Sex Desire During Periods
Sex Desire During Periods

Sex Desire During Periods: पीरियड्स को किसी भी लड़की या महिला के लिए महीने के सबसे कठिन दिनों में से एक माना जाता है। यह वह दौर होता है, जब महिला के शरीर में तेजी से बदलाव होते हैं। हार्मोनल उतार-चढ़ाव व ब्लड फ्लो के कारण ना केवल उसे दर्द होता है, बल्कि इस दौरान उसकी सेक्स की इच्छाएं भी बदल जाती हैं। हालांकि, पीरियड्स में सेक्स करना आज भी एक टैबू के रूप में देखा जाता है। लोग इसे बहुत अच्छा नहीं मानते हैं, जिसके कारण अधिकतर महिलाएं अपनी इच्छाओं को मन के अंदर ही रखती हैं। ऐसी बहुत सी महिलाएं होती हैं, जिनकी इन दिनों में संभोग करने की इच्छा बहुत अधिक बढ़ जाती है। कई बार तो उन्हें खुद भी यह समझ नहीं आता है कि वह इन दिनों में इतनी अधिक कामुक क्यों हो जाती हैं। हो सकता है कि पीरियड्स के दौरान आपकी भी यौन इच्छा काफी बढ़ जाती हो और आप अभी भी इसे समझ नहीं पा रही हों। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही कारणों के बारे में बता रहे हैं, जिसके कारण पीरियड्स में किसी महिला की यौन इच्छा बहुत अधिक बढ़ जाती है।

हार्मोनल बदलाव होना

पीरियड्स के दौरान किसी भी महिला के शरीर में हार्मोनल उतार-चढ़ाव काफी तेजी से होता है, जो कहीं ना कहीं उनकी सेक्स ड्राइव को प्रभावित करता है। आपको शायद पता ना हो, लेकिन टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन हार्मोन यौन इच्छा से जुड़े हुए हैं। पीरियड्स के दौरान टेस्टोस्टेरोन में वृद्धि महिला को सेक्स की इच्छा के लिए प्रेरित करती है। कुछ स्टडीज में भी यह बात सामने आई है कि मासिक धर्म के दौरान कामेच्छा से जुड़ा हार्मोन टेस्टोस्टेरोन बढ़ सकता है। अक्सर इन हार्मोनल बदलावों के कारण पीरियड्स से पहले और उस दौरान महिला की सेक्स इच्छा कई गुना बढ़ जाती है।

ब्लड फ्लो का बढ़ जाना

पीरियड्स के दौरान महिलाओं के अधिक कामुक होने के पीछे की एक वजह ब्लड फ्लो का बढ़ जाना भी होता है। दरअसल, पीरियड्स के दिनों में महिला के पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है, जिससे उनकी संवेदनशीलता भी बढ़ जाती है। ऐसे में महिला अधिक उत्तेजित महसूस करती है। इतना ही नहीं, जब वह साथी के साथ शारीरिक संबंध बनाती हैं, तो उसे अन्य दिनों के मुकाबले उसे अधिक आनंद आता है। बढ़ी हुई संवेदनशीलता व ब्लड फ्लो के कारण वह अधिक कामुक महसूस करती हैं।

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पीएमएस के लक्षण कम होना

आमतौर पर, यह माना जाता है कि जब एक महिला पीरियड्स में सेक्स करती है तो उसके शरीर में दर्द बढ़ जाता है जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल भिन्न होती है। आपको शायद पता ना हो लेकिन सेक्स के बाद मिलने वाले चरम सुख के बाद महिला को पीरियड्स में होने वाली ऐंठन, दर्द व अन्य परेशानियों से राहत दिला सकती है। इतना ही नहीं, इससे उन्हें प्रीमेंस्ट्रूअल सिंड्रोम (पीएमएस) के लक्षणों से भी राहत मिलती है। पीएमएस पीरियड्स से 5 से 11 दिन पहले शुरू होता है, जिसमें महिला को ऐंठन, थकान या भूख लगना आदि हो सकती है लेकिन सेक्स के दौरान जब महिला ऑर्गेज्म का अनुभव करती है तो उस दौरान एंडोॢफन रिलीज होता है, जो एक दर्द निवारक औषधी की तरह काम करता है। इससे महिला को काफी आराम मिलता है। 2013 में हुए एक अध्ययन के अनुसार पीरियड्स के दौरान कुछ महिलाओं को सिरदर्द या माइग्रेन की शिकायत हो सकती है लेकिन जीवनसाथी के साथ संबंध बनाने के बाद उन्हें आंशिक रूप से या पूरी तरह से इस दर्द से राहत मिलती है।

