Overview: छोटी चाल, बड़ा असर
भले ही साधारण चलना फेफड़ों की क्षमता को सीधा न बढ़ाए, लेकिन यह उनकी कार्यक्षमता, ऑक्सीजन उपयोग क्षमता और सांसों की ताकत को ज़रूर सुधार देता है। रोज़ थोड़ा-बहुत चलना आपकी सांसों को हल्का, शरीर को सक्रिय और जीवन को सेहतमंद बना सकता है।
How Simple Walking Improve Lung Capacity: हम अक्सर सुनते हैं कि रोज़ाना टहलना सेहत के लिए अच्छा होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि चलना आपके फेफड़ों को भी बेहतर बना सकता है? विशेषज्ञों के अनुसार, साधारण चलना सीधे-सीधे फेफड़ों की क्षमता (lung capacity) नहीं बढ़ाता, लेकिन यह फेफड़ों को ज़्यादा असरदार तरीके से काम करने में मदद करता है। यानी फेफड़े जितनी हवा लेते हैं, उसका बेहतर इस्तेमाल करना सीख जाते हैं।
गहरी सांसों से खुलते हैं फेफड़ों के छिपे हिस्से

जब आप चलते हैं, तो आपकी सांसें गहरी होने लगती हैं। इससे फेफड़ों में ज़्यादा हवा जाती है और जो हिस्से आमतौर पर इस्तेमाल नहीं होते, जैसे फेफड़ों का निचला हिस्सा, वो भी खुल जाते हैं। इस वजह से शरीर में ऑक्सीजन का लेन-देन बेहतर होता है और खून में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है।
दिल और फेफड़ों की साझेदारी
चलने से सिर्फ फेफड़े ही नहीं, बल्कि दिल भी मज़बूत होता है। जब आप चलते हैं, तो दिल को खून पंप करने के लिए थोड़ा ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है। धीरे-धीरे यह दिल और फेफड़ों दोनों की कार्यक्षमता (efficiency) को बढ़ा देता है, जिससे शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन आसानी से पहुंच पाती है।
मजबूत मांसपेशियां, बेहतर सांसें
इसके अलावा, नियमित चलने से मांसपेशियां (muscles) भी मज़बूत होती हैं। जब मांसपेशियां मज़बूत होती हैं, तो वे ऑक्सीजन का इस्तेमाल ज़्यादा असरदार तरीके से करती हैं। यानी शरीर को कम ऑक्सीजन में भी ज़्यादा काम करने की ताकत मिल जाती है। इससे सांस फूलना कम होता है और व्यक्ति खुद को ज़्यादा एनर्जेटिक महसूस करता है।
विशेषज्ञों की सलाह – रोज़ की वॉक बनाएं आदत
कुल मिलाकर, चलना भले ही फेफड़ों की क्षमता न बढ़ाए, लेकिन यह उनकी कार्यक्षमता, ऑक्सीजन के इस्तेमाल और आपकी सांसों की ताकत को ज़रूर बेहतर बनाता है। रोज़ थोड़ा-बहुत चलना आपकी सांसों को हल्का और शरीर को ज़्यादा तंदरुस्त बना सकता है
