Bad Food Combinations: अमूमन हम सभी अपने आहार को ज्यादा आकर्षक और स्वादिष्ट बनाने के लिए कई तरह के फूड कम्बीनेशन करते रहते हैं जो देखने में तो आसान और मजेदार लगते हैं। लेकिन कभी आपने गौर किया है कि उनमेें से कई फूड कॉम्बीनेशन हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हर खाद्य पदार्थ के अपने पौष्टिक तत्व, गुण और प्रकृति होते हैैं जो अकेले खाएं जाएं, तो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। लेकिन जब उन्हें दूसरे खाद्य पदार्थों के साथ मिलाकर खाया जाए तो नुकसानदायक होते हैं।
आयुर्वेद में ऐसे भोजन को विरूद्ध आहार की संज्ञा दी गई है जो स्लो पॉयजन की तरह शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। आयुर्वेद ही नहीं हमारे आहार विशेषज्ञ भी उन्हें अवायड करने के लिए कहते हैं। आयुर्वेद के हिसाब से विरूद्ध आहार के सेवन से हमारे शरीर वात, पित्त और कफ दोषों में असंतुलन आता है। सात ही हमारी डायजेस्टिव फायर या जठराग्नि को प्रभावित भी करते हैं। जिसकी वजह से शरीर में अपच, अजीर्ण, स्किन संबंधी कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे ही कुछ गलत फूड कम्बीनेशन इस तरह हैं-
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फल- दूध और दूध से बने पदार्थ

हम सभी फ्रूट क्रीम, फ्रूट मिल्कशेक, स्मूदी का सेवन बड़े शौक से करते हैं। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार इनमें अलग-अलग तत्व और गुण होते हैं। इसके साथ ही इनका डायजेशन टाइम भी अलग-अलग होता है। इन्हें मिलाकर खाने से शरीर में टॉक्सिन यानी अम्ल पैदा होते हैं जिनसे गैस, एसिडिटी, अपच, स्किन रेशैज़, एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर सिट्रस फलों के साथ दूध या दूध से बनी चीजें खाना गलत है।
खासकर खट्टे फल से दूध फट जाता है और उसके गुण-धर्म बदलकर एसिटिक हो जाता है। जिससे यह हमारी डायजेशन धीमी करते हैं जिसकी वजह से आंतों में फर्मेन्टेशन और एलर्जी की समस्या होने लगती हैं। अगर आपको फल के साथ दूध लेना हो तो इसके लिए आल्मंड, कोकोनेट या सोया मिल्क लेना बेहतर हैं। ये प्लांट बेस्ट दूध हैं जिन्हें फलों के साथ आसानी से लिया जा सकता है। दूध-फल के सेवन में कम से कम एक से डेढ घंटे का अंतराल होना चाहिए।
मछली-दूध और दूध से बने पदार्थ

सी-फूड और चीज़ या क्रीम मिलाकर कई तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं। लेकिन इन दोनों चीजों को पचाने में देर लगती है। चूंकि मछली प्रोटीन रिच और क्रीम कैल्शियम रिच खाद्य पदार्थ हैं। इन्हें मिलाकर खाना डायजेस्टिव सिस्टम के लिए नुकसानदायक है। जब इन दोनों के कम्बीनेशन में बने व्यंजन खाते हैं, तो यह डाइजेस्टिव फायर को कम करते हैं और पाचन प्रक्रिया को धीमा करते हैं। इसकी वजह से स्किन एलर्जी, रेशैज, दानें जैसी समस्याएं होने की आशंका रहती है। इससे बचने के लिए फिश के साथ अगर क्रीमी डिप लगाकर खाने के बजाय टमाटर सॉस, धनिया-पुदीने की चटनी या नींबू मिलाकर खाना बेहतर है।
दही और घी