गर्भधारण की चिंता नहीं

Sex Desire During Periods
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पीरियड्स के दौरान महिला के गर्भवती होने की संभावना ना के बराबर होती है। ऐसे में महिला सेक्स का खुलकर आनंद ले पाती है जबकि महीने के अन्य दिनों में उसके मन में अनचाही प्रेग्नेंसी का डर रहता है। ऐसे में वह अपने साथी के साथ शारीरिक संबंध बनाते समय कहीं ना कहीं तनाव में होती है जबकि पीरियड्स के दौरान उनका तनाव काफी कम होता है। ऐसे में वह साथी के साथ बिस्तर पर अच्छा वक्त बिता पाती है। पीरियड्स के दिन सबसे ज्यादा सुरक्षित होते हैं लेकिन कई बार सेक्स के दौरान स्पर्म लंबे समय तक ओवरी में रह जाता है जिससे गर्भधारण हो सकता है। हालांकि, इसकी संभावना बहुत ही कम होती है।

प्राकृतिक ल्यूब्रिकेशन

बहुत सी महिलाएं साथी के साथ संबंध बनाने से इसलिए भी कतराती हैं क्योंकि शारीरिक संबंध बनाते समय उन्हें काफी दर्द होता है जबकि पीरियड्स के दौरान ऐसा नहीं होता है। वास्तव में, पीरियड्स के दौरान निकलने वाला ब्लड एक प्राकृतिक ल्यूब्रिकेंट की तरह काम करता है, जिससे महिला के लिए शारीरिक संबंध बनाना अधिक आरामदायक बन जाता है। ऐसे में उन्हें शारीरिक संबंध बनाने की अधिक इच्छा होती है। इतना ही नहीं, इस प्राकृतिक ल्यूब्रिकेशन के कारण वे अपने साथी के साथ शारीरिक संबंध का अधिक मजा लेती हैं।

पीरियड्स में सेक्स करने के टिप्स

अगर आप पीरियड्स में अपने पार्टनर के साथ संभोग करना चाहते हैं तो इस दौरान कुछ छोटे-छोटे टिप्स इसे अधिक आरामदायक बनाएंगे-

  • संभोग करने से पहले अपने जीवनसाथी के साथ बातचीत जरूर करें। अपने जीवनसाथी से उसके पसंदीदा पॉइंट्स के बारे में जानने की कोशिश करें। इससे आप दोनों पीरियड्स में भी सेक्स का अधिक मजा ले पाएंगे।
  • बिस्तर पर गहरे रंग का तौलिया बिछाएं। यदि आप अपनी चादरों पर दाग लगने के बारे में चिंतित हैं, तो एक तौलिया किसी भी रिसाव को सोख लेगा। इसके अलावा, ऐसी जगह सेक्स करें जिसे साफ करना आसान हो, जैसे शॉवर या बाथरूम के अंदर।
  • पीरियड्स के दौरान कुछ पोश्चर महिला को अधिक आरामदायक महसूस करवाते हैं। ऐसे में आपके और आपके साथी के लिए सबसे अच्छा क्या काम करता है, यह जानने के लिए अलग-अलग पोश्चर आजमायें।
  • पीरियड्स के दौरान भी अनचाहे गर्भ या एसटीआई को रोकने के लिए सुरक्षित सेक्स करें।
  • पीरियड्स में सेक्स के दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखें। शारीरिक संबंध बनाने के बाद तुरंत नहाने पर विचार करें। इससे दोनों साथी को अधिक सहज महसूस करने में मदद मिल सकती है।
  • पीरियड्स के दौरान महिला के प्राइवेट पार्ट अधिक संवेदनशील हो जाते हैं, ऐसे में अपने साथी की जरूरतों को समझते हुए सेक्स के दौरान जल्दबाजी न करें।
  • पीरियड्स में सेक्स के दौरान टैम्पोन बिल्कुल भी ना पहनें। यह ब्लड फ्लो को रोक सकता है, लेकिन सेक्स के दौरान इसे पहनने से यह आसानी से आपके प्राइवेट एरिया के अंदर गहराई में चला जाता है, जिससे आपको परेशानी हो सकती है। ऐसे में आपको डॉक्टरी मदद की जरूरत हो सकती है।

नोट: हर महिला पीरियड्स के दौरान अधिक कामुक महसूस करे, यह जरूरी नहीं है। हर महिला का पीरियड साइकल और उसके शरीर की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।