अपने डॉक्टर से इस बारे में राय लें।
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