दही के साथ ऑयली परांठें, फ्राइज़ या पकौड़े के साथ दही से बनी चटनी खाना बहुत प्रचलन में है। लेकिन यह कम्बीनेशन गलत है क्योंकि इससे पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है। घी में हैवी फैट और दही में प्रोटीन को पचाने के लिए वैसे भी काफी समय लगता है। अगर इन्हें एक साथ खाया जाए, तो यह डायजेस्टिव सिस्टम पर अतिरिक्त दवाब डालने के समान है।
केला और दही या लस्सी

प्रकृति के हिसाब से केला मीठे और भारी होते हैं, जबकि लस्सी खट्टी और हल्की होती है। आयुर्वेद के अनुसार जब हम इन दोनों चीजों को मिलाकर खाते हैं, तो ये डायजेस्टिव सिस्टम के लिए काफी भारी होते हैं। इनकी वजह से डायजेस्टिव सिस्टम धीमा हो जाता है और शरीर में टॉक्सिन बनने लगते हैं। आहार विशेषज्ञ भी इन्हें एकसाथ न खाना उपयुक्त मानते है।
मूंगफली के बाद पानी पीना

हालांकि यह साधारण-सी बात लगती है, लेकिन इससे सेहत को कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। मूंगफली खाने के बाद अक्सर मुंह सूख जाता है और पानी पीने का मन करता है। आयुर्वेद के हिसाब से यह गलत है। क्योंकि मूंगफली ड्राई और हैवी होती है और इसे पचाने के लिए काफी समय लगता है। मूंगफली खाने के तुरंत बाद पानी पीने से डायजेस्टिव फायर गड़बड़ा सकता है, डायजेशन को कमजोर कर देता है। जिसकी वजह से मूंगफली पचाने में दिक्कत आती है। साथ ही पानी पीने से सर्दी-जुकाम भी हो सकता है। जरूरी है कि मूंगफली खाने के बाद पानी पीने के लिए कम से कम 20 मिनट इंतजार जरूर कर लेना चाहिए ताकि मूंगफली पेट में अच्छी तरह डायजेस्ट हो जाए।
दूध और नमकीन खाद्य पदार्थ खाना

आमतौर पर दूध के साथ नमकीन, बिस्कुट, रोस्टेड चने, परांठें, खाखरा या नमकीन खाद्य पदार्थ काफी खाए जाते हैं। या फिर नाश्ते में पहले नमकीन चीजें खाना और ऊपर से दूध या दूध वाली चाय लेना गलत है। इससे हमारे शरीर में दोष असंतुलन हो सकता है। खासकर पित्त दोष बढ़ जाता है जिससे स्किन एलर्जी, रेशैज, अपच, पेट दर्द हो सकता है। दूध में प्रोटीन होता है, नमक मिलने पर मिल्क प्रोटीन जम जाती है और दूध का पोषण कम हो जाता है। नमकीन चीजों के साथ दूध लेने पर यह पेट में जाने से पहले ही फट कर जम जाता है और इसे डायजेस्ट करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए दूध के साथ मीठे बिस्कुट ले सकते हैं। स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
शहद और गर्म पानी या दूध

काफी लोग वजन कम करने के उद्देश्य से शहद को सुबह गर्म पानी के साथ लेते हैं। आयुर्वेद में शहद को गर्म करके या गर्म चीजों के साथ खाना गलत माना गया है। शहद गर्म करने पर पॉयजन के समान हो जाता है और शरीर पर बुरा असर पड़ता है। पानी को उबाल कर नॉर्मल टेम्परेचर पर आने पर ही शहद मिलाकर लेना चाहिए। इसके अलावा शहद को गर्म दूध, पैन केक में मिलाकर खाना भी नुकसानदायक है।
गर्म और ठंडी चीजें एक साथ खाना

भोजन करने के बाद आइसक्रीम खाना, कोल्ड ड्रिंक या ठंडा पानी पीना गलत है। इससे जठराग्नि और पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। स्किन संबंधी समस्याएं होने लगती हैं।
(डॉ कोमल मलिक, आयुर्वेदिक चिकित्सक, दिल्ली)
