Women's Problem
Aluminum Utensils Credit: Istock

Overview: एल्यूमिनियम के बर्तन में खाना पकाने से महिलाओं में बढ़ रही हैं ये समस्याएं, बनाएं दूरी

एल्यूमिनियम के बर्तनों में खाना पकाने से महिलाओं को हार्मोनल असंतुलन, अल्जाइमर, सिरदर्द, कैंसर और गुर्दे की बीमारियां हो सकती हैं।

Aluminum Utensils Causing: हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में एल्यूमिनियम के बर्तन का उपयोग आम है। हम इनमें खाना पकाते हैं, एल्यूमिनियम की बोतलों में पानी पीते हैं और गर्म खाने को फॉयल में लपेटते हैं। यह धातु हमारे जीवन का हिस्सा बन चुकी है। लेकिन कई शोध बताते हैं कि एल्यूमिनियम के बर्तनों का उपयोग स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। जब हम एल्यूमिनियम के बर्तनों में खाना पकाते हैं, तो लगभग 1-2 मिलीग्राम एल्यूमिनियम खाने में मिल जाता है, जो कई हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स का कारण बन सकता है। खासकर महिलाओं के लिए ये अधिक घातक हो सकता है। वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, एल्‍यूमिनियम किडनी और हार्ट जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। तो चलिए जानते हैं एल्यूमिनियम के बर्तन महिलाओं के लिए अधिक खतरनाक क्‍यों माने जाते हैं और इससे कैसे छुटकारा पाएं।

महिलाओं में हार्मोनल समस्याएं

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एल्यूमिनियम के बर्तनों में खाना पकाने से महिलाओं में हार्मोनल इम्‍बैलेंस की समस्या बढ़ सकती है। विशेष रूप से, पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज (पीसीओडी) का खतरा बढ़ सकता है। एल्यूमिनियम के कण भोजन में मिलकर हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकते हैं, जिससे अनियमित पीरियड, वेट गेन और फर्टीलिटी संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। यह महिलाओं के स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है।

ब्रेन टिशू पर प्रभाव

हाल के कुछ शोधों के अनुसार, एल्यूमिनियम के बर्तनों में खाना पकाने से अल्जाइमर रोग का खतरा बढ़ सकता है। एल्‍यूमिनियम का अधिक उपयोग करने से अल्जाइमर और पार्किंसन डिमेंशिया से पीड़ित मरीजों के ब्रेन टिशू में एल्यूमिनियम की मात्रा बढ़ जाती है। इसके अलावा, एल्यूमिनियम के बर्तनों का उपयोग बार-बार सिरदर्द का कारण बन सकता है। खासकर महिलाओं को सिरदर्द की समस्‍या अधिक होती है। एल्यूमिनियम के कण मस्तिष्क के कार्यों को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे स्मृति हानि और अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती हैं।

एसिडिक रिएक्‍शन

एल्यूमिनियम के बर्तन एसिडिक खाद्य पदार्थों, जैसे सिरका, टमाटर और नींबू, के साथ प्रतिक्रिया करते हैं। इस प्रतिक्रिया से एल्यूमिनियम के आयन भोजन में घुल जाते हैं, जिससे भोजन में इस धातु की मात्रा बढ़ जाती है। यह शरीर में कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए एसिडिक व्यंजनों को पकाने के लिए एल्यूमिनियम के बर्तन उपयुक्त नहीं हैं।

कैंसर का जोखिम

Risk of cancer
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हालांकि इस दावे का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन माना जाता है कि एल्यूमिनियम के बर्तनों में पकाया गया भोजन शरीर में विषाक्तता बढ़ा सकता है। यह विषाक्तता कैंसर कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा दे सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक एल्यूमिनियम के संपर्क में रहने से शरीर में हानिकारक प्रभाव पड़ सकते हैं, जो कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

गुर्दे की बीमारियां

शरीर में अतिरिक्त एल्यूमिनियम गुर्दे की बीमारियों का कारण बन सकता है। अत्यधिक एल्यूमिनियम विषाक्तता पैदा कर सकता है, जिससे गुर्दे की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और किडनी फेल्योर का खतरा बढ़ सकता है।

अपनाएं सुरक्षित विकल्प और सावधानियां

– स्टेनलेस स्टील, कास्ट आयरन, सिरेमिक या कांच के बर्तन स्वास्थ्य के लिए बेहतर माने जाते हैं। ये बर्तन भोजन के साथ प्रतिक्रिया नहीं करते और सुरक्षित हैं।

– इसके अलावा एसिडिक खाद्य पदार्थों को एल्यूमिनियम के बर्तनों में पकाने से बचें।

– एल्यूमिनियम फॉयल का उपयोग कम करें, खासकर गर्म भोजन को लपेटने के लिए।

– नियमित रूप से बर्तनों की जांच करें और खरोंच वाले या क्षतिग्रस्त बर्तनों का उपयोग न करें।

– खाना पकाने के लिए नॉन-स्टिक बर्तनों का चयन करें, जिनमें एल्यूमिनियम की परत न हो।